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गजल देती है मन को शांति और चैन

गजल मन को शांति ही नहीं, बल्कि चैन भी देती है। हर पल कापी व पैन साथ में रहता है। जब भी कुछ शब्द याद आए, सहज ही पंक्तियां बनकर गजल में पिरो दी जाती हैं...यह कहना है बिलासपुर के लेखक अमरनाथ धीमान का। बिलासपुर जिला के अली खड्ड के किनारे दली…

शुद्धि पत्र

तीन दिसंबर के दिव्य हिमाचल के पृष्ठ आठ पर छपे प्रतिबिंब की सीरीज ‘लेखक के संदर्भ में किताब’ को लेकर हम पाठकों को सूचित करना चाहते हैं कि इसमें कुछ तकनीकी खामियां रह गई थीं। इस कारण इस सीरीज की किस्त नंबर पांच को खारिज समझा जाए। अमरनाथ धीमान…

सूचना से संवाद : मीडिया की कान खिंचाई

पुस्तक समीक्षा * पुस्तक का नाम : सूचना से संवाद (पत्रकारिता का भारतीय परिप्रेक्ष्य) * लेखक : डा. जयप्रकाश सिंह * प्रकाशक : वैदिक पब्लिशर्ज, नई दिल्ली * कुल पृष्ठ : 110 * मूल्य : रुपए 125/- (पेपर बैक), रुपए 240 (हार्ड कवर) क्या भारतीय मीडिया…

मर्यादा में रहकर होता है सृजन

लेखक के संदर्भ में किताब हिमाचल का लेखक जगत अपने साहित्यिक परिवेश में जो जोड़ चुका है, उससे आगे निकलती जुस्तजू को समझने की कोशिश। समाज को बुनती इच्छाएं और टूटती सीमाओं के बंधन से मुक्त होती अभिव्यक्ति को समझने की कोशिश। जब शब्द दरगाह के…

कवि प्रदीप : देश भक्ति के गाने लिखकर समृद्ध किया साहित्य

देशभक्ति के गाने लिखकर समृद्ध किया साहित्य कवि प्रदीप (जन्म : 6 फरवरी, 1915, उज्जैन, मध्य प्रदेश;  मृत्यु : 11 दिसंबर, 1998, मुंबई, महाराष्ट्र) का मूल नाम रामचंद्र नारायणजी द्विवेदी था। प्रदीप हिंदी साहित्य जगत् और हिंदी फिल्म जगत् के एक…

बालकृष्ण शर्मा : प्रगतिशीलता के कवि

बालकृष्ण शर्मा नवीन (जन्म - 8 दिसंबर, 1897 ई., भयाना ग्राम, ग्वालियर; मृत्यु - 29 अप्रैल, 1960) हिंदी जगत् के कवि, गद्यकार और अद्वितीय वक्ता थे। हिंदी साहित्य में प्रगतिशील लेखन के अग्रणी कवि पंडित बालकृष्ण शर्मा नवीन के पिता श्री जमनालाल…

पाठक का हाल पूछती हैं श्याम लाल की कहानियां

पुस्तक समीक्षा * पुस्तक का नाम : संवेदनाएं (कहानी संग्रह) * लेखक का नाम : श्याम लाल शर्मा * मूल्य : 235 रुपए * कुल कहानियां : 25 * कुल पृष्ठ : 187 * प्रकाशक : नोशन प्रेस, चेन्नई लेखक श्याम लाल शर्मा का कहानी संग्रह ‘संवेदनाएं’ समीक्षार्थ…

मैथिलीशरण गुप्त : राष्ट्रवाद के प्रखर साहित्यकार

मैथिलीशरण गुप्त (जन्म-3 अगस्त, 1886, झांसी; मृत्यु-12 दिसंबर, 1964, झांसी) खड़ी बोली के प्रथम महत्त्वपूर्ण कवि थे। महावीर प्रसाद द्विवेदी की प्रेरणा से उन्होंने खड़ी बोली को अपनी रचनाओं का माध्यम बनाया और अपनी कविता के द्वारा खड़ी बोली को…

लोक संस्कृति के उत्थान में

जुटे हैं अमरनाथ कुल गजलें : 22 कुल पुरस्कार : 04 मुख्य पुस्तकें : जिंदगी का सफर (हिंदी गजल संग्रह), प्रेरणा जन्म : 8 नवंबर 1964 जन्म स्थान : मैहरी-काथला शिक्षा : एमए, बीएड माता :      रूपां देवी पिता :   शेर सिंह धीमान गजलें सुकून ही नहीं…

सुकून और सीख देती है गजल

हिमाचल का लेखक जगत अपने साहित्यिक परिवेश में जो जोड़ चुका है, उससे आगे निकलती जुस्तजू को समझने की कोशिश। समाज को बुनती इच्छाएं और टूटती सीमाओं के बंधन से मुक्त होती अभिव्यक्ति को समझने की कोशिश। जब शब्द दरगाह के मानिंद नजर आते हैं, तो किताब…

मंचीय कविता का नहीं है कोई विजन

हिमाचल का लेखक जगत अपने साहित्यिक परिवेश में जो जोड़ चुका है, उससे आगे निकलती जुस्तजू को समझने की कोशिश। समाज को बुनती इच्छाएं और टूटती सीमाओं के बंधन से मुक्त होती अभिव्यक्ति को समझने की कोशिश। जब शब्द दरगाह के मानिंद नजर आते हैं, तो किताब…

हरिवंश राय बच्चन

हरिवंश राय बच्चन (जन्म : 27 नवंबर, 1907 - मृत्यु : 18 जनवरी, 2003) हिंदी भाषा के प्रसिद्ध कवि और लेखक थे। इनकी प्रसिद्धि इनकी कृति ‘मधुशाला’ के  लिए अधिक है। हरिवंश राय बच्चन के पुत्र अमिताभ बच्चन भारतीय सिनेमा जगत के प्रसिद्ध सितारे हैं।…

पाती…

प्रतिबिंब के अंतर्गत 12-11-2017 को प्रकाशित डा. सुशील कुमार फुल्ल का साहित्यिक परिचय और साक्षात्कार पढ़ा। ‘दिव्य हिमाचल’ को इस मायने में साधुवाद कि इस घोर सृजन विरोधी माहौल में भी आपने एक उम्मीद, एक आस, एक सपने को जिंदा रखा है। दहलीज पर एक…

ठोकरें खाकर प्रौढ़ हुआ साहित्य

प्रतिष्ठित साहित्यकार सुरेश सेन निशांत मंडी जिले से संबंध रखते हैं। उनका जन्म 12 अगस्त 1959 को हुआ। पहल, नया ज्ञानोदय, वार्गथ, जनपथ, वसुथा, जनपक्ष, विपाशा आदि प्रकाशनों में उनकी रचनाएं प्रकाशित हुई हैं। ‘कुछ थे जो कवि नहीं थे’ तथा ‘वे जो…

माहिल की किताब में स्वच्छ समाज की कामना

पुस्तक समीक्षा पुस्तक का नाम : स्वच्छ समाज की कामना लेखक का नाम : प्रेमचंद माहिल मूल्य : निशुल्क कुल पेज : 148 कुल प्रश्न : 117 हमीरपुर के सेवानिवृत्त प्रवक्ता प्रेम चंद माहिल ‘स्वच्छ समाज की कामना’ नामक पुस्तक का दूसरा संस्करण लेकर आए हैं।…
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