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अभिव्यक्ति के लिए कीमत चुकानी पड़ती है

लिखना, अक्षर-अक्षर जुगनू बटोरना और सूरज के समकक्ष खड़े होने का हौसला पा लेना, इस हौसले की जरूरत औरत को इसलिए ज्यादा है क्योंकि उसे निरंतर सभ्यता, संस्कृति, समाज और घर-परिवार के मनोनीत खांचों में समाने की चेष्टा करनी होती है। कुम्हार के चाक…

बात हक की गजल के पर्दे में

भावाभिव्यक्ति मानव मात्र की चाहत भी है और ज़रूरत भी। कवि-लेखक एक सजग सचेत निरीक्षक होता है जो जीवन के तमाम खट्टे-मीठे कटु अनुभवों को, जो उसे निरंतर उद्वेलित करते रहते हैं, उन दृश्यों को जो उसके हृदय को आलोडि़त कर जाते हैं, को आत्मसात् करता…

खुद को खुद की नजर से देखा जाए

घर, परिवार समाज और परिवेश प्रोत्साहित ही करता है, आंतरिक आत्मविश्वास और संबल माता-पिता से प्राप्त होता है। रिश्तों और दोस्ती में नकारात्मक लोगों को हटाना प्रत्येक स्त्री को आना चाहिए। अवांछनीय खरपतवार को हटाकर जीवन की क्यारी को सुंदर बनाना,…

दबाव के रहते भी लेखक-मन पीछे नहीं हटता

रचना प्रक्रिया में घर-परिवार, समाज व परिवेश हमेशा ही आगे रहता है। महिला लेखिका को आज भी इन समस्याओं से दो-चार होना पड़ता है। चाहकर भी नारी अपनी लेखन प्रतिभा को गति नहीं दे पाती, जिसकी वह इच्छा करती है। भारतीय समाज आज भी पूरी तरह महिला पर…

निर्णय ले सकने की सहूलियत व छूट

लिखना, अक्षर-अक्षर जुगनू बटोरना और सूरज के समकक्ष खड़े होने का हौसला पा लेना, इस हौसले की जरूरत औरत को इसलिए ज्यादा है क्योंकि उसे निरंतर सभ्यता, संस्कृति, समाज और घर-परिवार के मनोनीत खांचों में समाने की चेष्टा करनी होती है। कुम्हार के चाक…

खुद के मानवीय सरोकारों को पहचानना होगा

रचना-प्रक्रिया में घर-परिवार कहां फिट होता है? मेरे हिसाब से यह रुचि और समय का सवाल है। लिखने में मन रमा हो तो खाना-वाना किसे याद रहता है। जो भी करती हूं, इच्छा से करती हूं, मजबूरी से नहीं। जबरदस्ती दोनों के बीच तालमेल नहीं बिठाती हूं। कभी…

चक्रव्यूह भेद कर रास्ते तलाशने होंगे

निजी अनुभव के आधार पर कहना चाहूंगी कि घर, परिवार एवं समाज वर्तमान बदलती परिस्थितियों एवं प्रगतिशील जागरूक सोच के चलते महिलाओं के लेखन के संग-संग चलते प्रोत्साहित करता है। विषय में गहरी घुसपैठ, समय से लड़ने का हौसला, शिल्प रचाव का धैर्य,…

लिखना महिला का संवैधानिक अधिकार है

आसान नहीं है एक महिला का लेखिका बनना। जिंदगी के अंधसागर में गोते खाती, कुछ लिखने के लिए एक सूखी जमीन का टुकड़ा तलाशती है, अपने सुख और आराम के क्षणों को चुराती है, तब कहीं महिला ‘एक लेखिका’ बनती है। एक महिला के पास लिखने के लिए बहुत कुछ है,…

सूर्यकांत त्रिपाठी निराला

सूर्यकांत त्रिपाठी निराला (जन्म-21 फरवरी, 1896, मेदनीपुर, बंगाल; मृत्यु-15 अक्तूबर, 1961, प्रयाग) हिंदी के छायावादी कवियों में कई दृष्टियों से विशेष महत्त्वपूर्ण हैं। निराला जी एक कवि, उपन्यासकार, निबंधकार और कहानीकार थे। उन्होंने कई…

मूल से जुड़ना स्व से जुड़ना है

लिखना, अक्षर-अक्षर जुगनू बटोरना और सूरज के समकक्ष खड़े होने का हौसला पा लेना, इस हौसले की जरूरत औरत को इसलिए ज्यादा है क्योंकि उसे निरंतर सभ्यता, संस्कृति, समाज और घर-परिवार के मनोनीत खांचों में समाने की चेष्टा करनी होती है। कुम्हार के चाक…

मुंशी प्रेम चंद

मुंशी प्रेमचंद (जन्म 31 जुलाई, 1880 - मृत्यु 8 अक्तूबर, 1936) भारत के उपन्यास सम्राट माने जाते हैं जिनके युग का विस्तार सन् 1880 से 1936 तक है। इस युग में भारत का स्वतंत्रता-संग्राम नई मंजिलों से गुजरा। प्रेमचंद का वास्तविक नाम धनपत राय…

नितांत एकांत पाने की चुनौती

लिखना, अक्षर-अक्षर जुगनू बटोरना और सूरज के समकक्ष खड़े होने का हौसला पा लेना, इस हौसले की जरूरत औरत को इसलिए ज्यादा है क्योंकि उसे निरंतर सभ्यता, संस्कृति, समाज और घर-परिवार के मनोनीत खांचों में समाने की चेष्टा करनी होती है। कुम्हार के चाक…

आचार्य रामचंद्र शुक्ल

आचार्य रामचंद्र शुक्ल (जन्म - 4 अक्तूबर, 1884, मृत्यु - 1941 ई.) बीसवीं शताब्दी के हिंदी के प्रमुख साहित्यकार थे। उनके द्वारा लिखी गई पुस्तकों में हिंदी साहित्य का इतिहास प्रमुख है, जिसका हिंदी पाठ्यक्रम को निर्धारित करने में प्रमुख स्थान…

संवेदना के सुजगे कहानीकार : एसआर हरनोट

लेखक के संदर्भ में किताब हिमाचल का लेखक जगत अपने साहित्यिक परिवेश में जो जोड़ चुका है, उससे आगे निकलती जुस्तजू को समझने की कोशिश। समाज को बुनती इच्छाएं और टूटती सीमाओं के बंधन से मुक्त होती अभिव्यक्ति को समझने की कोशिश। जब शब्द दरगाह के…

मोक्ष का उज्ज्वल रास्ता है ‘आत्म मंथन’

पुस्तक समीक्षा पुस्तक का नाम : आत्म मंथन लेखक का नाम : डॉ. आरके गुप्ता मूल्य : 350 रुपए प्रकाशक : पार्वती प्रकाशन, 73-ए, द्वारिकापुरी, इंदौर, मध्य प्रदेश बिलासपुर से संबंधित हिमाचल के प्रसिद्ध लेखक डॉ. आरके गुप्ता इस बार आध्यात्मिक विषयों…
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