घृतमंडल पर्व बज्रेश्वरी मंदिर

इस पर्व पर बज्रेश्वरी मंदिर कांगड़ा में घृतमंडल तैयार किया जाता है। गर्भगृह से लेकर प्रांगण तक मां के दिव्य भवन में मां के भक्तों का तांता लगा रहता है। यह परंपरा देवीय काल से चली आ रही है और शक्तिपीठ मां बज्रेश्वरी के इतिहास से…

गोरखनाथ मंदिर

उत्तर प्रदेश में गोरखनाथ मंदिर नाथ संप्रदाय का प्रमुख केंद्र है। हिंदू धर्म, दर्शन, अध्यात्म और साधना के अंतर्गत विभिन्न संप्रदायों और मत-मतांतरों में नाथ संप्रदाय का प्रमुख स्थान है। संपूर्ण देश में फैले नाथ संप्रदाय के विभिन्न मंदिरों तथा…

जीवन को सुखी बनाने वाला तंत्र-मंत्र

आप दिन भर स्वस्थ थे, अचानक ही आपकी तबीयत बिगड़ने लगी। आपकी आंखें उदास सी हो गई हैं और आपका चेहरा उतरा हुआ और बदन में दर्द है तो समझ जाइए कि आपको किसी की बुरी नजर लगी है। नजर उतारने के कई उपाय होते हैं, जैसे साबुत लाल मिर्च, नींबू या…

किसी अजूबे से कम नहीं हैं महाभारत के पात्र

माना जाता है कि परशुराम ने 21 बार हैहयवंशी क्षत्रियों को समूल नष्ट किया था। क्षत्रियों का एक वर्ग है जिसे हैहयवंशी समाज कहा जाता है, यह समाज आज भी है। इसी समाज में एक राजा हुआ था सहस्त्रार्जुन। परशुराम ने इसी राजा और इसके पुत्र और पौत्रों…

वैराग्य के साथ परमानंद

श्रीश्री रवि शंकर वैराग्य का आना स्वाभाविक है। उम्र बढ़ने के साथ, तुम्हारा मन स्वतः ही छोटी-छोटी बातों में नहीं अटकता है। जैसे बचपन में तुम्हें लालीपॉप से लगाव था पर वह लगाव स्कूल या कालेज आने पर स्वतः ही छूट गया। बड़े होने पर भी दोस्त तो…

पूर्वजों की तृप्ति के लिए होता है पितृयज्ञ

पितृयज्ञ : यह यज्ञ पूर्वजों की तृप्ति के निमित्त किया जाता है। इसमें पितरों का तर्पण, श्राद्ध एवं उनके निमित्त अन्न आदि का दान किया जाता है। संतति और ऐश्वर्य प्राप्ति पितरों की कृपा से ही प्राप्त हो पाती है। भूतयज्ञ : इसमें त्याग एवं…

व्रत एवं त्योहार

12 जनवरी रविवार, पौष, कृष्णपक्ष, द्वितीया, स्वामी विवेकानंद जयंती 13 जनवरी सोमवार, पौष, कृष्णपक्ष, तृतीया, गणेश संकष्ट चतुर्थी व्रत, लोहड़ी 14 जनवरी मंगलवार, माघ, कृष्णपक्ष, चतुर्थी, मकर संक्रांति 15 जनवरी बुधवार, माघ, कृष्णपक्ष,…

नासिर को देखने के लिए रोमांचित थीं सहेलियां

सौंदर्य के क्षेत्र में शहनाज हुसैन एक बड़ी शख्सियत हैं। सौंदर्य के भीतर उनके जीवन संघर्ष की एक लंबी गाथा है। हर किसी के लिए प्रेरणा का काम करने वाला उनका जीवन-वृत्त वास्तव में खुद को संवारने की यात्रा सरीखा भी है। शहनाज हुसैन की बेटी नीलोफर…

आनंदमय होने का महत्त्व

सद्गुरु जग्गी वासुदेव आनंद और सुख ये दो शब्द अकसर एक दूसरे के पर्याय के रूप में इस्तेमाल कर लिए जाते हैं, लेकिन दोनों में बहुत बड़ा अंतर है। क्या अंतर है इनमें? मिस्र की एक दंतकथा है। अगर कोई व्यक्ति स्वर्ग में प्रवेश पाना…

मौन रहने की कला

श्रीराम शर्मा मौन रहने व कम बोलने से न केवल हमारी वाणी का संयम होता है, अपितु इससे हमारी जीवनीशक्ति का भी संचय होता है। मौन हमें कई बार व्यर्थ के विवादों व उनसे उत्पन्न होने वाली बड़ी परेशानियों से बचा लेता है। इसके विपरीत जो आदतन चुप नहीं…

जीवन का स्वभाव

ओशो एक सादगी भरा व्यक्ति जान लेता है कि प्रसन्नता जीवन का स्वभाव है। प्रसन्न रहने के लिए किन्हीं कारणों की जरूरत नहीं होती। बस तुम प्रसन्न रह सकते हो। केवल इसीलिए कि तुम जीवित हो। जीवन प्रसन्नता है, जीवन आनंद है, लेकिन ऐसा संभव होता है…

धर्म का वास्तविक अर्थ

बाबा हरदेव आध्यात्मिक जगत में धर्म का वास्तविक अर्थ है वास्तविक स्वभाव यानी मनुष्य का अपने वास्तविक स्वभाव से जुड़ जाना, वापस अपने घर में पहुंच जाना अर्थात मनुष्य का अपने हकीकी स्वभाव में लौट आने परमात्मा में दाखिल हो जाने का प्रतीक है। अब…

अध्यात्म और साधना

स्वामी विवेकानंद गतांक से आगे... इस निमंत्रण को स्वामी जी ने स्वीकार कर लिया और विभिन्न शहरों में व्याख्यान देने लगे। वे जहां कहीं भी जाते,श्रोता उन्हें सुनने के लिए वहीं पहुंच जाते थे। खास-खास शहरों से स्वामी विवेकानंद के पास वहां आने के…

जेन कहानियां : शिकायत के दो शब्द

एक जेन आश्रम अपने कठोर अनुशासन के लिए विख्यात था। आश्रम में पूर्ण मौन का पालन होता था। किसी को भी बोलने की अनुमति नहीं थी। इस नियम का एक मात्र अपवाद था कि आश्रम में दस वर्ष पूरे एक साधक आश्रम के प्रधान गुरु के पास गया,मुझे दस वर्ष हो चुके।…

विवाद से परे है ईश्वर का अस्तित्व

स्वास्थ्य के साधारण नियमोपनियम एक ओर, इनकी मनमानी एक ओर, तथा इस रस्साकशी में सामान्य व्यवस्था लड़खड़ा जाती है और इन हारमोनों की मनमानी जीतती है। इन स्रावों का रासायनिक विश्लेषण करने पर वे सामान्य स्तर के ही सिद्ध होते हैं, उनमें कुछ ऐसी…