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अंबोआ की नालियों की रोज करवाओ सफाई

नंगल जरियालां —  लोअर बाजार नंगल जरियाला-अंबोआ में पानी की निकासी के लिए बनी नालियां नाकाम साबित हो रही हैं। यह बाजार अंबोआ और नंगल जरियालां दो पंचायतों का बाजार है। बाजार में पानी की निकासी के लिए बनाई गई निकासी नालियों में समय-समय पर सफाई…

आज तक क्यों नहीं हुई पार्किंग की पहल

‘‘उम्मीदों की नींव पर ही सही, इक पुल चाहिए। गांव-शहर से जुड़ें, डग भरने का हमें भी हक चाहिए।’’मगर विडंबना यही रही कि लगातार उम्मीदों के कई पुल ढह गए और कई सोचे भी न जा सके। भौगोलिक परिस्थितियां सियासत के दृष्टिकोण पर इतनी भारी पड़ेंगी यही…

संतोषगढ़ में कब बनेगा सार्वजनिक टायलट

संतोषगढ़ —  नगर संतोषगढ़ में रोजाना दूर-दराज क्षेत्रों से सैकड़ों लोग अपने कामकाज के लिए आते हैं, वही सैकड़ों लोग रोजाना संतोषगढ़ बाजार स्थित विभिन्न प्रकार की खरीददारी व अन्य कामों को निपटाने के पहुंचते हैं। नगर में उपडाकघर, एसबीआई बैंक,…

दौलतपुर चौक में क्यों नहीं बना बाइपास

दौलतपुर चौक —  नगर पंचायत दौलतपुर चौक में ट्रैफिक जाम विकराल समस्या के रूप में उभर चुका है, लेकिन प्रशासन द्वारा इसके निराकरण के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। आलम यह है कि एक ही दिन में कई बार जाम से लोगों को गुजरना पड़ता है, जिससे लोग…

मांग-मांग कर मिलीं भवारना को सिर्फ अधूरी सुविधाएं

‘‘उम्मीदों की नींव पर ही सही, इक पुल चाहिए। गांव-शहर से जुड़ें, डग भरने का हमें भी हक चाहिए।’’ मगर विडंबना यही रही कि लगातार उम्मीदों के कई पुल ढह गए और कई सोचे भी न जा सके। भौगोलिक परिस्थितियां सियासत के दृष्टिकोण पर इतनी भारी पड़ेंगी यही…

कौन बुझाएगा सिरडी की प्यास

‘‘उम्मीदों की नींव पर ही सही, इक पुल चाहिए। गांव-शहर से जुड़ें, डग भरने का हमें भी हक चाहिए।’’मगर विडंबना यही रही कि लगातार उम्मीदों के कई पुल ढह गए और कई सोचे भी न जा सके। भौगोलिक परिस्थितियां सियासत के दृष्टिकोण पर इतनी भारी पड़ेंगी यही…

सड़क सुविधा को तरस रहा किलोड़

‘‘उम्मीदों की नींव पर ही सही, इक पुल चाहिए। गांव-शहर से जुड़ें, डग भरने का हमें भी हक चाहिए।’’मगर विडंबना यही रही कि लगातार उम्मीदों के कई पुल ढह गए और कई सोचे भी न जा सके। भौगोलिक परिस्थितियां सियासत के दृष्टिकोण पर इतनी भारी पड़ेंगी यही…

सुन लो…दशहरे में इस बार आसानी से मिले पानी

दशहरा उत्सव के दौरान पानी के लिए शहरवासियों को दर-दर भटकना पड़ता है। नगर परिषद कुल्लू के कई वार्डों में दशहरा उत्सव के समय पानी की किल्लत रहती है। शहर में 22 हजार से अधिक आबादी  है। वहीं, इसके साथ इसी आंकडे़ के मुताबिक शहर में किराए के मकान…

सीएचसी मार्कंडेय को कब मिलेंगे डाक्टर

जुखाला में लगभग 20 पंचायतों के लिए बने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मार्कंडेय की हालत आजकल बहुत दयनीय हो चुकी और यह स्वास्थ्य केंद्र उधार के चिकित्सकों पर चला रहा है। कई बार उधार के चिकित्सक नहीं मिलते तो फार्मासिस्ट से काम चलाया जाता है। अगर…

12 साल से क्यों नहीं बनी डंपिंग साइट

सुजानपुर - बीते 12 वर्षों से सुजानपुरवासी शहर में वेस्ट डंपिंग साइट बनने का इंतजार कर रहे हैं। हर बार संयंत्र प्लांट को बनाने की योजना बनने से पहले ही धड़ाम हो जाती है। आलम यह है कि आज भी सुजानपुर शहर का कूड़ा-कर्कट आग लगाकर ही खत्म किया…

इतना बड़ा शहर और टायलट नहीं!

ऊना - ऊना मुख्यालय पर रोजाना सैकड़ों लोग जिला के दूरदराज के क्षेत्रों से आते है। उपायुक्त कार्यालय, जिला अदालत व विभिन्न सरकारी कार्यालयों में ही सैकड़ों लोग हर रोज अपने कार्यों के निष्पादन के लिए ऊना शहर आते है। वहीं असंख्य लोग जिला…

गोसदन तक नहीं बना पाई सरकार

‘‘उम्मीदों की नींव पर ही सही, इक पुल चाहिए। गांव-शहर से जुड़ें, डग भरने का हमें भी हक चाहिए।’’मगर विडंबना यही रही कि लगातार उम्मीदों के कई पुल ढह गए और कई सोचे भी न जा सके। भौगोलिक परिस्थितियां सियासत के दृष्टिकोण पर इतनी भारी पड़ेंगी यही…

बंगाणा को क्यों नहीं मिल रहा फायर ब्रिगेड

बंगाणा —  ऊना जिला के तहत बंगाणा उपमंडल में हर साल लाखों रुपए की संपत्ति आग की भेंट चढ़ती है, लेकिन अभी तक बंगाणा के लोगों को अग्निशमन केंद्र की सुविधा नहीं मिल पाई है। यहां के लोगों को अग्निशमन केंद्र सुविधा नहीं मिलने के चलते उनके सामने…

रोप-वे के लिए आखिर कहां फंस गया पेंच

कई सालों से अधर में लटका रज्जू मार्ग का कार्य अभी तक भी शुरू नहीं हो पाया है। यह कार्य सिर्फ कागजों में सिमट कर रह गया। अगर यह कार्य शुरू हो जाता तो नयनादेवी व्यापार के साथ भी बढ़ जाते सरकार की सुस्त कार्यप्रणाली तारा माधव शर्मा का कहना है…

पांच साल से क्यों नहीं हुआ तटीकरण

भोरंज  —  जिला हमीरपुर और मंडी के संगम पर सीर खड्ड के चैनेलाइजेशन के कार्य को मौजूदा सरकार कोई भी कार्य नहीं कर पाई है। पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल की सरकार ने सीर खड्ड के चैनेलाइजेशन के लिए 64 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान…
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