Divya Himachal Logo Sep 26th, 2017

किनौर


किन्नौर में अवैध स्टोन क्रशरों का बोलबाला

रिकांगपिओ – किन्नौर जिला में अवैध स्टोन क्रशरों का धंधा थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिला में स्थापित करीब एक दर्जन स्टोन क्रशरों के पास पुख्ता कानूनी दस्तावेज न होने के कारण यह सभी स्टोन क्रशर को या रात के अंधेरे में चलाया जा रहा है या फिर बडे़ लोगों के संरक्षण में दिन में ही धड़ल्ले से चल रहे हैं। यहां तक कि अधिकांश स्टोन क्रशर मालिकों के पास पुख्ता खनन पटिकाएं तक नहीं होने के साथ-साथ नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल । एनजीटी। द्वारा निर्धारित मापदंड, जिनमें एनएच से दूरी, नदी-नालों से दूरी, पुलों से दूरी, आवादी देय से दूरी, परियोजना रेजर वायर से दूरी आदि कई पैरा मीटरों को दत्ता बताया जा रहा है। हाल ही में आरटीए से खुलासा हुआ है कि किन्नौर जिला में करीब एक दर्जन स्टोन क्रशर पूरी तरह अवैध रूप से चल रहे हैं। बाहरी प्रदेशों से आए यह खननकर्ता जनजातीय लोगों की नासमझी का फायदा उठाने के साथ रसूक के दम पर कायदे-कानूनों को ठेंगा दिखा रहे हैं, ऐसे में जनजातीय समाज पर सीधा प्रतिकूल असर पड़ रहा है। सत्यजीत नेगी, राधाकृष्ण नेगी, रवि नेगी, वीरेंद्र नेगी, अजेंद्र नेगी, कृष्ण गोपाल, जितेंद्र नेगी, सीडी नेगी, सत्या नेगी, अभिषेक, शेखर, नागेश, अनिल, विनोद आदि ने इस बात की कड़ी निंदा करते हुए इस तरह के अवैध कार्यों पर प्रतिबंध लगाने के लिए सरकार द्वारा अधिकृत किए गए अधिकारियों के प्रति कड़ी नाराजगी जताई है। सवाल तो यह है कि किन्नौर में चल रहे इस गोरखधंधे की जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ अवैध खन्न पर प्रतिबंध लगाने के लिए सरकार द्वारा अधिकृत किए गए करीब एक दर्जन विभागों के अधिकारी क्यों चुप्पी साधे हुए हैं। ऐसे अवैध कार्यों पर समयबद्ध नियमों के अनुरूप कार्रवाई करने के लिए सरकारी व्यवस्थाएं हाथ पीछे क्यों खींच रही हैं। इन बातों पर सवालिया निशान लगना लाजिमी है।

September 26th, 2017

 
 

पोल

क्या वीरभद्र सिंह के भ्रष्टाचार से जुड़े मामले हिमाचल विधानसभा चुनावों में बड़ा मुद्दा हैं?

View Results

Loading ... Loading ...
 
Lingual Support by India Fascinates