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किनौर


मौन पालन पर बांटी जानकारी

रिकांगपिओ – कृषि विज्ञान केंद्र किन्नौर के प्रशिक्षण सभागार में निकरा परियोजना के अंतर्गत किसानों के लिए तीन दिवसीय  प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। परियोजना की कौशल विकास कार्यक्रम के अंतर्गत मधुमक्खी पालन प्रबंधन पर आयोजित इस शिविर में केंद्र के वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को मधुमक्खी पालन के प्रबंधन एवं इसकी उपयोगिता पर विस्तार से जानकारी प्रदान की। क्षेत्रीय बागबानी अनुसंधान व प्रशिक्षण केंद्र एवं कृषि विज्ञान केंद्र्र शारबो के सहनिदेशक डा. पंकज गुप्ता ने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की इस परियोजना के अंतर्गत किसानों के कौशल विकास के लिए इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान केंद्र के वैज्ञानिक डा. राकेश, डा. डीपी भंडारी एवं डा. राजीव ने अपने-अपने विषयों से संबंधित जानकारी किसानों को देने के साथ मधुमक्खियों का फलों एवं सब्जियों के परागण में भूमिका पर विस्तार से चर्चा की । इस अवसर पर राजकुमार, ललिता कुमारी सहित कई अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे। इस प्रशिक्षण शिविर में उपस्थित किसानों को वैज्ञानिकों द्वारा जहां विस्तार से जानकारी प्रदान की गई वहीं व्यावहारिक जानकारी भी किसानों को दी गई, ताकि इस तीन दिन के प्रशिक्षण शिविर में किसानों को जो जानकारी प्रदान की गई है उसे किसान प्रायोगिक तौर पर भी समझ सके। किसानों को शुद्वारंग में एक निजी एपाइरी (मौन पालन केंद्र) का भ्रमण करवाया, ताकि किसानों को मौन पालन या मधुमक्खी पालन की  बारीकियों को अच्छी तरह से समझ सके। इस प्रशिक्षण शिविर में कीट विज्ञान विशेषज्ञ डा. राकेश ने किसानों को मधुमक्खी पालन प्रबंधन पर विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की ताकी किसानों को पता चल सके कि मधुमक्खियां शहद का स्रोत होने के साथ साथ फसलों के परांगण में भी विशेष भूमिका निभाती हैं।

February 27th, 2017

 
 

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