हिमाचल में खेल वातावरण कब तक

भूपिंदर सिंह लेखक, राष्ट्रीय एथलेटिक प्रशिक्षक हैं राज्य में खेल संस्थान की मांग पिछले एक दशक से हो रही है, ताकि उसमें प्रशिक्षण दिलाने वाले प्रशिक्षकों को पंजाब व अन्य राज्यों की तरह अनुबंधित किया जा सके। ये ही यहां खोजे गए किशोर…

बदलाव मांगते सरकारी स्कूल

पूजा, मटौर सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या कम होने  के कई कारण माने जा रहे हैं। एक तरफ जहां शिक्षकों की कमी इसका मुख्य कारण माना जा रहा है, वहीं और भी कई कारण हैं, जैसे सरकारी स्कूलों में प्री-नर्सरी कक्षाएं न शुरू करना,  स्कूल के…

जनता, जनप्रतिनिधि और जनतंत्र

पीके खुराना लेखक, वरिष्ठ जनसंपर्क सलाहकार और विचारक हैं एक मजबूत जनतंत्र के लिए हमें अपने जनप्रतिनिधियों पर ‘जनप्रतिनिधि वापसी विधेयक’, ‘गारंटी विधेयक’, ‘जनमत विधेयक’ और ‘जनप्रिय विधेयक’ लाने के लिए दबाव बनाना है। इन कानूनों के अस्तित्व…

पर्याप्त डाक्टर दो

देव गुलेरिया, योल कैंप, धर्मशाला केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभियान ‘स्वच्छ-स्वस्थ भारत’ के सपने को हम शायद ही साकार कर पाएंगे। कितने ही गांवों के शौचालयों का असली ब्यौरा जब सामने आता है, तो पता चलता है कि किसी की छत नहीं है, किसी की…

संदर्भों को बदलने का श्रमदान

अपने स्तर पर संदर्भों को बदलने की कोशिश में जब तक पूरा समाज सक्रिय नहीं होगा, हम राष्ट्र निर्माण नहीं कर पाएंगे। इस प्रयास के कई आयाम और रुकावटें हो सकती हैं, लेकिन ताल ठोंकने के लिए किसी को तो पहल करनी होगी। हिमाचल के शिक्षा मंत्री सुरेश…

पुलिस निष्क्रिय क्यों

कांतिलाल मांडोत, सूरत सूरत सहित देश में बलात्कार की अनेक घटनाओं में आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। गुजरात, दिल्ली, मुंबई, हिमाचल प्रदेश, मध्यप्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, बिहार सहित देश भर में लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। कैंडल मार्च…

पर्यावरण के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण की जरूरत

प्रताप सिंह पटियाल लेखक, बिलासपुर से हैं यह बात काफी हद तक सही है कि देश की उन्नति के लिए सड़कें, बिजली व बड़े उद्योग लगाने जरूरी हैं, मगर इस अनियंत्रित विकास के नाम पर हजारों की संख्या में अंधाधुंध पेड़ों का कटान व बड़ी मशीनों द्वारा…

‘नकदबंदी’ के सूत्रधार कौन?

दिल्ली समेत 11 राज्यों के बैंकों और एटीएम में नकदी की किल्लत है। अप्रैल के पहले 13 दिनों में ही करीब 45,000 करोड़ रुपए की निकासी हुई, जबकि औसतन मांग 8.45 हजार करोड़ रुपए की होती रही है। संकट वाले राज्यों में आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक…

जांच के पहरे में पर्यटन

यह पहला सीजन है जब हिमाचली पर्यटन की सीमा पर जांच का सख्त पहरा बरकरार है। ऐसे में नकारात्मक पर्यटन के अनुभव में सीजन की शुरुआत होटलों के बंद कमरे तथा मायूसी के आलम में हो रही है। धर्मशाला-मकलोडगंज व मनाली-कसोल की करीब अढ़ाई सौ होटल-रेस्तरां…

हर सरकारी संस्थान का दायित्व सुनिश्चित हो

अश्वनी भट्ट लेखक,  खनियारा, धर्मशाला से हैं जब तक संस्थानों को विद्यालय स्तर पर अधिक स्वायत्तता नहीं दी जाती, तब तक कोई भी कानून व नीति वांछित सुधार नहीं ला सकती क्योंकि इसको लागू करवाने की अंतिम जिम्मेदारी विद्यालय स्तर पर ही तय की…

बेटियों के लिए मानसिकता बदलें

लता मुकेश, कांगड़ा भारत एक ऐसा देश है जहां कभी बेटियों को कम आंका जाता था, लेकिन बेटियों ने ऐसे-ऐसे काम किए कि देश और मां-बाप का सर फख्र से ऊचां कर दिया, लेकिन आज अगर देखा जाए तो परिस्थितियां कुछ और ही हैं। आज देश में  न जाने हर दिन कितनी…

टैक्सी आपरेटरों के आगे हम बेबस

हिमाचल फोरम एक ओर निजी स्कूलों की मनमानी और हर साल बढ़ रही फीसों से अभिभावक परेशान हैं तो वहीं अब निजी टैक्सी आपरेटरों की मनमानी भी अभिभावकों पर भारी पड़ रही है। अपनी मनमर्जी से किराए में बढ़ोत्तरी टैक्सी चालकों ने की है। इससे अभिभावकों को…

भगवा आतंकवाद का झूठ

क्या अब कहा जा सकता है कि ‘भगवा या हिंदू आतंकवाद’ नाम की कोई हकीकत नहीं है? वह कांग्रेस की राजनीतिक साजिश थी और वह हिंदू-मुसलमान विभाजन से वोट बटोरना चाहती थी। यूपीए सरकार में गृहमंत्री रहे सुशील कुमार शिंदे और चिदंबरम के इन आरोपों से…

बिटकॉयन को बंद करना होगा

डा. भरत झुनझुनवाला लेखक, आर्थिक विश्लेषक  एवं टिप्पणीकार हैं बिटकॉयन उसी प्रकार है जैसे किसी ओलंपिक मेडल को कोई व्यक्ति लाखों रुपए देकर खरीदने को तैयार हो सकते हैं। सरकार द्वारा जारी किए गए नोट की कीमत इस बात पर निर्भर करती है कि सरकार…

प्राइवेट स्कूलों के लिए बसें चलाए एचआरटीसी

कांगड़ा जिला के तहत नूरपूर में हुए निजी स्कूली बस के सड़क हादसे के बाद प्रशासन ने सख्त रवैया अपनाया है। इसके चलते निजी स्कूलों में लगी प्राइवेट गाडि़यों और बिना परमिट की बसों को बंद तो कर दिया गया है, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ पड़ रहा…