हिमाचल विश्वविद्यालय एथलेटिक्स 2019

भूपिंदर सिंह

राष्ट्रीय एथलेटिक प्रशिक्षक

राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला की कनीजों ने पांच हजार व दस हजार मीटर की दौड़ को सम्मानजनक समय में दौड़ते हुए धर्मशाला को दो स्वर्ण पदक दिलाए। इन चार मध्य व लंबी दूरी की स्पर्धाओं में हिमाचली धाविकाएं अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में पदक जीत सकती हैं…

धर्मशाला के सरकारी महाविद्यालय द्वारा सिंथैटिक ट्रैक पर सत्र 2019-20 की हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय एथलेटिक्स प्रतियोगिता का आयोजन 29 सितंबर से एक अक्तूबर तक संपन्न हुआ। इस प्रतियोगिता में राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के पुरुष व महिला टीमों ने विभिन्न स्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए दोनों पुरुष व महिला वर्गों की विजेता ट्रॉफी को जीता। दोनों की पुरुष व महिला वर्गों की उपविजेता ट्रॉफियों पर कब्जा राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर का रहा। इस प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के तीव्रतम धावक का खिताब राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के पारस ने 100 मीटर दौड़ को 10.85 सेकंड में दौड़कर पाया, वहीं पर महिला वर्ग में यह खिताब राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर की प्रिय ठाकुर ने 100 मीटर की दौड़ को 12.40 सेकंड में दौड़ कर जीता। राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला की मनीषा ने 800 मीटर दौड़ को रिकार्ड समय 2 मिनट 13 सेकंड में दौड़कर सर्वश्रेष्ठ धाविका के लिए सबसे अधिक अंक अर्जित किए। 800 मीटर की महिला दौड़ में दूसरे स्थान पर आने वाली धाविका राजकीय महाविद्यालय बिलासपुर की नीतिका शर्मा ने 2 मिनट 14.5 सेकंड तथा राजकीय महाविद्यालय की धाविका सुनिता ने 2 मिनट 14.9 सेकंड में दौड़ते हुए तीसरे स्थान पर आकर भी पिछले विश्वविद्यालय कीर्मिमान को पीछे छोड़ दिया। इसी तरह 1500 मीटर दौड़ में भी मनीषा ने अपना दूसरा स्वर्ण पदक 4 मिनट 39.4 सेकंड, सुनिता ने रजत पदक 4 मिनट 39.8 सेकंड तथा नितिका शर्मा ने कांस्य पदक 4 मिनट 42 सेकंड से जीतकर इस दौड़ में भी पिछले कीर्तिमान को तोड़ दिया। राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला की कनीजों ने पांच हजार व दस हजार मीटर की दौड़ को सम्मानजनक समय में दौड़ते हुए धर्मशाला को दो स्वर्ण पदक दिलाए। इन चार मध्य व लंबी दूरी की स्पर्धाओं में हिमाचली धाविकाएं अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में पदक जीत सकती हैं। पुरुष वर्ग में राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के पारस ने पहली 200 मीटर दौड़ की 22 सेकंड से नीचे दौड़ते हुए 21.92 सेकंड का कीर्मिमान बनाकर सर्वश्रेष्ठ धावक के लिए सबसे अधिक अंक अर्जित कर लिए। इस दौड़ में राजकीय महाविद्यालय देहरी के अभिषेक ने भी रजत पदक जीतते हुए पिछले कीर्तिमान से अच्छा 22.17 सैकंड का समय निकाला। अभिषेक ने 400 मीटर दौड़ को 49.80 सेकंड में दौड़कर स्वर्ण पदक जीता है। राजकीय महाविद्यालय धर्मपुर जिला मंडी के अनिल ने पांच व दस हजार मीटर की दौड़ों में अपने महाविद्यालय के लिए दो स्वर्ण पदक जीते हैं। इस प्रतियोगिता में तेज गति की दौड में पुरुष वर्ग के धावकों के समय में काफी सुधार देखा गया है।

यह अलग बात है कि कोई भी हिमाचली धावक अखिल भारतीय अंतर विश्व विद्यालय एथलेटिक में प्रदेश विश्वविद्यालय को कोई भी पदक नहीं दिला सका है। अंतर विश्वविद्यालय एथलेटिकस प्रतियोगिता में तीन दशक पूर्व राजकीय महाविद्यालय सोलन के विद्यार्थी धावक अमरीश जौली 400 मीटर के फाइनल तक दौड़ा था। वहीं पर राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर के तत्कालीन धावक अनिल शर्मा ने 200 मीटर के फाइनल में दौड़कर आने वाले तेज गति के धावकों को आशा की किरण दिखाई है। अनिल शर्मा पांच बार हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय एथलेटिक्स प्रतियोगिता का सर्वश्रेष्ठ धावक रहा है। इस ने 200 व 400 मीटर के विश्वविद्यालय कीर्तिमानों को  कई बार सुधारा है। वरिष्ठ राष्ट्रीय एथलेटिक्स में भी यह धावक 400 मीटर की दौड़ को 48.58 सेकंड में दौड़ चुका है। आजकल यह स्टार धावक हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग में टीजीटी आर्ट्स के पद पर कार्यरत है। अनिल शर्मा प्रतिदिन शाम के समय स्कूल से आकर अणु के सिंथैटिक ट्रैक पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाता है। कई दर्जन स्कूली व महाविद्यालयों के धावक व धाविकाएं इस के प्रशिक्षण सत्र में देखे जा सकते हैं। राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर द्वारा अंतर महाविद्यालय एथलेटिकस प्रतियोगिता-2019 धर्मशाला में जीती गई ट्राफियों में इस शौकिया प्रशिक्षक के अधिकतर धावक व धाविकाएं पदक विजेता हैं। पिछले वर्ष की तरह इस बार भी इस प्रतियोगिता के समय को लेकर विवाद रहा। अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालय एथलेटिक्स प्रतियोगिता अभी 24 नवंबर से शुरू होगी और अगले सप्ताह अंतर विश्वविद्यालय क्रास कंटरी प्रतियोगिता हो रही है। अच्छा होता यह प्रतियोगिता इस क्रास कंटरी के बाद होती, ताकि धावक-धाविकाएं क्रास कंटरी के बाद ही अपनी स्पीड वर्क शुरू करते जो प्रशिक्षण विज्ञान के अनुसार ठीक भी है। आशा करते हैं कि भविष्य में विश्वविद्यालय व जिस महाविद्यालय में यह प्रतियोगिता होगी, उस महाविद्यालय का प्रशासन इन मूलभूत नियमों का ख्याल रखेगा। आगामी अखिल भारतीय प्रतियोगिता के लिए चयनित धावक-धाविकाओं को शुभकामनाएं।

हिमाचली लेखकों के लिए

लेखकों से आग्रह है कि इस स्तंभ के लिए सीमित आकार के लेख अपने परिचय तथा चित्र सहित भेजें। हिमाचल से संबंधित उन्हीं विषयों पर गौर होगा, जो तथ्यपुष्ट, अनुसंधान व अनुभव के आधार पर लिखे गए होंगे। 

-संपादक

You might also like