एथलेटिक्सः मंडी से नालागढ़ तक

भूपिंदर सिंह राष्ट्रीय एथलेटिक प्रशिक्षक मंडी से नालागढ़ तक के इस सफर के 45 वर्षों में काफी कुछ सुधरा है। हिमाचल में अंतरराष्ट्रीय स्तर के एक नहीं तीन सिंथैटिक टै्रक हैं। कई धावक-धाविकाएं राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता…

निचले स्तर तक पहुंचे प्रतिभा खोज

भूपिंदर सिंह राष्ट्रीय एथलेटिक प्रशिक्षक स्कूल स्तर पर अच्छे खिलाडि़यों के लिए प्रशिक्षण सुविधा का भी प्रबंध अनिवार्य रूप से होना चाहिए। सरकार को चाहिए कि शिक्षा विभाग के स्कूलों में हर बच्चे का बैटरी टेस्ट कम से कम…

एथलेटिक्स में हमीरपुर जिला

भूपिंदर सिंह राष्ट्रीय एथलेटिक प्रशिक्षक हमीरपुर एथलेटिक्स संघ एकमात्र ऐसा खेल संघ है, जिसमें केवल पूर्ण एथलीट ही पदाधिकारी व सदस्य हैं। इस संघ के लाइफ अध्यक्ष प्रो. डीसी शर्मा हैं, जो स्वयं शारीरिक शिक्षा के प्राध्यापक रहे हैं…

खेल विंग को तरसते खिलाड़ी

भूपिंदर सिंह राष्ट्रीय एथलेटिक प्रशिक्षक धर्मशाला व बिलासपुर में खेल छात्रावास हैं, इसलिए हमीरपुर महाविद्यालय में खेल विंग एथलेटिक्स के लिए चल सकता है। वर्षों पूर्व यहां पर जब निजी स्तर पर निःशुल्क एथलेटिक प्रशिक्षण चला तो लगभग दो दशकों…

एशियाई मुक्केबाजी में आशीष को पदक

भूपिंदर सिंह राष्ट्रीय एथलेटिक प्रशिक्षक आज आशीष एशियाई मुक्केबाजी प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में पहुंचकर पदक विजेता तो बन ही गया है। हिमाचल प्रदेश सरकार को चाहिए कि इस स्टार मुक्केबाज को आउट ऑफ टर्न पदोन्नति देकर इसके हौसले को इतना बुलंद…

हिमाचल एथलेटिक तब और अब

भूपिंदर सिंह राष्ट्रीय एथलेटिक प्रशिक्षक अंकेश चौधरी, सावन वरवाल व तमन्ना सहित और भी कुछ एक नाम हैं, जो आने वाले कल में हिमाचल को राष्ट्रीय स्तर पर पदक देकर भारत का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। आज हिमाचल के धावकों व धाविकाओं तथा उनके…

किशोरों का गिरता स्वास्थ्य स्तर

भूपिंदर सिंह राष्ट्रीय एथलेटिक प्रशिक्षक गेहूं, मक्का आदि अनाज हमारे अपने खेत में आज भी हो जाता है, मगर उसे न खाकर हम सस्ते डिपो से मिलने वाले बिना प्रोटीन के आटे की रोटी खा रहे हैं। हमारे खाने से हमें मिलने वाला परंपरागत प्रोटीन, जो…

सुमन रावत का खेल सफर

भूपिंदर सिंह राष्ट्रीय एथलेटिक प्रशिक्षक 24 दिनों में तीन मैराथन दौड़कर लिम्का बुक में अपना नाम भी सुमन रावत दर्ज करा चुकी हैं। 1988 में चंद्र प्रकाश मेहता से शादी कर आज सुमन रावत मेहता बेटी रुद्राक्षी व बेटे राहुल की मां है। 1984 से…

उत्कृष्ट प्रदर्शन की नींव बचपन

भूपिंदर सिंह राष्ट्रीय एथलेटिक प्रशिक्षक इस सबका कारण है हमारे देश में स्कूली स्तर पर आठ से 12 वर्ष के बच्चों के लिए कोई भी ऐसा कार्यक्रम नहीं है, जिससे स्पीड जैसी महत्त्वपूर्ण शारीरिक क्षमता का सही ढंग से विकास हो सके। हमारे देश में…

अजय ठाकुर को पद्म श्री

भूपिंदर सिंह राष्ट्रीय एथलेटिक प्रशिक्षक अजय ठाकुर का फुटवर्क भी इसी प्रशिक्षण केंद्र की देन है। अजय ठाकुर अभी अगले एशियाई खेलों तक अपना खेल जारी रखेगा। पहली मई, 1986 को जन्मे अजय ठाकुर का खेल जीवन हिमाचली युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत…

शिक्षा के अर्थ में खेल जरूरी

भूपिंदर सिंह राष्ट्रीय एथलेटिक प्रशिक्षक आज हमें हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में एथलेटिक्स क्रियाओं से जुड़ी स्पर्धाओं का प्रशिक्षण देकर अपने विद्यार्थियों की फिटनेस को निखारना होगा। शारीरिक क्षमताओं को मापने के लिए एथलेटिक में बैटरी टेस्ट…

शीतकालीन खेलों में हिमाचली

भूपिंदर सिंह राष्ट्रीय एथलेटिक प्रशिक्षक हिमाचल में अगर विश्व स्तरीय शीतकालीन खेलों की सुविधा होगी, तो यहां पर अधिकतर एशियाई स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित होती रहेंगी, जैसे जापान के नागानों में हर वर्ष कोई न कोई प्रतियोगिता होती रहती है।…

पर्वतारोही को चाहिए प्रायोजक

भूपिंदर सिंह राष्ट्रीय एथलेटिक प्रशिक्षक हिमाचल प्रदेश से पहली बार एवरेस्ट फतह करने वालों में डिकी डोलमा, बलदेव कंवर व राधा देवी आदि पर्वतारोहियों के लिए उस समय पूरा खर्चा भारतीय पर्वतारोहण संस्थान ने उठाया था। इस समय हिमाचल प्रदेश में…

शिलारू खेल केंद्र का अधूरा सफर

भूपिंदर सिंह राष्ट्रीय एथलेटिक प्रशिक्षक भारत के धावकों तथा अन्य आक्सीजन वाली खेलों के खिलाडि़यों को ऊंचाई पर प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए यूरोप सहित अन्य ऊंचाई पर स्थित प्रशिक्षण केंद्रों में भेजने के लिए प्रतिवर्ष करोड़ों की विदेशी…

खेल मिटा सकता है नशे की आदत

भूपिंदर सिंह राष्ट्रीय एथलेटिक प्रशिक्षक हमें अपने बच्चों को नशेड़ी बनाना है या भविष्य के अच्छे नागरिक,  इसके लिए हमें आज ऐसे स्कूलों की जरूरत है जहां अच्छी पढ़ाई के साथ विद्यार्थी के स्वास्थ्य के लिए फिटनेस कार्यक्रम भी हो। विकसित…