हिमाचल में 20 गैर जरूरी कानून खत्म
शिमला – जयराम सरकार ने 20 ऐसे गैर जरूरी कानूनों को निरस्त कर दिया है, जो अंग्रेजों के समय से चल रहे थे। इस संदर्भ में बीते विधानसभा मानसून सत्र में प्रदेश सरकार ने विधेयक पारित किया था, जिसे प्रदेश के राज्यपाल ने अंतिम मंजूरी दे दी है। इस संदर्भ में बुधवार को राज्य सरकार ने अधिसूचना भी जारी कर दी। प्राप्त जानकारी के मुताबिक प्रदेश में अब ये गैर जरुरी कानून समाप्त हो गए हैं। जारी अधिसूचना के मुताबिक अब राज्य में दि पंजाब स्मॉल टाउनज टैक्स वैलिडेटिंग एक्ट-1934, दि पंजाब न्यू टाउनशिप स्ट्रीट लाइटिंग एंड वाटर सप्लाई फीस एक्ट-1950, हिमाचल प्रदेश निरसन अधिनियम-1954, हिमाचल प्रदेश निरसन अधिनियम-1964, दि पंजाब टाउन इम्प्रूवमेंट एमेंडमेंट एंड मिसलेनियस प्रोविजन एक्ट-1965, हिमाचल प्रदेश पशुधन और पक्षी रोग अधिनियम-1968, हिमाचल प्रदेश निरसन अधिनियम-1968, हिमाचल प्रदेश निरसन अधिनियम-1972, हिमाचल प्रदेश भूमि विकास अधिनियम-1973, हिमाचल प्रदेश ट्रैक्टर खेती प्रभारों की वसूली अधिनियम-1972, हिमाचल प्रदेश निरसन अधिनियम-1973, हिमाचल प्रदेश भांडागार अधिनियम-1976, हिमाचल प्रदेश निरसन अधिनियम-1976, हिमाचल प्रदेश निरसन अधिनियम-1978, आवश्यक वस्तु हिमाचल प्रदेश संशोधन अधिनियम-1986, विद्युत प्रदाय हिमाचल प्रदेश संशोधन अधिनियम-1999, विद्युत प्रदाय हिमाचल प्रदेश संशोधन अधिनियम-1999, हिमाचल प्रदेश धुम्रपान प्रतिषेध और अधूम्रसेवी स्वास्थ्य संरक्षण निरसन अधिनियम-2009, हिमाचल प्रदेश प्राइवेट क्लीनिक स्थापन रजिस्ट्रीकरण और विनियमन निरसन अधिनियम-2013 और हिमाचल प्रदेश निरसन अधिनियम-2017 कानून का कोई औचित्य नहीं रह जाएगा। उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार ने विधानसभा मानसून सत्र के दौरान हिमाचल प्रदेश निरसन विधेयक को पारित किया था।
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