बेमौसमी बारिश की मार…किसानों-बागबानों का बुरा हाल

By: May 8th, 2023 12:11 am

फलों सहित गेहूं की फसल खराब होने से हुआ करोड़ों का नुकसान, सेब की 60 फीसदी फसल बर्बाद

स्टाफ रिपोर्टर—शिमला
प्रदेश सहित शिमला जिला के किसानों-बागबानों की फसलों को पिछले कई दिनों से हो रही बैमौसमी बारिश व ओलावृष्टि के कारण भारी नुकसान हुआ है। प्रदेश के लगभग सभी जिलों में इस बेमौसमी बारिश, तापमान में गिरावट व लगातार हो रही भारी ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। सिर्फ सेब की ही करीब 60 प्रतिशत से अधिक फसल नष्ट हो गई है, जिससे प्रदेश के सेब उत्पादकों को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है। इसके कारण कई क्षेत्रों में तो सेब की फसल 90 प्रतिशत बर्बाद हो गई है तथा बागबानों के पास रोजमरा का खर्च चलाने का भी संकट खड़ा हो गया है। किसान और बागबान सरकार से आस लगाए बैठे हंै, परंतु सरकार इस ओर कोई भी ध्यान नहीं दे रही है और अभी तक कोई भी उचित आंकलन तक इस नुकसान का नहीं करवा पाई है।

प्रदेश में सेब की आर्थिकी करीब 6000 करोड़ रुपए की है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था में इसका महत्त्वपूर्ण योगदान है। एक ओर सरकार कृषि व बागबानी के क्षेत्र में जो सहायता प्रदान करती थी, उसे समाप्त कर रही है, जिसके चलते किसानों व बागबानों को खुले बाजार से महंगी लागत वस्तुओं को खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है वहीं, दूसरी ओर इस प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं से किसानों व बागबानों की फसल बर्बाद होने से आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। सरकार की सहायता के बिना आज इस कृषि संकट से बाहर निकलना किसानों के लिए बिलकुल भी संभव नहीं है। कृषि संकट की गंभीरता को देखते हुए सरकार तुरंत अपने दायित्व का निर्वहन कर कृषि व बागबानी क्षेत्र के लिए एक आपदा राहत कोष स्थापित करे और किसानों-बागबानों को प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान का तुरंत आंकलन करवाकर इसकी भरपाई के लिए उचित मुआवजा इस कोष से तुरंत उपलब्ध करवा कर राहत प्रदान करे।

एमआईएस की राशि भी जारी करे सरकार
संजय चौहान का कहना है कि जिन किसानों व बागबानों ने फसल बीमा योजना के तहत फसल बीमा करवाया है उनको तुरन्त इसकी भरपाई की जाए। इसके साथ ही सरकार किसानों व बागवानों के द्वारा लिए गए कर्ज की वसूली पर भी तुरंत रोक लगाई जाए व सेब उत्पादकों का मंडी मध्यस्थता योजना के तहत लिए गए सेब का करीब 90 करोड़ रुपए का बकाया भुगतान तुरंत कर किसानों व बागबानों को राहत प्रदान की जाए।

किसानों और बागबानों को मुआवजा दे सरकार
माकपा ने बेमौसमी वर्षा, तापमान में गिरावट व लगातार ओलावृष्टि से फसलों को हुए भारी नुकसान को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त करती है। माकपा के जिला सचिव संजय चौहान का कहना है कि इससे किसान व बागबान को आर्थिक रूप से भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है। इससे इनका संकट और अधिक बढ़ गया है तथा वह पूरी तरह से परेशान है। प्रदेश में इस प्राकृतिक आपदा के चलते लगभग सभी फसलों, जिसमें सेब, नाशपाती, आम, गुठलीदार फल, बेमौसमी सब्जियां और गेहूं आदि खराब हुए हैं व करोड़ों रुपए का नुकसान किसानों और बागबानों को हुआ है। पार्टी मांग करता है कि सरकार तुरंत इस नुकसान का आंकलन कर किसानों व बागबानों को उचित मुआवजा प्रदान करे।


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