इसमें हवा का क्या दोष…आयरलैंड से हारने की वजह यह भी होगी, यकीन करना मुश्किल होगा

By: Jun 29th, 2026 2:24 pm

एजेंसियां—बेलफास्ट

जिस फार्मेट में टीम इंडिया ने विश्व कप जीता, उसी फॉर्मेट में सीरीज हारना कोई छोटी बात नहीं और वह भी उस टीम से जिसने अभी-अभी उडऩा सीखा है। एक कदम लडख़ड़ाने के बाद दूसरा कदम संभल कर रखना पड़ता है, लेकिन टीम इंडिया के यह पल्ले ही नहीं पड़ा। आयरलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज हारने से भारतीय खिलाडिय़ों की खूब किरकिरी हो रही है। सबसे ज्यादा खिल्ली तो पाकिस्तान के खिलाड़ी उड़ा रहे हैं। आयरलैंड से हार के कई कारण रहे हैं, लेकिन भारतीय टी-20 टीम के सहायक कोच रयान टेन डेशकाटे का मानना है कि हमारे खिलाड़ी आयरलैंड की परिस्थितयों के अनुसार ढलने में नाकाम रहने के कारण टीम को हार का सामना करना पड़ रहा है। डेशकाटे ने कहा कि हम सभी थोड़े हैरान हैं, लेकिन उन खिलाडिय़ों की बहुत आलोचना करना भी मुश्किल है, जिन्होंने अभी-अभी विश्व कप जीता है। हमें ऐसी टीम ने मात दी, जिसने बुनियादी चीजें हमसे बेहतर तरीके से कीं। सबसे पहले आयरलैंड को श्रेय देना होगा। हमारे लिए सबसे बड़ा सबक यह है कि अलग परिस्थितियों में स्वयं को जल्दी ढालना सीखना होगा।

टीम इंडिया को आदत नहीं थी

खिलाड़ी भारत में खेलने का तरीका अच्छी तरह जानते हैं, लेकिन यह सीरीज़ याद दिलाती है कि दूसरे देशों और अलग टीमों के खिलाफ हमें अलग तरह से खेलना सीखना पड़ेगा। टेन डेशकाटे के अनुसार भारतीय टीम को उन परिस्थितियों ने सबसे अधिक परेशान किया जिनकी उसे आदत नहीं थी। यही हमारी हार की सबसे बड़ी वजह रही। हमने मैच से पहले इस बारे में बात की थी, लेकिन मैदान पर हम उसे सही तरह से लागू नहीं कर सके।

हार की सबसे बड़ी वजह

टेन डेशकाटे के अनुसार हार में हवा का सबसे बड़ा फैक्टर था। यह कोई बहाना नहीं है, लेकिन जब आपके सामने अलग चुनौती आती है, तो आपको नए समाधान ढूंढने पड़ते हैं। आयरलैंड ने गेंद से यह काम शानदार ढंग से किया। उन्होंने हमें सीधे बल्ले से खेलने नहीं दिया। दो मैचों में हमने केवल दो सीधे छक्के लगाए और दोनों स्पिनरों के खिलाफ आए। उन्होंने बुनियादी चीजें बेहतरीन ढंग से कीं और हम उसका जवाब नहीं दे पाए।

इंग्लैंड से भी मिल सकती है चुनौती

उन्होंने कहा कि भारतीय बल्लेबाज हाल के वर्षों में ऐसे टेम्पो और शैली के आदी हो गए हैं, जिसमें छक्के लगाना अपेक्षाकृत आसान होता है। इंग्लैंड में भी हमें ऐसी ही चुनौती मिल सकती है। विकेट थोड़े तेज होंगे, हवा शायद कम होगी, लेकिन अगर हमें वहां जीतना है तो और समझदारी से खेलना होगा। टेन डेशकाटे ने कहा कि दूसरे मैच से पहले हमारी चर्चा का मुख्य विषय यही था कि बल्लेबाजो को सीधे खेलने से कैसे रोका जाए। मुझे लगा कि हमारे गेंदबाजो ने इस मामले में बेहतर काम किया, लेकिन आयरलैंड की गेंदबाजी फिर भी शानदार रही।

प्रैक्टिस के लिए ज्यादा टाइम नहीं मिला

टेन डेशकाटे ने कहा कि हम गुरुवार को यहां पहुंचे थे। आयरलैंड बेहतर सुविधाएं देने की पूरी कोशिश कर रहा था, लेकिन अभ्यास की परिस्थितियां आदर्श नहीं थीं। सामान्य दौरे की तरह अगर तीन-चार अभ्यास सत्र मिलते तो बेहतर होता। फिर भी यह कोई बहाना नहीं है। अगर हमें स्वयं की आलोचना करनी है तो यही कहेंगे कि अलग चुनौती मिलने पर हमें खु़द को और जल्दी ढालना होगा। उन्होंने कहा कि अगर पूरी ईमानदारी से कहूं तो मैंने ऐसी चुनौती की उम्मीद नहीं की थी। भारतीय खिलाडिय़ों की उपलब्धियां देखिए। कुछ खिलाड़ी लगातार दो विश्व कप जीत चुके हैं और कई खिलाड़ी सैकड़ों आईपीएल मैच खेल चुके हैं। ऐसे में आयरलैंड की उपलब्धि और भी बड़ी हो जाती है। मैं यह भी नहीं कहूंगा कि हमने दो खराब मैच खेले।


Keep watching our YouTube Channel ‘Divya Himachal TV’. Also,  Download our Android App or iOS App