सुख-आश्रय योजना ने बदली अनाथ बच्चों की जिंदगी

By: Jun 29th, 2026 12:50 am

सुंदरनगर में 38 लाख रुपए की मदद से अपने घर का सपना हुआ पूरा
स्टाफ रिपोर्टर- सुंदरनगर
हिमाचल प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना बेसहारा एवं अनाथ बच्चों के जीवन में नई उम्मीद लेकर आई है। योजना के माध्यम से पात्र बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वरोजगार, गृह निर्माण और विवाह के लिए आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। सरकार ही माता, सरकार ही पिता की भावना पर आधारित इस योजना के अंतर्गत चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट को 27 वर्ष की आयु तक विभिन्न प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उपमंडल सुंदरनगर में अब तक 9 पात्र लाभार्थियों को गृह निर्माण के लिए 20 लाख रुपये, 6 लाभार्थियों को विवाह अनुदान के रूप में 12 लाख रुपये तथा 3 लाभार्थियों को स्वरोजगार के लिए 6 लाख रुपए की सहायता प्रदान की जा चुकी है। योजना का लाभ पाने वाले सुंदरनगर उपमंडल के गांव कोहला निवासी गौरव की कहानी इस योजना की सफलता का उदाहरण है। गौरव ने बताया कि माता-पिता के निधन के बाद उनका जीवन संघर्षों से घिर गया था।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से योजना की जानकारी मिलने पर उन्होंने आवेदन किया और योजना के तहत घर निर्माण के लिए तीन लाख रुपये तथा विवाह के लिए दो लाख रुपये की सहायता प्राप्त हुई। इस आर्थिक सहयोग से उन्होंने अपना पक्का मकान बनाया और अब निजी नौकरी के साथ खेती-बाड़ी कर आत्मनिर्भर जीवन जी रहे हैं। गौरव ने प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर दिया है और भविष्य के प्रति नया विश्वास जगाया है। बाल विकास परियोजना अधिकारी सुंदरनगर पूनम चौहान ने बताया कि परियोजना क्षेत्र में 40 अनाथ बच्चों की पहचान की गई है, जिन्हें प्रतिमाह 4 हजार रुपए पॉकेट मनी दी जा रही है। इसके अलावा 4 बच्चों को उच्च शिक्षा, 4 को व्यावसायिक प्रशिक्षण, 3 को स्वरोजगार, 6 को विवाह अनुदान तथा 9 लाभार्थियों को गृह निर्माण सहायता उपलब्ध करवाई गई है।


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