मयाड़ घाटी में जोबरंग पुल तक पहुंच गया पानी

By: Jun 29th, 2026 12:55 am

वैकल्पिक मार्ग न बनने से बढ़ी समस्या,खतरे में पुल, जहालमा नाले के मुहाने पर जमा मलबे को 50 मीटर और हटाने पर जोर
कार्यालय संवाददाता-केलांग
लाहुल-स्पीति जिला की मयाड़ घाटी में जोबरंग पुल का मामला लंबे समय से गंभीर बना हुआ है। सरकार और प्रशासन के संज्ञान में होने के बावजूद लेटलतीफी और खानापूर्ति के कारण समस्या जस की तस है। पुल के वजूूद को खतरा है। लोगों ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह से जल्द पुल की सुध लेने का आग्रह किया है। पूर्व प्रदेश भाजपा एसटी मोर्चा अध्यक्ष जवाहर लाल शर्मा ने कहा कि न तो वैकल्पिक मार्ग बनाया गया है और न ही जहालमा नाले के मुहाने से मलबा ठीक से हटाया गया है। इससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। पानी पुल पर आ गया है। सब्जी सीजन शुरू होना बाकी है। जवाहर लाल शर्मा ने सरकार से मांग की कि वैकल्पिक मार्ग का काम युद्धस्तर पर किया जाए।

जहालमा नाले के मुहाने पर जमा मलबे को 50 मीटर और हटाया जाए, ताकि पानी का बहाव न रुके। उन्होंने कहा कि समय रहते काम नहीं हुआ तो सब्जी सीजन में मटरए गोभीए आलू लाने ले जाने में किसानों को भारी दिक्कत होगी। मयाड़ घाटी के लोग पहले ही करपट नाले की समस्या से जूझ रहे हैं। जनजातीय जिला लाहुल-स्पीति के जोबरंग, रापे और राशेल गांवों को जोडऩे वाला जोबरंग पुल गंभीर खतरे में है। बढ़ते जलस्तर और बाढ़ के असर से चिंतित ग्रामीणों ने कुछ समय पहले भी उपायुक्त किरण भड़ाना को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को भी पत्र लिखकर तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। जल्द लोगों को राहत मिले।


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