तीन बार विधायक…नहीं रखी गाड़ी, बसों में सफर करते रहे आंकड़़ों के जादूगर

By: Jul 30th, 2026 12:02 am

नगरोटा बगवां के पूर्व विधायक राम चंद भाटिया का निधन; लकडिय़ां बेचकर की पढ़ाई, मीलों सफर तय कर पहुंचते थे कालेज,सादगी की बने मिसाल

कार्यालय संवाददाता-नगरोटा बगवां
आंकड़ों के जादूगर, सादगी की मूरत और ईमानदारी की मिसाल नगरोटा बगवां के तीन बार के विधायक रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता राम चंद भाटिया का निधन हो गया। बुधवार शाम तीन बजे टांडा मेडिकल कालेज में उन्होंने अंतिम सांस ली । उनका अंतिम संस्कार गुरुवार को उनके पैतृक गांव अमतराड़ में किया जाएगा । रामचंद भाटिया 1982 से लेकर 1992 तक लगातार तीन बार विधायक रहे। साल 1944 में एक किसान परिवार में जन्में राम चंद भाटिया के निधन के साथ ही प्रदेश की राजनीति ने एक ऐसे जनप्रतिनिधि को खो दिया, जिन्होंने अपने पूरे सार्वजनिक जीवन में सादगी, ईमानदारी और मिलनसार व्यक्तित्व की अनूठी मिसाल कायम की। राम चंद भाटिया का जीवन इस बात का उदाहरण रहा कि राजनीति केवल सत्ता का माध्यम नहीं, बल्कि जनसेवा का संकल्प भी हो सकती है।

विधायक रहने के बाद भी उन्होंने कभी निजी वाहन नहीं रखा और जीवनभर सार्वजनिक परिवहन से ही सफर करते रहे। सरकारी निगम की बसों में एक पूर्व विधायक को किराए में मिलने वाली छूट का ही उन्होंने लाभ उठाया। उनका यह व्यवहार उनकी सादगी और पारदर्शी सार्वजनिक जीवन का प्रतीक माना जाता रहा। जानकार बताते हैं कि बचपन में ही माता पिता का साया सिर से उठ जाने के कारण गांव और शहर में लकडिय़ां बेचकर अपनी शिक्षा और जीवन की गाड़ी को धकेलना भी उनकी मजबूरी रही है । उन्होंने पैदल मीलों चलकर धर्मशाला कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की थी । राजनीति के साथ-साथ उनका कृषि से गहरा जुड़ाव रहा। उन्होंने खेती को सम्मान दिया और अपने बच्चों को भी मेहनतए , ईमानदारी तथा सादगी के संस्कार दिए और एक औसत नागरिक का जीवन जी कर पूरे समाज के लिए आज भी एक प्रेरक उदाहरण बने हुए हैं । उनका एक बेटा हाल ही में पदोन्नति पाकर क्लर्क बना है,जबकि दूसरा बेटा पंप ऑपरेटर के पद पर कार्यरत है। यही कारण है कि वे केवल एक जनप्रतिनिधि ही नहीं, बल्कि प्रेरणा स्रोत भी हैं।

विधानसभा में हर बार शत-प्रतिशत रही हाजिरी
राम चंद भाटिया हिमाचल की सियासत में इकलौते ऐसे विधायक रहे जिनकी हर कार्यकाल में विधान सभा में शत प्रतिशत उपस्थिति रही जिसके लिए उन्होंने विधान सभा में सम्मान भी पाया । राजनीतिक अथवा सार्वजनिक मंच पर जब भी उन्हें बोलने का अवसर मिलता था तो उनके द्वारा आंकड़ों सहित प्रस्तुत किए गए तथ्यों को कोई झुठला नहीं सकता था जिस आधार पर उन्हें तत्कालीन मुख्य मंत्री शांता कुमार ने आंकड़ों का जादूगर का खिताब दिया था । उनके आंकड़े और तथ्य कभी झूठ नहीं होते थे । उनकी मौत पर समूचे नगरोटा बगवां में शोक की लहर है ।

टीएमसी में शोक की लहर
टीएमसी। टांडा मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने पूर्व विधायक राम चंद भाटिया के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार उन्हें उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं और अन्य चिकित्सकीय जटिलताओं के चलते 12 जुलाई को भर्ती किया गया था। विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा उपचार के बाद भी दोपहर 3 बजे उनका निधन हो गया। प्राचार्य, चिकित्सकों, स्टाफ और कर्मचारियों ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।


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