ग्रेजुएशन की 68700, मास्टर डिग्री की फीस 1 लाख 42 हजार, नौणी विश्वविद्यालय ने बढ़ाया शुल्क
मोहिनी सूद—सोलन
डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की शुल्क संरचना में संशोधन कर दिया है। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार कार्यालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार नई फीस तत्काल प्रभाव से लागू होगी। संशोधित शुल्क संरचना के तहत विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश शुल्क, ट्यूशन फीस, परीक्षा शुल्क, इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास शुल्क, प्लेसमेंट गाइडेंस फीस सहित अन्य मदों में बढ़ोतरी की गई है।
नई व्यवस्था के अनुसार सामान्य सीटों पर स्नातक पाठ्यक्रम की कुल फीस 43,350 रुपए से बढक़र 68,700 रुपए हो गई है, जबकि स्ववित्तपोषित (सेल्फ फाइनेंस) सीटों की कुल फीस 83,350 रुपए से बढ़ाकर 1,27,200 रुपए कर दी गई है। स्नातकोत्तर (एमएससी, एमटेक एवं एमबीए) सामान्य सीटों की कुल फीस 47,550 रुपए से बढक़र 87,000 रुपए और स्ववित्तपोषित सीटों की फीस 87,550 रुपए से बढ़ाकर 1,42,000 रुपए कर दी गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार प्रवेश शुल्क, पंजीकरण शुल्क, ट्यूशन फीस, परीक्षा शुल्क, इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास निधि, लाइब्रेरी सेवाएं, मेडिकल शुल्क, छात्र संघ शुल्क तथा अन्य शैक्षणिक मदों में संशोधन किया गया है। हालांकि कॉलेज सिक्योरिटी और लाइब्रेरी सिक्योरिटी जैसी रिफंडेबल फीस में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसके अलावा कुछ नई मदें जैसे रिसर्च एवं प्रोजेक्ट फंड तथा कोर्स एक्सपोजर/इंडस्ट्रियल विजिट शुल्क भी जोड़े गए हैं।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हरमिंदर सिंह बवेजा ने कहा कि शुल्क संशोधन विश्वविद्यालय की वित्त समिति की अनुशंसाओं तथा विस्तृत विचार-विमर्श के बाद किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय आकस्मिक नहीं है, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक प्रयोगशालाओं, अनुसंधान अवसंरचना, प्रायोगिक एवं क्षेत्रीय सुविधाओं, छात्र सेवाओं तथा अन्य शैक्षणिक संसाधनों के रखरखाव पर लगातार बढ़ रही लागत के व्यापक आकलन के आधार पर लिया गया है। कुलपति ने कहा कि औद्यानिकी, वानिकी एवं संबद्ध विषयों के क्षेत्र में अग्रणी संस्थान होने के नाते विश्वविद्यालय उच्च शैक्षणिक मानकों और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। शुल्क संशोधन से शैक्षणिक सुविधाओं का विस्तार, प्रयोगात्मक प्रशिक्षण को और बेहतर बनाने, अनुसंधान गतिविधियों को मजबूती देने तथा विद्यार्थियों को बेहतर छात्र सहायता सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि इन सुधारों से विद्यार्थियों को भविष्य में और अधिक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं आधुनिक संसाधनों का लाभ मिलेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रवेश पुस्तिका की अन्य सभी शर्तें एवं नियम यथावत रहेंगे तथा संशोधित शुल्क संरचना शैक्षणिक सत्र 2026-27 से सभी नए प्रवेशों पर लागू होगी।
छात्रों ने जताया विरोध
विश्वविद्यालय के छात्रों का कहना है कि फीस में एक साथ इतनी बड़ी बढ़ोतरी उनके और उनके परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालेगी। छात्रों ने मांग की है कि शुल्क वृद्धि पर पुनर्विचार किया जाए और इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाए। छात्रों ने आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्गीय परिवारों के विद्यार्थियों के लिए विशेष रियायत, छात्रवृत्ति तथा फीस सहायता योजना लागू करने की भी मांग की है, ताकि कोई भी छात्र आर्थिक कारणों से शिक्षा से वंचित न रहे।
Keep watching our YouTube Channel ‘Divya Himachal TV’. Also, Download our Android App or iOS App

