ट्रेन से देश की मंडियों तक पहुंचेगा सेब-सब्जियां, हिमाचल से दिल्ली-कोलकाता-मुंबई-चेन्नई के लिए होगी सप्लाई
रेलवे की पहल, हिमाचल प्रदेश से दिल्ली-कोलकाता-मुंबई-चेन्नई के लिए होगी सप्लाई
कार्यालय संवाददाता-शिमला
हिमाचल प्रदेश की करीब 5,500 करोड़ रुपए की सेब अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देने और किसानों-बागबानों की परिवहन संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान तलाशने की दिशा में राज्य सरकार और भारतीय रेलवे ने बड़ी पहल शुरू कर दी है। सेब, टमाटर, मटर व शिमला मिर्च सहित अन्य नकदी फसलों को देशभर की प्रमुख मंडियों तक रेल मार्ग से कम लागत, कम समय और सुरक्षित तरीके से पहुंचाने की योजना पर काम तेज हो गया है। इसी कड़ी में गुरुवार को शिमला में भारतीय रेलवे, हिमाचल प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड मार्केटिंग बोर्ड, एपीएमसी, आढ़ती, किसान-बागबान संगठनों तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों की महत्त्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में रेल परिवहन के लिए व्यवहारिक और किसानों के हितों के अनुरूप मॉडल तैयार करने, लोडिंग-अनलोडिंग की व्यवस्था, रेल भाड़ा, लॉजिस्टिक्स और मंडियों तक निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने जैसे विषयों पर विस्तार से मंथन किया गया।
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि यदि रेल परिवहन को व्यवहारिक, किफायती और सुगम बनाया गया तो हिमाचल के बागबानों को परिवहन पर होने वाला खर्च कम होगा और उनकी उपज कम समय में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता व चेन्नई सहित देश की बड़ी फल एवं सब्जी मंडियों तक पहुंच सकेगी। हालांकि बैठक में किसान और बागबान संगठनों ने स्पष्ट किया कि केवल रेल सेवा शुरू करना पर्याप्त नहीं होगा। यदि किसानों को पहले ट्रकों के माध्यम से सेब और सब्जियां रेलवे स्टेशन तक पहुंचानी पड़ें, फिर वहां मालगाडिय़ों में लोड करने और गंतव्य स्टेशन पर दोबारा ट्रकों से मंडियों तक ले जाने की व्यवस्था रही, तो परिवहन और मजदूरी का खर्च बढ़ जाएगा। इसलिए उन्होंने शिमला के निकट ही आधुनिक लोडिंग सुविधा विकसित करने और रेल भाड़े को प्रतिस्पर्धी बनाने की मांग उठाई। रेलवे अधिकारियों ने सभी सुझावों को उच्च स्तर पर भेजकर सभी पक्षों की सहमति से व्यवहारिक मॉडल तैयार करने का भरोसा दिया।
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