स्मार्ट मीटर योजना के विरोध में गरजा मंच; कहा, नहीं सहेंगे मनमानी
उपभोक्ता कल्याण मंच ने बिझड़ी में बैठक के बाद निकाली रैली, सरकार को दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
निजी संवाददाता – बड़सर
स्मार्ट मीटर योजना के खिलाफ उपभोक्ता कल्याण मंच द्वारा ताल स्टेडियम बिझड़ी में बैठक आयोजित की गई और उसके बाद रैली निकाली गई। बैठक में मंच की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिसमें कैलाश चंद को संयोजक, धर्म चंद को सह-संयोजक, प्रवीण कुमार को सचिव तथा राकेश शर्मा को कैशियर चुना गया। मंच के पदाधिकारियों ने संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की आरडीएसएस योजना के तहत उपभोक्ताओं और हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड के हितों की अनदेखी कर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। मंच का आरोप है कि स्मार्ट मीटरों की पूरी लागत टैरिफ के माध्यम से अंतत: उपभोक्ताओं से ही वसूली जाएगी।
बिजली अधिनियम 2003 का हवाला देते हुए प्रतिनिधियों ने कहा कि उपभोक्ताओं को जबरन नोटिस देना या बिजली काटने की चेतावनी देना पूरी तरह अनुचित है। जब कुछ वर्ष पूर्व ही लगाए गए डिजिटल मीटर तकनीकी रूप से पूरी तरह कार्यशील हैं, तो उन्हें हटाकर जनता पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालने और नए स्मार्ट मीटर लगाने का औचित्य समझ से परे है। मंच के अनुसार प्रस्तावित बिजली संशोधनद्ध विधेयक 2025 के लागू होने पर स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली का मुख्य लाभ निजी कॉरपोरेट कंपनियों को मिलेगा। संयोजक कुलदीप सिंह खरवाड़ा एवं अन्य पदाधिकारियों ने अधिकारियों पर निजी कंपनियों के हितों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
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