लंपी वायरस का कहर, चार पशुओं की गई जान
जिला में अब तक सामने आए लंपी वायरस के 56 मामले, पशुपालन विभाग ने शुरू किया टीकाकरण
स्टाफ रिपोर्टर – हमीरपुर
जिला हमीरपुर में लंपी वायरस का कहर लगातार बरप रहा है। अब तक वायरस की चपेट में आने से चार मवेशियों की मौत हो चुकी है तथा बहुत से मवेशी संक्रमण की चपेट में हैं। पशुपालकों को इस वायरस से काफी नुकसान पहुंच रहा है। वहीं पशुपालन विभाग ने टीकाकरण अभियान शुरू किया है जिसमें संक्रमित मवेशियों की वेक्सीनेशन की जा रही है। अधिकांश गायों को संक्रमण ने अपनी चपेट में ले रखा है। नादौन व बड़सर से लंपी वायरस के सबसे अधिक मामले सामने आ रहे हैं। इलाज के लिए फील्ड में पशुपालन विभाग की टीमें तैनात हैं तथा लगातार निगरानी रखी जा रही है। अब तक जिला में संक्रमण के 56 मामले सामने आ चुके हैं तथा आगामी समय में आंकड़ा और बढ़ सकता है।
लंपी वायरस कैप्रीपॉक्स वायरस नामक पॉक्सविराडे परिवार के वायरस के संक्रमण के कारण होता है, जो गायों और भैंसों को प्रभावित करता है। बता दें कि कुछ दिन पूर्व ही हमीरपुर में लंपी वायरस के मामले आना शुरू हुए थे। यदि हम वायरस की वजह से मृत पशुओं की बात करें तो बड़सर में तीन जबकि नादौन में दो पशुओं की मौत हो चुकी है। वायरस से निपटने के लिए अब पशुपालन विभाग पूरी तरह से अलर्ट है तथा फील्ड की रोजाना रिपोर्ट ली जा रही है। विभाग की माने तो 14500 वैक्सीन विभाग के पास उपलब्ध है। अब तक चार हजार से अधिक पशुओं को टीकाकरण किया जा चुका है। यदि इससे अधिक वैक्सीन की आवश्यकता पड़ती है विभाग उपलब्ध करवाएगा। टीकाकरण अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक संक्रमण के मामले शून्य नहीं हो जाते।
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
फिलहाल विभाग ने फील्ड कर्मचारियों को निर्देश जारी किए हैं कि लगातार निगरानी बनाकर रखें। पशु संक्रमण की चपेट में न आए इसके लिए लगातार टीकाकरण किया जाए। माना जाता है कि पशुओं में लंपी वायरस आमतौर पर सही देखभाल और इलाज मिलने पर दो से चार सप्ताह में ठीक हो जाता है।
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