मुसीबत से निपटने के लिए ट्रेड किए हैल्थ वर्कर्स

By: Aug 6th, 2026 12:49 am

हिमाचल के चार सरकारी मेडिकल कालेजों के चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी हुए शामिल
दिव्य हिमाचल ब्यूरो – बिलासपुर
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर में 3 से 5 अगस्त तक आपातकालीन इकाइयों में कार्यरत अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्यकर्मियों के लिए पहली बार मास कैजुअल्टी मैनेजमेंट (एमसीएम) पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के केंद्रीय क्षेत्र की योजना प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएम.एबीएचआईएम) के तहत आयोजित किया गया। आपातकालीन विभाग किसी भी सामूहिक दुर्घटना या बड़े हादसे (मास कैजुअल्टी इंसिडेंट) के दौरान सबसे महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उद्घाटन अवसर पर एम्स बिलासपुर के कार्यकारी निदेशक (सेवानिवृत्त) लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. दलजीत सिंह ने कहा कि प्रत्येक मेडिकल कॉलेज को सामूहिक आपदा की स्थिति से निपटने के लिए अपना स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार करना चाहिए। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के प्रमुख सरकारी मेडिकल कॉलेजों के चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने भाग लिया। इनमें इंदिरा गांधी मेडिकल कालेज (आईजीएमसी) शिमला, डा. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय (आरपीजीएमसी) टांडा, श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय (एसएलबीएसजीएमसी) मंडी तथा डा. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय (केजीएमसीएच) हमीरपुर शामिल रहे।


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