अंबोटा की निशु सूद ने स्वाद को बनाया ब्रांड, 60 तरह की चटनी-अचार और चार किस्म का शहद तैयार

By: Aug 28th, 2026 12:53 am

आठ महिलाओं के साथ शुरू किया अपनार सफर, आज 70 को आत्मनिर्भर बनाकर दे रही हैं रोजगार, उत्पादों के अलग-अलग ब्रांड किए जा रहे तैयार

नगर संवाददाता-ऊना
घर की रसोई में तैयार होने वाले अचार और चटनी को अगर सही पैकेजिंग और बाजार मिल जाए तो यही घरेलू हुनर रोजगार का बड़ा जरिया बन सकता है। ऊना के अंबोटा गांव की निशु सूद ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। महज आठ महिलाओं के साथ शुरू किया गया उनका स्वयं सहायता समूह आज करीब 70 महिलाओं को जोड़ चुका है। पारंपरिक पहाड़ी स्वाद से तैयार उनके उत्पाद अब ऊना तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हिमाचल के विभिन्न जिलों के साथ दूसरे राज्यों तक भी पहुंच रहे हैं। निशु सूद ने गणेश स्वयं सहायता समूह के माध्यम से अपने उद्यम की शुरुआत की। शुरुआत में लक्ष्य छोटा था, लेकिन स्थानीय उत्पादों को बाजार देने की सोच ने कारोबार का दायरा बढ़ा दिया। वर्तमान में निशू फूड प्रोडक्ट के तहत करीब 60 तरह की चटनियां और अचार तैयार किए जा रहे हैं। कटहल, सहजन, करेला, नींबू, गाजर, आम, आंवला और जामुन जैसे उत्पादों से तैयार अचार और चटनी तैयार होती है।

एक जिले से दूसरे जिले तक महिलाओं का नेटवर्क
निशु सूद केवल अपने समूह के उत्पाद ही नहीं बेच रहीं, बल्कि प्रदेश के दूसरे स्वयं सहायता समूहों को भी बाजार से जोड़ रही हैं। अलग-अलग जिलों की महिलाएं अपने उत्पाद साझा करती हैं और जरूरत के अनुसार दूसरे समूहों से सामान मंगवाया जाता है। चंबा के स्वयं सहायता समूह से राजमाह लिया जा रहा है। शिमला, कुफरी, रोहड़ू और तत्तापानी सहित कई क्षेत्रों से जाइका और एनआरएलएम समूहों से जुड़ी महिलाएं इस नेटवर्क का हिस्सा
बनी हैं।

स्थानीय किसानों से खरीदती हैं कच्चा माल
निशु सूद स्थानीय किसानों को भी अपने उद्यम से जोड़ रही हैं। अचार और चटनी के लिए ऊना जिले के किसानों से ही कई उत्पाद खरीदे जाते हैं। गणु मदवाड़ा से गरना और नींबू, लोहारा से गलगल, अकरोट से रागी और बेहड़ जसवां से मोरिंगा लिया जा रहा है। इससे किसानों को उनकी उपज का बाजार मिलता है और उद्यम को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण कच्चा माल उपलब्ध हो जाता है। वहीं उनके उत्पादों को लोग पसंद कर रहे हैं।

अंबोटा में हनी फार्म, शिववाड़ी में बिक्री केंद्र

निशु ने अंबोटा में अपना हनी फार्म भी स्थापित किया है। गगरेट प्रशासन ने शिववाड़ी में उनके उत्पादों की बिक्री के लिए जगह उपलब्ध करवाई है। यहां समूह से जुड़ी एक महिला की बेटी को रोजगार भी मिला है।

ऑनलाइन बिक्री सुविधा भी उपलब्ध

उत्पादों की बिक्री अब ऑनलाइन भी की जा रही है। हिमाचल के अलावा दूसरे राज्यों के ग्राहक भी ऑनलाइन माध्यम से सामान मंगवा रहे हैं। इससे गांव में तैयार उत्पादों को स्थानीय बाजार से बाहर पहुंचने का मौका मिला है।

सम्मानों ने बढ़ाया निशु सूद का हौसला
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध करवाने के प्रयासों के लिए निशु सूद को कई सम्मान मिल चुके हैं। उन्हें स्टेट अवार्ड और गरिमा अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। महिला दिवस पर उन्हें एक लाख रुपये का पुरस्कार भी मिला।


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