मेडिकल कालेज में नहीं लग रहा मरीजों के जख्मों पर मरहम

By: Aug 7th, 2026 12:01 am

सिल्वर स्लफाडायजिन का स्टॉक समाप्त होने से बढ़ी मरीजों की परेशानियां, बाहरी मेडिकल स्टोर से खरीदकर लानी पड़ रही जख्म पर लगाने के लिए क्रीम

स्टाफ रिपोर्टर – हमीरपुर
डा. राधाकृष्णन मेडिकल कालेज एवं अस्पताल हमीरपुर में लगातार दवाईयां का स्टॉक खत्म होता जा रहा है। पहले से ही कुछ दवाईयां ऑउट आफ स्टॉक चली हुई हैं तो अब जलने या घाव पर लगाई जाए वाली दवाई (क्रीम) भी समाप्त हो गई है। इस दवाई के लिए मरीजों को भटकना पड़ रहा है। अस्पताल के भीतर निशुल्क मिलने वाली दवाई बाहरी मेडिकल स्टोर से खरीदकर लानी पड़ रही है। इस कारण मरीजों को आर्थिक नुकसान हो रहा है तथा इलाज में भी देरी हो रही है। मरीज जब अस्पताल पहुंचता है, तो उसे दवाई समाप्त होने की स्थिति में बाहरी मेडिकल स्टोर का रूख करना पड़ रहा है, जिस वजह से इलाज में देरी तथा आर्थिक नुकसान दोनों झेलने पड़ रहे हैं। पिछले कुछ समय से स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। मेडिकल कालेज की फार्मेसी में कई दवाईयों का टोटा चला हुआ है। सूत्रों की मानें तो जलने या फिर घाव होने की सूरत में सिल्वर सल्फाडायजिन दवाई का इस्तेमाल किया जाता है। इस दवाई को मरीज के ज म पर लगाकर उसका इलाज किया जाता है।

वर्तमान हालात ऐसे हैं कि यह दवाई मेडिकल कालेज में उपलब्ध ही नहीं है। यह दवाई (क्रीम) एक एंटीबायोटिक और रोगाणुरोधी है। इसका उपयोग मुख्य रूप से त्वचा पर लगने वाली क्रीम के रूप में किया जाता है। गंभीर रूप से जलने से हुए घावों में संक्रमण को रोकने और इलाज करने के लिए इसका प्रयोग होता है। यह दवा बैक्टीरिया को कोशिका भित्ति और झिल्ली पर असर करती है। यह बैक्टीरिया को मारकर या उनकी वृद्धि को रोककर काम करती है तथा इसमें मौजूद सिल्वर आयन घाव को सुरक्षित रखते हैं और संक्रमण को फैलने से रोकते हैं। माना जाता है कि इस दवाई का अस्पताल में होना बहुत जरूरी है। जलने की हालत में यदि रात के समय मरीज पहुंचे तथा बाहरी मेडिकल स्टोर पर दवाई उपलब्ध न हो तो मरीज को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। अकसर देखा गया है कि इसका स्टॉक मेडिकल कालेज में समाप्त नहीं होता, क्योंकि यह बहुत जरूरी दवाई है। इस बार इसका स्टॉक समाप्त हुआ है तथा अब यह मेडिकल कालेज के अंदर उपलब्ध नहीं है।

यदि कुछ दवाइयों का स्टॉक समाप्त हुआ है, तो जल्द ही दवाइयां उपलब्ध करवाई जाएंगी। दवाइयों की खरीद के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया को पूर्ण किया जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही दवाईयों का स्टॉक मिल जाएगा
डा. देशराज शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, मेडिकल कालेज हमीरपुर

इमरजेंसी में दर्द बढ़ा रही दवाओं की किल्लत

मरीजों अंकित कुमार, अश्वनी कुमार, विजय शर्मा, मनोज नेगी, संतोष कुमार, ऊषा देवी, अंकिता कुमारी आदि ने मेडिकल कालेज प्रबंधन से मांग की है कि इस दवाई को जल्द उपलब्ध करवाया जाए। आपात स्थिति में मरीज इलाज करवाएगा या फिर दवाई की खरीद के लिए भटकता रहेगा। जलने से हुए घाव पर लगाई जाने वाली सिल्वर सल्फाडायजिन का होना बहुत जरूरी है। इसके साथ ही आउट ऑफ स्टॉक हो चुकी अन्य दवाईयों को उपलब्ध करवाने की भी मंाग की है।


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