सोलन अस्पताल में बढ़े पीलिया के मरीज
एक हफ्ते में दर्ज हुए 15 से 25 मामले, मानसून में जनजनित बीमारियों क ो लेकर विभाग ने तेज की कसरत
निजी संवाददाता-सोलन
मानसून की बारिश के बाद सोलन शहर में जलजनित बीमारियों का खतरा बढऩे लगा है। बीते दिनों हुई भारी वर्षा के बाद कई क्षेत्रों में मटमैले पानी की आपूर्ति होने से पीलिया के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में पिछले एक सप्ताह के दौरान 15 से 25 संदिग्ध मामले सामने आए हैं। क्षेत्रीय अस्पताल में प्रतिदिन दो से तीन मरीज पीलिया के लक्षणों के साथ उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी तेज कर दी है और लोगों से साफ व उबला हुआ पानी पीने की अपील की है। क्षेत्रीय अस्पताल के अनुसार पीलिया के मरीज शहर के विभिन्न वार्डों के अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी पहुंच रहे हैं। मरीजों में कमजोरी, अत्यधिक थकान, भूख कम लगना, पेट दर्द तथा आंखों और त्वचा के पीले पडऩे जैसे लक्षण पाए जा रहे हैं। चिकित्सकों द्वारा मरीजों की जांच के साथ आवश्यक रक्त परीक्षण करवाए जा रहे हैं, जिनमें कई मरीजों में पीलिया की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि बारिश के बाद पेयजल स्रोतों के दूषित होने से संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ जाती है।
इसी को देखते हुए संबंधित क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने और लोगों को स्वच्छ पेयजल तथा साफ-सफाई के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पेयजल की गुणवत्ता पर भी निगरानी रखी जा रही है। चिकित्सकों का कहना है कि पीलिया मुख्य रूप से दूषित पानी और संक्रमित भोजन के सेवन से फैलता है। इसके अलावा असुरक्षित तरीके से इंजेक्शन या एक ही सुई का उपयोग करने से भी संक्रमण का खतरा रहता है। ऐसे में लोगों को व्यक्तिगत स्वच्छता अपनाने और बाहर का दूषित भोजन खाने से बचने की सलाह दी गई है। चिकित्सकों ने लोगों से कहा है कि यदि घरों में मटमैला पानी आ रहा हो तो उसे बिना उबाले न पिएं। पानी को अच्छी तरह उबालकर या फिल्टर कर ही उपयोग करें। इसके अलावा ताजा भोजन करें, फास्ट फूड से परहेज रखें तथा फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोकर ही सेवन करें। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के चिकित्सा अधीक्षक डा. राकेश पंवार ने बताया कि बारिश के बाद हर वर्ष जलजनित रोगों का खतरा बढ़ जाता है। अस्पताल में आने वाले मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक उपचार और दवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था है और मरीजों को पीलिया से बचाव के उपायों के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है।
नागरिको से अपील
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि पीलिया के लक्षण दिखाई देने पर स्वयं उपचार करने के बजाय तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में जांच करवाएं। समय पर उपचार और सावधानी बरतने से इस बीमारी पर आसानी से नियंत्रण पाया जा सकता है।
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