सरकारी जमीन से टनों कबाड़ साफ
प्रदूषण के बाद कालका प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
दिव्य हिमाचल ब्यूरो-बीबीएन
हिमाचल प्रदेश की सीमा से सटे हरियाणा के मढ़ांवाला और नवांनगर क्षेत्र में सरकारी भूमिए नदी किनारों और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से जमा हजारों टन स्क्रैप और कूड़ा.कर्कट पर आखिरकार प्रशासन का डंडा चला। नदियों में स्क्रैप और अन्य प्रदूषित सामग्री पहुंचने का मामला सामने आने के बाद कालका उपमंडल प्रशासन ने गुरुवार और शुक्रवार को बड़े स्तर पर अभियान चलाकर जेसीबी मशीनों की मदद से नदी किनारों और सरकारी भूमि से भारी मात्रा में कबाड़ हटवाया। प्रशासन की कार्रवाई के बाद वर्षों से कबाड़ के ढेर में तब्दील कई स्थान अब खाली होने लगे हैं।
रोपड़ विधायक ने उठाया था प्रदूषण का मामला पंजाब के रोपड़ क्षेत्र में सतलुज नदी में थर्मोकोलए प्लास्टिक और अन्य प्रदूषित सामग्री पहुंचने का मामला सामने आने के बाद विधायक दिनेश चड्ढा ने इसे प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने इस संबंध में अज्ञात उद्योगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दी है। मामला तूल पकडऩे के बाद हरियाणा और हिमाचल प्रदेश का प्रशासन हरकत में आया और सीमावर्ती क्षेत्रों का निरीक्षण कर संभावित स्रोतों की पड़ताल शुरू की गई। अब सरकारी जमीन और नदी किनारे से स्क्रैप हटाने से बारिश में पानी की आसानी से निकासी हो पाएगी।
नदी किनारे से हटाया स्क्रैप, दोबारा डालने पर कार्रवाई की चेतावनी
कालका उपमंडल प्रशासन ने मढ़ांवाला और नवांनगर में नदी किनारों तथा सरकारी जमीनों पर पड़े स्क्रैप और कूड़ा-कर्कट हटाने के लिए जेसीबी मशीनें लगाईं। इन क्षेत्रों में लंबे समय से बड़ी मात्रा में कबाड़ जमा था। प्रशासन ने निजी स्क्रैप यार्ड संचालकों को भी नोटिस जारी कर साफ निर्देश दिए हैं कि सरकारी जमीन, नदी किनारों अथवा अन्य प्रतिबंधित स्थानों पर किसी भी तरह का स्क्रैप या कूड़ा-कर्कट जमा न किया जाए। कालका के एसडीएम ने संबंधित विभागों और स्क्रैप कारोबारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्थिति में स्क्रैप अथवा प्रदूषित सामग्री नदियों में न पहुंचे और सरकारी भूमि का अवैध भंडारण के लिए इस्तेमाल न हो।
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