बिजली बोर्ड में मोबाइल एप से मिलेगी परमिट टू वर्क की अनुमति, अटेंडेंस-सैलरी स्लिप भी होगी उपलब्ध
बोर्ड ने पायलट आधार पर शिमला से आरंभ की योजना, सफल होने पर प्रदेश भर में लागू होगी व्यवस्था
कर्मचारियों को ऐप पर उपलब्ध होगी सैलरी स्लिप, हाजिरी भी देख सकेंगे
वरिष्ठ संवाददाता -शिमला
राज्य बिजली बोर्ड में परमिट टू वर्क की परमिशन मोबाइल एप के जरिए मिलेगी। जबकि बोर्ड कर्मचारियों को अपनी अटेंडेंस और सैलरी स्लिप की सुविधा भी इस एप पर हासिल हो सकेगी। बोर्ड प्रबंधन ने परमिट टू वर्क की अनुमति से जुड़ी प्रक्रिया को डिजिटल करने की कवायद पायलट आधार पर शिमला से आरंभ कर दी है। नतीजे सफल रहने पर बोर्ड प्रबंधन प्रदेश भर में इस व्यवस्था को डिजिटल माध्यम से करेगा। जानकारी के अनुसार बोर्ड प्रबंधन ने परमिट टू वर्क व्यवस्था को डिजिटल करने की शुरुआत कर दी है। अब बिजली बोर्ड के फील्ड कर्मचारियों और अधिकारियों को परमिट टू वर्क की मंजूरी और उसे रद्द करने के लिए मैनुअल प्रक्रिया पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। बोर्ड ने इसके लिए एचपीएसईबीएल कनेक्ट नाम से मोबाइल ऐप तैयार किया है। फिलहाल इस सुविधा को पहले चरण में शिमला शहर में पायलट आधार पर लागू किया गया है। यह पायलट प्रोजेक्ट 30 सितंबर तक चलेगा। इसके बाद इसकी सफलता और कामकाज की समीक्षा की जाएगी। मोबाइल ऐप में परमिट टू वर्क के लिए अलग मॉड्यूल तैयार किया गया है। इसके माध्यम से संबंधित फील्ड अधिकारी परमिट टू वर्क के लिए किए गए आग्रह को देखकर उसकी मंजूरी दे सकेंगे। यदि किसी कारण से जारी परमिट को रद्द करना जरूरी हो तो उसे भी मोबाइल ऐप के माध्यम से रद्द किया जा सकेगा।
बोर्ड की ओर से स्पष्ट किया गया है कि परमिट टू वर्क के अनुरोधों की मंजूरी और रद्द करने के मामले में मैनुअल प्रक्रिया को की अनुमति नहीं होगी। अधिकारियों और कर्मचारियों को नई डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से ही यह काम करना होगा। इससे परमिट जारी करने की प्रक्रिया को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने में मदद मिलेगी। इसके लिए बोर्ड ने मोबाइल ऐप को एक साथ पूरे प्रदेश में लागू करने के बजाय पहले शिमला शहर में इसका परीक्षण शुरू किया है। इस दौरान ऐप की कार्यप्रणाली का परीक्षण किया जाएगा। जिसमें परमिट टू वर्क की आवेदन से मंजूरी और इसके रद्द करने तक की प्रक्रिया को देखा जाएगा। पायलट अवधि के दौरान मिलने वाले सुझावों और सामने आने वाली तकनीकी दिक्कतों को भी देखा जाएगा। इसके बाद ऐप को दूसरे फील्ड कार्यालयों में लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। ऐप पर बोर्ड कर्मचारियों के लिए कुछ बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई गई हैं। जिसके तहत कर्मचारी मोबाइल से अपनी वेतन पर्ची देख और डाउनलोड कर सकेंगे। इसके अलावा वे अपनी दैनिक उपस्थिति भी देख सकेंगे। बोर्ड प्रबंधन का कहना है कि कनेक्ट ऐप को एंड्रॉयड ऐप स्टोर पर उपलब्ध करवा दिया है। संबंधित कर्मचारी इसे डाउनलोड कर इस्तेमाल कर सकते हैं। फिलहाल आईओएस उपयोगकर्ताओं के लिए ऐप उपलब्ध नहीं है। बोर्ड ने कहा है कि सत्यापन और मंजूरी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसे आईओएस ऐप स्टोर पर भी उपलब्ध करवाया जाएगा। बिजली बोर्ड ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीन कार्यरत कर्मचारियों को नए मोबाइल ऐप के संबंध में जानकारी दें और इसका इस्तेमाल सुनिश्चित करवाएं।
बोर्ड का मानना है कि नई व्यवस्था के दौरान कर्मचारियों और अधिकारियों से मिलने वाले सुझाव महत्वपूर्ण होंगे। इसलिए ऐप की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए सुझाव और सिफारिशें भी मांगी गई हैं। फील्ड स्तर पर यदि किसी तरह की परेशानी सामने आती है या ऐप में किसी सुविधा को और बेहतर करने की जरूरत महसूस होती है तो उसकी जानकारी बोर्ड मुख्यालय को भेजी जा सकेगी। बोर्ड के मुख्य अभियंता (पीएंडएम) इंजीनियर राकेश कुमार का कहना है कि शिमला में पायलट प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद इसकी समीक्षा की जाएगी। यदि व्यवस्था सफल रहती है तो अन्य फील्ड कार्यालयों में भी परमिट टू वर्क मोबाइल ऐप लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में सभी मुख्य अभियंताओं, उपमुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं, अतिरिक्त अधीक्षण अभियंताओं और वरिष्ठ अधिशासी अभियंताओं को पत्र जारी किया गया है।
—-अजय
Keep watching our YouTube Channel ‘Divya Himachal TV’. Also, Download our Android App or iOS App
