अब पांच साल में बढ़ेगा किराया
आजीविका भवन के दुकानदारों को राहत, नगर निगम की वित्त संविदा समिति ने दी मंजूरी
स्टाफ रिपोर्टर-शिमला
राजधानी शिमला के आजीविका भवन में दुकानें चलाने वाले तिब्बती मार्केट के दुकानदारों को नगर निगम ने राहत दी है। अब दुकानों के किराये में हर साल 10 फीसदी बढ़ोतरी के बजाय पांच साल में एक बार 10 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। बुधवार को नगर निगम शिमला की वित्त संविदा समिति की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। बैठक की अध्यक्षता मेयर सुरेंद्र चौहान ने की। हालांकि, दुकानदारों को वर्ष 2025 से बकाया किराया और उस पर लागू ब्याज चुकाना होगा। इसमें कोई छूट नहीं दी गई है। दरअसल, तिब्बती मार्केट के दुकानदारों को वर्ष 2022 में तहबाजारी के स्थान पर आजीविका भवन में दुकानें आवंटित की गई थीं। इन दुकानों का किराया नगर निगम की सदन की बैठक में 29 अगस्त, 2024 को पारित प्रस्ताव के तहत 2500 रुपये प्रतिमाह तय किया गया था। इसके साथ ही हर साल किराये में 10 फीसदी बढ़ोतरी की शर्त भी रखी गई थी। इसी व्यवस्था के तहत दुकानदारों से बढ़ा हुआ किराया वसूला जा रहा था। तिब्बती मार्केट एसोसिएशन ने किराया बढ़ाने की अवधि में बदलाव की मांग की थी। एसोसिएशन ने 13 अगस्त, 2026 को नगर निगम को पत्र भेजकर आग्रह किया था कि हर साल 10 फीसदी किराया बढ़ाने के बजाय पांच साल में एक बार बढ़ोतरी की जाए। एसोसिएशन
का कहना था कि इससे दुकानदारों को कारोबार चलाने में आर्थिक राहत मिलेगी।
बकाया किराए और ब्याज की होगी वसूली
नगर निगम के अनुसार, कुछ दुकानदार वर्ष 2025 से बढ़ोतरी सहित पूरा किराया जमा नहीं करवा रहे हैं। इसके चलते किराये का बकाया और उस पर लागू ब्याज जमा हो गया है। नगर निगम बकाया किराये और ब्याज की वसूली करेगा। जिन दुकानदारों ने चालू वित्त वर्ष का किराया पहले ही जमा करवा दिया है, उनकी जमा राशि, मौजूदा देनदारी पर इस फैसले का असर नहीं पड़ेगा। नई व्यवस्था अगले वित्त वर्ष से लागू करने का प्रस्ताव है।
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