जानिए किस दिन मनाई जाएगी नवमी, क्या है देवी की पूजा का सही समय
अष्टमी पर बरसेगी मां की विशेष कृपा, जानिए कन्या पूजन का सही समय
इन दिनों मां दुर्गा के नवरात्र चल रहे हैं, आज सप्तमी थी और, प्रदेश के तमाम शक्तिपीठों, में देवी के स्वरूप की पूजा अर्चना की गई। देश भर के अलग अलग कौने से हिमाचल लोग पहुंच रहे हैं, जिससे धार्मिक पर्यटन को बल मिला है। हालांकि अब अंतिम दो नवरात्र अष्टमी और नवमी शेष बचे हैं, लेकिन इन दो नवरात्र को लेकर काफी ज्यादा कन्फयूजन भक्तों को हो रहा है कि आखिर किस दिन अष्टमी है और किस दिन नवमी, तो चलिए खास खबर में आज बात इसी पर करेंगें।
महाष्टमी का व्रत 18 अक्टूबर यानि कि रविवार को ही किया जाएगा। ऐसे में जो लोग अष्टमी तिथि में कन्या पूजन करते हैं। वह कल यानि कि रविवार को ही कन्या पूजन कर सकते हैं, आश्विन शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 18 अक्तूबर को सुबह 8 बजकर 27 मिनट से शुरू होकर 19 अक्तूबर को सुबह 7:53 तक रहेगी। वहीं सर्वार्थ सिद्धि योग दिन में 11:34 बजे के बाद से आरंभ होगा। इस दिन मां महागौरी की विधिपूर्वक पूजा करने के साथ कन्याओं की आराधना करने का विधान है। महाष्टमी के दिन 2 से 10 वर्ष तक की कन्याओं को मां दुर्गा का रूप मानकर उन्हें भोजन (हलवा, पूरी और चना) व उपहार देना अति शुभ माना गया है।
वहीं नवमी तिथि की बात करें तो 19 अक्तूबर सुबह 07:53 बजे के बाद नवमी तिथि लग जाएगी, जबकि उदय कालिक नवमी तिथि 20 अक्तूबर को होगा। परंतु नवरात्र व्रत से संबंधित हवन पूजा आदि का कार्य 19 अक्तूबर 2026 की सुबह 7:53 बजे से 20 अक्तूबर दिन मंगलवार की सुबह 9:35 बजे तक ही किया जाएगा नवमी (महानवमी) के दिन मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। जो लोग नवमी पर कन्या पूजा करते हैं वह 19 को सुबह 7:53 के बाद से लेकर 20 अक्तूबर दिन मंगलवार की प्रातः 9:35 से पहले पूजा कर सकते हैं, नवमीं तिथि 20 अक्टूबर दिन मंगलवार को सुबह 9:35 बजे तक ही व्याप्त रहेगा। ऐसे में महानवमी का व्रत 19 अक्तूबर को ही किया जाएगा। जबकि 20 अक्तूबर को प्रातः 9:35 बजे के बाद दशमी तिथि आरंभ हो जाएगी। इसीलिए दशहरा का पर्व 20 अक्तूबर के दिन मनाया जा रहा है।
Keep watching our YouTube Channel ‘Divya Himachal TV’. Also, Download our Android App or iOS App
