नीला ड्रम हत्याकांड: मर्डर के बाद हिमाचल घूमने आई मुस्कान को कहां दी जाएगी फांसी? जानिए
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में बहुचर्चित नीला ड्रम हत्याकांड के दोषियों मुस्कान और साहिल शुक्ला को फांसी की सजा तो सुना दी गई है, लेकिन अब देश में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि मुस्कान को फांसी कहां दी जाएगी, मेरठ या मथुरा। हालांकि अभी फांसी का दिन मुकर्रर नहीं हुआ है, लेकिन देश की जनता का ध्यान मुस्कान की तरफ टिका हुआ है। इस हत्याकांड का कनेक्शन हिमाचल प्रदेश से भी जुड़ा हुआ है, क्योंकि सौरभ का मर्डर कर मुस्कान और साहिल शुक्ला हिमाचल में ही घूमने आए थे। अब दोनों को फांसी की सजा सुना दी गई है। हालांकि दोनों के पास अभी उच्च अदालत में जाने का भी विकल्प है। अगर फांसी की सजा बरकरार रहती है, तो इसकी प्रक्रिया को पूरी करने में वक्त लगेगा। इसी बीच चर्चा यह है कि मुस्कान को मथुरा जेल में ही फांसी दी जाएगी, क्योंकि मथुरा जेल में महिलाओं को फांसी देने की व्यवस्था है। कयास यही लगाए जा रहे हैं कि फांसी से संंबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद मुस्कान को मथुरा में ही फांसी पर लटकाया जाएगा।
बता दें कि उत्तर प्रदेश के मेरठ में नीले ड्रम से चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायालय ने बुधवार को दोषी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। अदालत में सजा पर सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने वारदात की क्रूरता, शव को ठिकाने लगाने के तरीके और मामले से जुड़े साक्ष्यों का हवाला देते हुए दोनों के लिए अधिकतम सजा की मांग की थी। हालांकि बचाव पक्ष ने मुस्कान की दो बेटियों के भविष्य और उनकी परवरिश का मुद्दा उठाते हुए सजा में नरमी बरतने की अपील की। अदालत ने सजा सुनाने से पहले दोनों दोषियों को अपनी बात रखने का अवसर दिया। उनसे पूछा गया कि क्या वे सजा सुनाए जाने से पहले कुछ कहना चाहते हैं। दोनों ने कोई बात कहने से इनकार कर दिया। इसके बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया। जेल प्रशासन के अनुसार फैसला सुनते समय मुस्कान भावुक हो गई और रोने लगी, जबकि साहिल की आंखें भी नम हो गईं। मुस्कान ने अपनी दोनों बेटियों का ख्याल रखने की गुजारिश की।
फ्लैशबैक: मर्डर की पूरी कहानी
ब्रह्मपुरी क्षेत्र के इंद्रानगर निवासी सौरभ राजपूत ने वर्ष 2016 में गौरीपुरा निवासी मुस्कान रस्तोगी से प्रेम विवाह किया था। पारिवारिक विवाद के बाद वर्ष 2019 में दोनों अलग हो गए थे। इसी दौरान मुस्कान की अपने पुराने परिचित साहिल शुक्ला से नजदीकियां बढ़ गईं। तीन मार्च 2025 की रात मुस्कान और साहिल ने कथित तौर पर सौरभ को नशीला पदार्थ दिया और फिर चाकू से वार कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव के टुकड़े कर उन्हें सीमेंट से भरे नीले ड्रम में छिपा दिया।
मर्डर के बाद हिमाचल में सैर-सपाटा
वारदात के बाद दोनों के हिमाचल प्रदेश घूमने जाने की बात भी जांच में सामने आई थी। सौरभ के लापता होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। 18 मार्च, 2025 को मामले का खुलासा हुआ और घर में रखे ड्रम से सौरभ का शव बरामद किया गया। पुलिस ने 19 मार्च को मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामले में प्रत्यक्षदर्शी न होने के कारण पुलिस ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के साथ इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और फोरेंसिक रिपोर्ट को जांच का आधार बनाया। जांच के दौरान मोबाइल फोन की कॉल डिटेल, लोकेशन संबंधी जानकारी, होटल के रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और अन्य संबंधित साक्ष्य जुटाए गए। अभियोजन पक्ष ने इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर अदालत में अपना पक्ष रखा।
30 सितंबर को दोषी करार
मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद 30 सितंबर को अदालत ने मुस्कान और साहिल को दोषी करार दिया। इसके बाद सजा के निर्धारण पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता कृष्ण कुमार चौबे ने पैरवी की, जबकि बचाव पक्ष ने मुस्कान की पारिवारिक परिस्थितियों और बेटियों के भविष्य को सजा में रियायत का आधार बनाया। नीले ड्रम में शव छिपाए जाने के कारण यह मामला देशभर में चर्चित हुआ था। 14 अक्तूबर को अदालत के फैसले के साथ ही मामले में सजा सुनाए जाने की प्रक्रिया पूरी हो गई।
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