सरगी की खरीददारी तेज, 740 रुपए किलो तक बिक रहीं फैनियां
करवाचौथ की सरगी के लिए बाजारों में बढ़ी रौनक, फैनियों-मठियों की बढ़ी मांग
स्टाफ रिपोर्टर-शिमला
करवाचौथ का त्योहार नजदीक आते ही राजधानी शिमला के बाजारों में रौनक बढऩे लगी है। व्रत से पहले सरगी की तैयारियों को लेकर महिलाएं खरीददारी में जुट गई हैं। बाजारों में फेनियां, मठरियां, मिठाइयां और अन्य पारंपरिक खाद्य सामग्री की मांग बढऩे लगी है। सास की ओर से बहू को सरगी देने की परंपरा के चलते त्योहार से पहले बाजारों में चहल-पहल बढ़ रही है। करवाचौथ पर व्रत रखने वाली महिलाएं सूर्योदय से पहले सरगी ग्रहण करती हैं। इसमें फेनियों का खास महत्व है, इसलिए त्योहार से पहले इनकी खरीददारी बढ़ जाती है।
इस बार बाजारों में फेनियां 500 से 740 रुपए प्रति किलो तक बिक रही हैं। दुकानदारों के अनुसार, किस्म और गुणवत्ता के आधार पर इनके दाम अलग-अलग हैं। पिछले साल के मुकाबले कीमतों में बदलाव आया है। कच्चे माल की लागत बढऩे का असर भी दामों पर पड़ा है। महिलाएं अपनी पसंद और बजट के अनुसार सरगी के लिए सामान खरीद रही हैं। फैनियों के साथ मठरियां, मिठाइयां और अन्य खाद्य पदार्थ भी खरीदे जा रहे हैं। कई परिवार सरगी की थाली के लिए मीठे और नमकीन पकवान एक साथ खरीदते हैं। त्योहार की तैयारियों के चलते बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही बढऩे लगी है। करवाचौथ नजदीक आने के साथ ही खरीददारी में और तेजी आने की उम्मीद है।
सूर्योदय से पहले ग्रहण की जाती है सरगी
करवाचौथ पर सरगी ग्रहण करने की परंपरा व्रत की शुरुआत से जुड़ी है। परिवार की परंपरा के अनुसार, सास अपनी बहू को सरगी देती है, जिसे महिलाएं सूर्योदय से पहले ग्रहण करती हैं। इसमें फेनियां, फल, मिठाइयां और अन्य खाद्य पदार्थ शामिल होते हैं। सरगी के बाद महिलाएं दिनभर व्रत रखती हैं और शाम को पूजा-अर्चना तथा चंद्रमा के दर्शन के बाद व्रत खोलती हैं। इसी परंपरा के चलते त्योहार से पहले सरगी के सामान की खरीददारी को लेकर बाजारों में चहल-पहल बढ़ रही है।
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