क्रैक अकेडमी के सीईओ एंड फाउंडर नीरज कंसल बोले, समझदारी से करियर चुन रहे युवा

By: Jul 29th, 2025 9:21 pm

निजी संवाददाता— चंडीगढ़

छोटे शहरों के छात्रों के लिए कभी करियर का मतलब सिर्फ डॉक्टर, इंजीनियर या कलेक्टर बनना होता था, लेकिन अब वक्त बदल रहा है। आज के छात्र सिर्फ एक लक्ष्य पर अटके नहीं हैं, बल्कि वो समझदारी से अपने लिए बेहतर विकल्प चुन रहे हैं। ये शब्द क्रैक अकेडमी के सीईओ एंड फाउंडर नीरज कंसल ने कहे। यूपीएससीए नीट और जेईई जैसी परीक्षाएं अब भी उनका सपना हैं, लेकिन साथ ही सीयूईअी जैसे नए रास्ते भी तेज़ी से लोकप्रिय हो रहे हैं। अब करियर की दौड़ एक ही दिशा में नहीं दौड़ रही, बल्कि हर छात्र अपनी मंजि़ल खुद तय कर रहा है।

सीयूईटी (कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट) अब सिर्फ बैकअप प्लान नहीं रह गया है, बल्कि इसे छात्र एक समझदारी से भरा फैसला मान रहे हैं। खासकर वे छात्र जो महंगे कोचिंग सेंटर्स का हिस्सा नहीं बन पाते, उनके लिए यह परीक्षा एक बड़ा मौका बनकर सामने आई है। सिविल सेवा का आकर्षण आज भी कायम है, लेकिन छात्र अब एक बैकअप प्लान के साथ आगे बढ़ रहे हैं। कई युवा नौकरी और पढ़ाई के साथ तैयारी कर रहे हैं।

जेईई और नीट की तैयारी में नया नजरिया

डाक्टर बनने का सपना बरकरार है, खासकर लड़कियों में। लेकिन अब परिवार खर्च, कठिनाइयों और सीमित सीटों को लेकर ज्यादा व्यावहारिक हो गए हैं। इंजीनियरिंग की ओर भी रुझान है, लेकिन छात्र अब साथ-साथ कोडिंग, डिजाइन और स्टार्टअप स्किल्स भी सीख रहे हैं।


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