कंडवाल-डमटाल सडक़ बनी मुसीबत का सफर
11 किलोमीटर के जालंधर बाईपास पर गड्ढों का राज, नालियां अतिक्रमण की गिरफ्त में
निजी संवाददाता-डमटाल
कंडवाल से डमटाल तक करीब 11 किलोमीटर लंबा मार्ग, जिसे जालंधर बाईपास के नाम से भी जाना जाता है, इन दिनों वाहन चालकों और राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। जगह-जगह गहरे गड्ढे, उखड़ी सडक़, बंद नालियां और नालियों पर अतिक्रमण मार्ग की बदहाली को बयां कर रहे हैं। सडक़ पर प्रवेश करते ही वाहन चालकों की मुश्किलें शुरू हो जाती हैं। गड्ढों से बचने के लिए उन्हें बार-बार दाएं-बाएं कट मारने पड़ते हैं, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है। बरसात के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है। उचित जल निकासी न होने से कई हिस्सों में पानी जमा हो रहा है, जिससे सडक़ लगातार क्षतिग्रस्त हो रही है।
सडक़ किनारे बनी नालियां भी कई स्थानों पर मिट्टी, मलबे और अतिक्रमण के कारण बंद हैं। डिपो के समीप, सकून मंदिर, श्रीराम इलेक्ट्रॉनिक, हनुमान मंदिर, शिव मंदिर, लखनपुर, बारी खड्ड, लोधवा और हंगवाल से भदरोहा तक सडक़ की हालत विशेष रूप से खराब बताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार करीब दो सप्ताह पहले लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने मार्ग का निरीक्षण कर समस्याएं सुनी थीं, लेकिन अभी तक हालात में सुधार नहीं हुआ है। लोगों ने विभाग से सडक़ की तत्काल मरम्मत, गड्ढों को भरने, नालियों की सफाई और अतिक्रमण हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि व्यस्त मार्ग पर किसी बड़े हादसे से पहले ठोस कदम उठाना जरूरी है।
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