शिमला-चंडीगढ़ में पेंशनरों का राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन, केंद्र सरकार के समक्ष रखी मांग ये मांग

By: Sep 20th, 2026 12:01 am

फैमिली पेंशन में करें बदलाव

स्टाफ रिपोर्टर-शिमला

ऑल इंडिया नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ पेंशनर्स एसोसिएशन के आह्वान पर देशभर में पेंशनरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन किया। 17 से 19 सितंबर तक चल रहे आंदोलन के तहत चंडीगढ़ और शिमला में भी पेंशनरों ने मीडिया के माध्यम से केंद्र सरकार के समक्ष अपनी मांगें रखीं। पेंशनरों ने कहा कि कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन इन पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है। पेंशनरों ने मार्च में प्रस्तावित संशोधन के तहत 25 दिसंबर 2025 तक सेवानिवृत्त कर्मचारियों और 26 जनवरी 2026 के बाद सेवानिवृत्त होने वालों के बीच किए जा रहे वर्गीकरण पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बीच इस तरह का अंतर उचित नहीं है।

सभी पेंशनरों को समान आधार पर लाभ देने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान पेंशन कम्यूटेशन की अवधि 15 वर्ष से घटाकर 10 वर्ष करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। इसके अलावा पेंशन प्रतिशत को बेसिक पे के 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 67 प्रतिशत करने तथा फैमिली पेंशन की अवधि सात वर्ष से बढ़ाकर 10 वर्ष करने की मांग भी रखी गई। पेंशनरों ने हाउस रेंट और एलटीसी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी की। पेंशनरों ने महंगाई भत्ते की गणना की मौजूदा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि वर्तमान प्रणाली महंगाई के वास्तविक प्रभाव को पूरी तरह प्रतिबिंबित नहीं करती। डीए की गणना के लिए स्थायी और न्यायसंगत व्यवस्था लागू करने की मांग की, ताकि बढ़ती महंगाई के अनुरूप पेंशनरों को राहत मिल सके।

25 नवंबर को संसद मार्च

पेंशनरों ने कहा कि आंदोलन का अगला चरण सोमवार को आयोजित किया जाएगा। यदि इसके बाद भी सरकार की ओर से मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो 25 नवंबर को संसद मार्च किया जाएगा।


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