भारत की इकोनॉमी पर वर्ल्ड बैंक को भरोसा

By: Oct 6th, 2026 9:48 pm

जीडीपी वृद्धि अनुमान 6.6 से बढ़ाकर 7.1 किया, घरेलू मांग से आएगी मजबूती

दिव्य हिमाचल ब्यूरो— नई दिल्ली

दुनियाभर में जारी उथल-पुथल के बीच भारत के लिए एक अच्छी खबर आई है। वल्र्ड बैंक ने भारतीय अर्थव्यवस्था पर भरोसा जताते हुए कारोबारी साल 2026-27 के लिए जीडीपी ग्रोथ 7.1 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है, जबकि इससे पहले इसने भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.6 फीसदी रहने का अनुमान जताया था। अक्तूबर में वल्र्ड बैंक की साउथ एशिया इकोनॉमिक अपडेट रिपोर्ट से पता चलता है कि इसने अपने अनुमान में 50 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की है। वल्र्ड बैंक को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 28 में भारत की अर्थव्यवस्था 7.2 फीसदी की दर से बढ़ेगी, जबकि वित्त वर्ष 26 में भारत की ग्रोथ 7.8 फीसदी रही, जो पहले लगाए गए अनुमान से ज्यादा है। भारत की अर्थव्यवस्था की इस रफ्तार से बढऩे के पीछे घरेलू मांग में मजबूती और इंडस्ट्री व सर्विस सेक्टर में लगातार तेजी को जिम्मेदार ठहराया गया है। हालांकि, खेती में कमजोरी अभी भी निकट भविष्य के लिए एक जोखिम बनी हुई है।

कम बारिश से कृषि क्षेत्र जोखिम में

जुलाई के बाद देश के कुछ हिस्सों में बारिश कम हुई है, जिसका असर कृषि क्षेत्र में पडऩे की संभावनाएं काफी ज्यादा हंै। मौसम में बदलाव के साथ फसलों के उत्पादन पर अल नीनो के भी बुरा असर पडऩे की आशंका बनी हुई है। अगर स्थिति लंबे समय तक यही बनी रही, तो इसका असर ग्रामीण इलाकों की कमाई और खर्च करने की क्षमता पर पड़ेगा।

महंगे तेल का भी है खतरा

वैश्विक तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। चूंकि भारत अपनी जरूरत का 80 फीसदी से अधिक कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए तेल की बढ़ती कीमत से इसका आयात बिल बढऩे की संभावना ज्यादा है। अगर आयात महंगा होगा, तो देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ेंगी, जिससे ट्रांसपोर्टेशन महंगा होगा। इससे रोजमर्रा की चीजें, फल, सब्जियां और दूसरे सामान महंगे होंगे।


Keep watching our YouTube Channel ‘Divya Himachal TV’. Also,  Download our Android App or iOS App