साहित्यकार असहमति पर रखेंगे पक्ष, कसौली में ख्वाबगाह से होगा दो दिवसीय खुशवंत सिंह लिटफेस्ट का आगाज
प्रधान संवाददाता — कसौली (सोलन)
कसौली में दो दिवसीय खुशवंत सिंह लिटफेस्ट का आगाज ख्वाबगाह से होगा। इस लिटफेस्ट में असहमति जताने का अधिकार रहेगा। लड़कियों के फंडामेंटल राइट्स से आगे का सवाल सामने खड़ा होगा और प्यार, सेक्स तथा धोखे से लेकर एआई की डराबनी दुनिया का दृश्य शब्दों के सहारे सामने लाया जाएगा। खुशवंत सिंह लिटफेस्ट ने इस साल थीम ही ऐसी चुनी है कि शांतिप्रिय साहित्य प्रेमी भी थोड़ा असहज हो जाएं। इस बार लिटफेस्ट द आर्ट ऑफ डिस एग्रीमेंट विषय को लेकर आयोजित किया जा रहा है। कसौली में 23 और 24 अक्तूबर को टेरस, बैडमिंटन हाल और टेनिस कोर्ट के लॉन्स पर साहित्य, राजनीति, सेक्स और एआई तक के हर विषय पर खुलकर बहस होगी। शुक्रवार की सुबह टेरस पर सरबप्रीत सिंह ख्वाबगाह के सपनों से दिन शुरू करेंगे। इस लिटफेस्ट में मिहिरा सूद पूछेंगी कि क्या लड़कियों को सिर्फ फंडामेंटल राइट्स चाहिए या कुछ और भी।
संजय हजारीका मिजोरम की लड़ाई से बैलट बॉक्स तक की यात्रा सुनाएंगे। राहुल आकरकर और प्रतीक साधु फ्रूट ऑफ पैशन में भोजन को सिर्फ पेट भरने की चीज नहीं, बल्कि जुनून का माध्यम बताएंगे। लिटफेस्ट के दौरान टेरस पर असली चटपटा सत्र होगा। अइली सेघेत्ती, डा. अमृंदर बजाज और संध्या मृदुल लव, सेक्स और धोखा पर चर्चा करेंगे। जेरी पिंटो गो जेंटल इनटू द गुड नाइट में मौत और विदाई की बात करेंगे। इम्तियाज अली और सैयदा हमीद उन कहानियों को सामने लाएंगे जो दबाने के बावजूद जिंदा रह जाती हैं। लिटफेस्ट की पहली रात में बट्र्टी एशले का वैज्ञानिक हास्य और अनिरुद्ध वर्मा कलेक्टिव का शास्त्रीय फ्यूजन माहौल को और हल्का करेगा। बैडमिंटन हॉल में गुरुवीन चढ्ढा और नेहा राज लेखकों को बताएंगी कि पब्लिशिंग का पवित्र ग्रंथ कैसे खोजा जाएघ् डा. रंजीत पवार, चेतना कीर और सकून सिंह महाराजा रंजीत सिंह की महिलाओं की कहानियां सुनाएंगे।
Keep watching our YouTube Channel ‘Divya Himachal TV’. Also, Download our Android App or iOS App
