54 साल से अधूरी उम्मीद पूरी कर सकते हैं CM, होली -उतराला सडक़ बनाकर दो जिलों को एक करने का है मौका

By: Oct 22nd, 2026 12:01 am

आज से चंबा दौरा, अजेय धौलाधार के ऊपर से होली-उतराला सडक़ बनाकर दो जिलों को एक करने का है मौका

राजेश मंढोत्रा — होली (चंबा)

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का गुरुवार से शुरू हो रहा चंबा दौरा इस बार सिर्फ ‘सरकार गांव के द्वार’ तक सीमित नहीं है। यह दौरा इतिहास में दर्ज होने का मौका भी है। मुख्यमंत्री यदि होली से उतराला सडक़ को बनाने की घोषणा कर दें, तो वह अजेय धौलाधार के ऊपर से कांगड़ा और चंबा जैसे दो जिलों को जोडऩे वाले पहले मुख्यमंत्री होंगे। 15 हजार फुट से भी ऊंची धौलाधार के जालसू जोत से यह सडक़ निकलनी है। इससे होली से बैजनाथ जिला मुख्यालय चंबा जितना दूर रह जाएगा। होली में पलायन रुकेगा, टूरिज्म बढ़ेगा और तरक्की आएगी। यही कारण है कि सीएम के होली दौरे में लोग भाजपा और कांग्रेस भूलकर सीएम को सुनने आ रहे हैं। सबके दिल में यही हसरत है कि 54 साल पुरानी यह मांग अब पूरी हो जाए। मुख्यमंत्री के दौरे से ठीक एक दिन पहले वर्तमान भाजपा विधायक डा. जनक राज ने भरमौर में प्रेस वार्ता कर यह मांग की कि मुख्यमंत्री इस सडक़ की घोषणा अब कर दें। विधायक का कहना था कि उन्होंने अपनी प्राथमिकता में इसे डाला हुआ है, इसलिए सरकार को इसका समर्थन करना चाहिए।

दरअसल, इस सडक़ की मांग सबसे पहले 1972 में उठी थी। बीच में होली और उतराला के बीच टनल बनाने का प्रस्ताव भी आया, लेकिन होली के लोग भी जानते हैं कि लागत ज्यादा होने की वजह से टनल नहीं बन पाएगी, इसलिए सब जालसु पास से होते हुए सडक़ चाहते हैं। लोगों का कहना है कि जिस पास से गुर्जरों की भैंसें आ सकती हैं, वहां से सडक़ बनाना ज्यादा मुश्किल नहीं है। इस सडक़ पर पीडब्ल्यूडी ने बैजनाथ और होली दोनों तरफ से काम शुरू किया है, लेकिन हार्ड रॉक को काटने के लिए ज्यादा पैसे की जरूरत है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि करीब 50 करोड़ एक साथ चाहिए। नाबार्ड को अब टुकड़ों में डीपीआर भेजी गई है, इसलिए जल्दी मंजूरी की उम्मीद भी है। इस सडक़ की कुल लंबाई 71 किलोमीटर बनती है, जिसमें से 19 किलोमीटर का हिस्सा बैजनाथ की तरफ है, जबकि 22 किलोमीटर होली की तरफ है। 41 किलोमीटर अभी बनना शेष है। होली की तरफ से बनी सडक़ का निरीक्षण मुख्यमंत्री करेंगे। आगे के हिस्से में दो पुल और 22 किलोमीटर सडक़ और बननी है।

होली-उतराला सडक़ की टाइमलाइन: कब-क्या हुआ

1972: भरमौर के तत्कालीन विधायक श्रीराम ने रखा सडक़ का प्रस्ताव
1978: खड़ामुख-सुरेई पास-ऐहजू मार्ग का सपना दिखा, परियोजना शुरु
1988: कुछ किलोमीटर सडक़ बनने के बाद पैसे-वन मंजूरी बिना काम रुका
1998: डीपीआर और निर्माण कार्य फिर शुरू करने की प्रक्रिया चली, काम ठप
2011:4.9 किलोमीटर सुरंग का प्रस्ताव भूगर्भीय सर्वेक्षण में सही नहीं पाया
2022:वन संबंधी मंजूरी मिली, उतराला की ओर भतढेलु में निर्माण शुरू
2022:होली की ओर नौ हेक्टेयर वन भूमि के डायवर्जन को मंत्रालय की मंजूरी
2026:भाजपा विधायक डा. जनक राज ने प्रोजेक्ट विधायक प्राथमिकता बनाया
2026:प्रदेश की सुक्खू सरकार ने केस नाबार्ड को भेजा


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