डा. जयंतीलाल भंडारी

नए बजट में महंगाई पर नियंत्रण और नई मांग का निर्माण करने की रणनीति है। कोरोना वायरस से बचाव के लिए टीकाकरण एवं अन्य स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च में भारी वृद्धि की गई है। नए बजट के इन प्रावधानों के शुरुआत से क्रियान्वयन से अर्थव्यवस्था सुधार की राह पर आगे बढ़ेगी। इसी तरह वित्तमंत्री ने

निश्चित रूप से मैकेंजी की बदलते हुए वैश्विक रोजगार से संबंधित रिपोर्ट के मद्देनजर देश में डिजिटल रोजगार के मौकों को बढ़ाने और वैश्विक स्तर पर डिजिटल रोजगार के मौकों को बड़ी संख्या में प्राप्त करने के लिए अभी से ही रणनीतिक कदम उठाए जाने जरूरी हैं। तभी नए अवसर नई पीढ़ी की मुट्ठियों में

चूंकि सरकारी बैंकों में बड़ी तादाद में कर्मचारी हैं, अतएव निजीकरण के बाद खरीददार कर्मचारियों को किस तरह रोजगार में बनाए रखेगा, इस विषय पर भी विस्तृत खाका तैयार किया जाना होगा। साथ ही सरकारी बैंकों के सफल निजीकरण के लिए सरकार के द्वारा परिचालन के मसलों को भी प्रभावी ढंग से निपटाया  जाना होगा।

आसियान देशों के लिए विशेष तौर पर कुछ ऐसे क्षेत्रों में निवेश करने के लिए अच्छे मौके हैं जिनमें भारत ने काफी उन्नति की है। ये क्षेत्र हैं : डिजिटलीकरण, ई-कॉमर्स, सूचना प्रौद्योगिकी, बायोटेक्नोलॉजी, फार्मास्युटिकल्स,  पर्यटन और आधारभूत क्षेत्र। आसियान सहित दुनिया के विभिन्न देशों में इस बात को समझा गया है कि कोविड-19 के

डा. जयंतीलाल भंडारी विख्यात अर्थशास्त्री ऐसे में निश्चित रूप से नए बजट से देश में निवेश बढ़ेंगे, रोजगार बढ़ेंगे और देश कोविड-19 की आर्थिक सुस्ती से निपटने की डगर पर आगे बढ़कर विकास दर बढ़ाते हुए दिखाई दे सकेगा। हम उम्मीद करें कि सरकार नए वित्तीय वर्ष 2021-22 के अभूतपूर्व बजट से प्रस्तुत की गई

मोदी सरकार ने नवंबर 2017 में नई प्रत्यक्ष कर संहिता के लिए अखिलेश रंजन की अध्यक्षता में जिस टास्क फोर्स का गठन किया था, उसके द्वारा विभिन्न देशों की प्रत्यक्ष कर प्रणालियों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लागू प्रत्यक्ष कर संधियों का तुलनात्मक अध्ययन करके अपनी रिपोर्ट 19 अगस्त 2019 को सरकार को सौंपी जा चुकी

भारत के आधे से अधिक एमएसएमई अन्य देशों के एमएसएमई की तरह तकनीक का इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं, परिणामस्वरूप वे अब भी परंपरागत तरीके से कारोबार कर रहे हैं। इससे उनकी उत्पादकता कम होती है और लागत अधिक लगती है। ऐसे में नए बजट में सरकार की तरफ  से तकनीक की सुविधा मुहैया होने

डा. जयंतीलाल भंडारी विख्यात अर्थशास्त्री इस समय जब सरकार कोविड-19 की चुनौतियों के बीच राजकोषीय घाटे की चिंता न करते हुए विकास की डगर पर आगे बढ़ते हुए दिखाई दे रही है, तब कई बातों पर ध्यान दिया जाना जरूरी है। आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत घोषित किए गए विभिन्न आर्थिक पैकेजों के क्रियान्वयन पर

डा. जयंतीलाल भंडारी, विख्यात अर्थशास्त्री जरूरी है कि सेबी शेयर बाजार की गतिविधियों पर सतर्कता से ध्यान देकर शेयर बाजार को अधिक स्वस्थ दिशा दे। सेबी के द्वारा बाजार के संदिग्ध उतार-चढ़ावों की तरफ आंखें खुली रखी जाए। शेयर बाजारों में घोटाले रोकने के लिए डीमैट और पैन की व्यवस्था को और कारगर बनाया जाए। छोटे

डा. जयंतीलाल भंडारी, विख्यात अर्थशास्त्री जल मार्ग उपयोग करने वालों को कुछ सबसिडी भी दी जानी चाहिए। इससे अंतर्देशीय जल परिवहन और तटीय जहाजरानी दोनों को बढ़ावा मिलेगा, सस्ते में परिवहन होगा और उद्योग कारोबार को प्रोत्साहन मिलेगा। खासतौर से खतरनाक सामग्री और गैस, पेट्रोल या रसायनों का एक हिस्सा जल परिवहन को आवश्यक रूप से