डा. जयंतीलाल भंडारी

भारत के द्वारा वर्ष 2023 में की गई जी-20 की सफल अध्यक्षता से नए आर्थिक लाभों की ऐसी अभूतपूर्व संभावनाएं मिली हैं जिससे इस वर्ष 2024 में भारत से निर्यात, भारत में विदेशी निवेश, भारत में विदेशी पर्यटन और भारत के डिजिटल विकास का नया क्षितिज सामने आते हुए दिखाई देगा। ग्लोबल सप्लाई

हम उम्मीद करें कि अब लॉजिस्टिक लागत में लक्ष्य के अनुरूप कमी करके इस समय वैश्विक व्यापार में भारत का जो हिस्सा दो फीसदी से भी कम है, उसे वर्ष 2030 तक बढ़ाकर करीब तीन गुना करने के साथ-साथ निर्यात मूल्य का आकार भी बढ़ाकर 2000 अरब डॉलर किए जाने के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य को भी मुठ्ठी में लिया जा सकेगा। इससे देश 2047 तक विकसित देश बनने की डगर पर आगे बढ़ते हुए दिखाई देगा...

नए अंतरिम बजट से ऐसे विभिन्न जरूरतमंद वर्ग जो तत्काल रियायतों की अपेक्षा कर रहे थे, उन्हें अवश्य कुछ निराशा हुई है। इनमें वेतनभोगी (सेलरीड) वर्ग के लाखों छोटे आयकरदाता और मध्यम वर्ग के लोग भी हैं...

एक फरवरी को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के द्वारा लोकसभा में पेश किए जाने वाले वर्ष 2024 के अंतरिम बजट की तैयारियों का अंतिम चरण 24 जनवरी को हलवा वितरण समारोह के साथ आरंभ हुआ। पिछले तीन पूर्ण बजट की तरह नया अंतरिम बजट भी पूरी तरह से पेपरलेस होगा। वस्तुत: इस समय पूरे देश की निगाहें वित्तमंत्री के द्वारा पेश किए जाने वाले अंतरिम बजट की ओर लगी हुई हंै। वस्तुत: देश में जिस साल लोक

युवाओं के लिए रोजगार के मौके जुटाने के लिए डिजिटल शिक्षा के रास्ते में दिखाई दे रही कमियों को दूर करना होगा, वहीं उन्हें कौशल प्रशिक्षण के साथ नए स्किल्स सिखाए जाने होंगे...

हम उम्मीद करें कि सरकार अयोध्या में राम मंदिर, उज्जैन में महाकाल लोक और वाराणसी में काशी विश्वनाथ धाम जैसे आस्था केंद्र स्थलों का देश के कोने-कोने में विकास करेगी और वहां बुनियादी ढांचा व पर्यटन सुविधाओं को सुगम बनाएगी। निश्चित रूप से ऐसे में देश वर्ष 2030 तक विदेशी पर्यटकों से 56 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा अर्जित करने के लक्ष्य को मुठ्ठियों में करने के लिए आगे बढ़ते हुए दिखाई दे सकेगा...

नि:संदेह सराहनीय है कि सरकार भारत में अर्थव्यवस्था को तेजी से गतिशील कर रहे ई-कॉमर्स के तहत करोड़ों ई-कॉमर्स उपभोक्ताओं और ई-कॉमर्स कंपनियों और देश के उद्योग-कारोबार के बीच समन्वय स्थापित करने के मद्देनजर नई ई-कॉमर्स नीति को शीघ्रतापूर्वक अंतिम रूप देगी। ई-कॉमर्स से देश की विकास आकांक्षाएं पूरी होनी चाहिएं...

वर्ष 2023 में केंद्र सरकार राजकोषीय घाटे के निर्धारित लक्ष्य सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 5.9 फीसदी तक सीमित रखने में सफल रही है। वर्ष 2023 में लगभग प्रतिमाह बाजारों में उपभोक्ता मांग में तेजी और उद्योग-कारोबार में बेहतरी से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) कलेक्शन में वृद्धि हुई। वर्षभर में यह 12 प्रतिशत बढ़ा...

विकसित देश बनने के लिए 2047 तक लगातार करीब 7 से 8 फीसदी की दर से बढऩा होगा। हम उम्मीद करें कि जिस तरह 11 और 12 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के अमृतकाल में नई पीढ़ी को विकास के लिए लंबी छलांग लगाने के जो मंत्र सौंपे हैं, उनके मद्देनजर देश के युवा और शासन-प्रशासन समन्वित रूप से दुनिया में सामथ्र्यवान भारत की तस्वीर बनाते हुए आगे बढेंग़े और वर्ष 2047 तक देश विकसित देश के रूप में रेखांकित होता हुआ दिखाई देगा...

इसके साथ-साथ इस संभावना को भी साकार किया जा सकता है कि विदेशों में रह रहे भारतीय समुदाय के साथ भारत में विभिन्न कारणों से भ्रमण के इच्छुक विदेशी भी अपने परिवारों के सदस्यों के विवाह के लिए भारत को अपना डेस्टिनेशन वेडिंग स्थल बनाना पसंद करें। इससे जहां वेडिंग डेस्टिनेशन से जुड़े विभिन्न उद्योग-कारोबार आगे बढ़ेंगे, वहीं इनमें रोजगार के मौके भी बढ़ेंगे। ऐसे में भारत में डेस्टिनेशन वेडिंग भारतीय अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में अपना अहम योगदान देते हुए दिखाई देगी...