पाठकों के पत्र

स्कूल केवल पढ़ाई की जगह नहीं होते। वे बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण, संस्कार, अनुशासन और सुरक्षित भविष्य की नींव रखते हैं। माता-पिता जब अपने बच्चों को विद्यालय भेजते हैं तो उनके मन में यह विश्वास होता है कि शिक्षक उनके बच्चे को ज्ञान देने के साथ-साथ उसकी सुरक्षा और गरिमा का भी ध्यान रखेंगे। लेकिन जब इसी भरोसे की आड़ में किसी शिक्षक द्वारा छात्रा के साथ छेडख़ानी, अनुचित व्यवहार या यौन उत्पीडऩ की घटना सामने आती है, तो चोट केवल एक बच्ची को नहीं लगती, पूरा शैक्षणिक तंत्र कटघरे में खड़ा हो जाता है।

भारत की रक्षा नीति इन दिनों एक ऐसे महत्वपूर्ण परिवर्तन के दौर से गुजर रही है जिसमें लक्ष्य केवल विदेशी हथियारों और सैन्य उपकरणों की खरीद करना नहीं, बल्कि उनके निर्माण की पूरी व्यवस्था को देश के भीतर विकसित करना है। रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग ने 18 अगस्त 2026 को सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण 405 वस्तुओं वाली छठी सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची अधिसूचित की है।

शिक्षा का मकसद केवल अफसर या बाबू बनने का सपना ही नहीं होना चाहिए। शिक्षा का मकसद विद्यार्थियों को हर उस काम के लिए तैयार करना भी होना चाहिए जिससे वो किसी भी काम को छोटा समझकर अपने रोजगार के अवसर को ठुकरा न दें और बाबू या अफसर बनने के चक्कर में अपना कीमती समय बर्बाद न कर दें। इसमें कोई बुरी बात नहीं है कि बड़े बड़े सपने न देखे जाएं।

भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति उसकी संसद है। संसद केवल कानून बनाने की संस्था नहीं है, बल्कि वह देश की जनता की आकांक्षाओं, समस्याओं और प्रश्नों को राष्ट्रीय विमर्श का मंच प्रदान करती है। जनता अपने प्रतिनिधियों को इसलिए चुनकर भेजती है कि वे देश के सामने उपस्थित समस्याओं पर चर्चा करें, सरकार से प्रश्न पूछें, नीतियों की समीक्षा करें और आवश्यक कानूनों के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले पर 13वीं बार झंडा फहराया और इस मौके पर देश के विकास के लिए कुछ योजनाओं का जिक्र भी किया। केंद्र सरकार हो या किसी भी राज्य की सरकार, इनका मुख्य उद्देश्य देश के हर बेरोजगार को रोजगार उपलब्ध कराना हो, न कि मुफ्तखोरी का लोलीपॉप देना।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक बार फिर भारत को सिंधु जल समझौते के मुद्दे पर धमकी देने की कोशिश की है। उनका कहना है कि पाकिस्तान के हिस्से के पानी में कोई कमी करने या उसे रोकने की कोशिश हुई तो पाकिस्तान इसका मुंहतोड़ जवाब देगा। साथ ही उन्होंने कश्मीर पर पाकिस्तान के पुराने रुख को दोहराते हुए कहा कि इस मुद्दे पर उनका देश कभी पीछे नहीं हटेगा। अपने भाषण में उन्होंने पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की प्रशंसा करते हुए यह दावा भी किया कि उनके नेतृत्व में पाकिस्तान ने भारत को पराजित किया। पाकिस्तान आज भी वास्तविकता को स्वीकार नहीं कर रहा। उसे भारत से पानी तभी मिलेगा, जब वह भारत में फैलाए जा रहे आतंकवाद का हिसाब देगा।

भारत में हर वर्ष 20 अगस्त को अक्षय ऊर्जा दिवस के रूप में मनाया जाता है जिसका मुख्य उद्देश्य अक्षय ऊर्जा के स्रोतों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सौर, पवन, जल तथा जैव ऊर्जा जैसे स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देना है। अक्षय ऊर्जा प्रदूषण और ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन को कम करने में मदद करती है। राष्ट्रीय स्तर पर भी केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान तथा प्रधानमंत्री सूर्य घर मुक्त बिजली योजना जैसी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।

देश के पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों में मानसून ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि प्रकृति के सामने इनसानी तैयारियां कितनी भी बड़ी क्यों न हों, उसकी ताकत के आगे सब कुछ छोटा पड़ जाता है। असम में बाढ़ से मरने वालों की संख्या सौ के पार पहुंच चुकी है, जबकि हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक 68 लोगों की जान जा चुकी है। हजारों परिवार प्रभावित हैं, सैकड़ों गांव पानी में डूबे हैं और सडक़, पुल, बिजली तथा दूसरी आधारभूत सुविधाओं को भारी नुकसान पहुंचा है।

12 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाएगा। सारी दुनिया युवा शक्ति को पहचानती है। संयुक्त राष्ट्र संघ ने तो वर्ष 1985 को अंतरराष्ट्रीय युवा वर्ष घोषित किया था। वर्ष 1998 के विश्व सम्मेलन में विभिन्न मंत्रियों के समूह के सुझावों पर संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 17 दिसंबर 1999 को इस दिवस को मनाने का निर्णय लिया था। पहला अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस साल 2000 में मनाया गया था।