पाठकों के पत्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीबों को बैंकों के साथ जोडऩे के लिए और सरकार द्वारा गरीबों को विभिन्न योजनाओं की जो सबसिडी दी जाती है, उसे इनके बैंक खाते में सीधे भेजने के लिए 15 अगस्त 2014 को ऐतिहासिक लाल किले से प्रधानमंत्री जन-धन योजना का ऐलान किया था और 28 अगस्त 2014 को पूरे

अफगानिस्तान की एक अभिनेत्री के अनुसार तालिबान राज में महिलाओं का बहुत उत्पीडऩ हो रहा है। इसके वीडियो टेलीविजन के चैनलों पर भी देखे जा सकते हैं। इस बात का अंदाज़ा पहले से ही था क्योंकि 1996 से 2001 तक तालिबान का क्रूर शासन पूरी दुनिया ने देखा है। उस शासन को अफगानिस्तान की जनता

-राजेश कुमार चौहान, सुजानपुर टीहरा तालिबान द्वारा अफगानिस्तान पर किए कब्जे के कुछ ही दिनों बाद काबुल में जो आतंकी हमला हुआ है वो यह संकेत कर रहा है कि तालिबान अफगानिस्तान में आतंकी ठिकानों को पालेगा, जोकि किसी एक देश के लिए ही नहीं, बल्कि सारी दुनिया के लिए खतरा बन सकता है। हाल

जनसंख्या वृद्धि हमारे देश के लिए ही नहीं, बल्कि सारी दुनिया के लिए चिंता का विषय होना चाहिए, क्योंकि इससे सबसे ज्यादा नुकसान पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों का होता है। ग्लोबल वार्मिंग और पीने वाले पानी का संकट मुख्य रूप से इसमें शामिल हैं। हमारे देश में बेरोजगारी, गरीबी और अन्य बहुत सी समस्याओं का

हिमाचल प्रदेश कश्मीर के बाद पर्यटकों की दूसरी पसंद है। क्योंकि कश्मीर में पूर्णतया शांति का वातावरण नहीं है, अतः घूमने के लिए हिमाचल को ही सैलानी प्राथमिकता देते हैं। यही कारण है कि प्रदेश के होटलों में तिल धरने को जगह नहीं होती। विशेषकर पर्यटन सीजन में भारी भीड़ लगी रहती है। हिमाचल को

खूंखार आतंकवादी संगठन तालिबान ने जितनी जल्दी अफगानिस्तान पर कब्जा किया, उतनी जल्दी उसका विरोध भी शुरू हो गया। शायद तालिबान ने ऐसा कभी सपनें में भी नहीं सोचा होगा। जिस तालिबान को पहले रूस और उसके बाद अमरीका कई वर्षों तक अफगानिस्तान में अपनी हजारों की तादाद में सेना की तैनाती के बाद भी

एक प्राइवेट टीवी चैनल पर 23 अगस्त 2021 से ‘कौन बनेगा करोड़पति’ प्रोग्राम शुरू होने जा रहा है, जो कि पिछले कई वर्षों से हर वर्ष कुछ महीनों के लिए पेश किया जा रहा है। इसे हमारे देश के सुप्रसिद्ध महानायक अमिताभ बच्चन पेश करते हैं। लेकिन इस प्रोग्राम को आधार बनाकर कुछ शरारती तत्व

अगर पाकिस्तान अफगानिस्तान और तालिबान के ताजा हालात का फायदा आतंकवाद को बढ़ाने के लिए करेगा तो यह इसकी सबसे बड़ी दुष्टता होगी। पाकिस्तान को यह भी याद रखना होगा कि बेशक वह अपने आपको इस्लामिक देशों का प्रधान मानता हो, लेकिन इसकी आतंकवाद पालने की गलत आदत के कारण ही यह एक गरीब और

अमरीकी सेना द्वारा अफगानिस्तान छोड़ने के बाद तालिबान ने बिना किसी प्रतिरोध के केवल 20 सप्ताह में लगभग पूरे देश पर कब्जा कर लिया। इतिहास में यह एकमात्र उदाहरण हो सकता है कि 3.5 लाख सेना ने इस तरह आत्मसमर्पण किया जैसे वे बच्चे हैं। अमरीकी सेना अफगानिस्तान में 20 साल तक रही। क्या उन्होंने