देश सेवा को 162 जवानों ने खाई कसम

सुबाथू में 14 जीटीसी के सलारिया स्टेडियम में भव्य परेड का आयोजन

सुबाथू-सुबाथू में 14-जीटीसी के ऐतिहासिक सलारिया स्टेडियम में शनिवार को भव्य दीक्षांत परेड का आयोजन किया गया। शपथ ग्रहण के दौरान 14 जीटीसी के धर्म गुरु सूबेदार रामबनी पाठक ने 138-कोर्स के 162 जवानों को 42 सप्ताह की कठिन ट्रेनिंग करने के बाद विविधत रूप से भारतीय सेना में शामिल होने की शपथ दिलाई। 14 जीटीसी के ब्रिगेडियर एचएस संधू (सेना मेडल) ने इस भव्य परेड का निरीक्षण करते हुए सलामी ली। ब्रिगेडियर एचएस संधू ने सभी जवानों को बधाई देते हुए कहा कि वह विश्व की सबसे बड़ी सेना में शामिल हुए हैं। श्री संधू ने ट्रेनिंग के दौरान सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जवान को भी सम्मानित किया। इस अवसर अनिल तमांग को बेस्ट रंगरूट के खिताब से नवाजा गया। ब्रिगेडियर ने अनिल को चांदी की खुखरी देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर 14 जीटीसी के सेना बैंड ने मधुर-मधुर धुनें प्रस्तुत कीं। साथ ही खुखरी डांस का भी आयोजन किया गया। वहीं, शपथ कार्यक्रम के दौरान दुश्मनो को धूल चटाने का एक हुनर कार्यक्रम में पेश किया गया। सुबाथू में स्थापित 14 गोरखा प्रशिक्षण केंद्र देश भर के सैनिकों को दुश्मन से लड़ने का प्रशिक्षण देता है। इस प्रशिक्षण में एक ही बात सिखाई जाती है कि टे्रनिंग में पसीना बहाने वाला जवान कभी जंग में खून नहीं बहाता। प्रशिक्षण केंद्र में 42 सप्ताह की कड़ी टे्रनिंग के बाद हमारा जवान दुश्मन के लिए अकेला ही भारी पड़ता है। जंग में गोरखा फौज का एक ही लक्ष्य होता है। कायर हुनू भंदा मरनों राम्रो। इतिहास बयां करता है की जब गोरखा फौज जंग में जय महाकाली, आयो गोरखाली का नारा लगाते हैं, तो दुश्मन थर-थर कांपता है। इतिहास गवाह है कि गोरखा सेना जब भी जंग के मैदान में उतरती है, तो उस वक्त उन सब सैनिकों का सिर्फ एक ही लक्ष्य होता है, कायर होने से तो, मरना बेहतर है।

इन जवानों को मिला सम्मान

बेस्ट डिल सागर सेन, बेस्ट पीटी में पदम बहादुर थापा मगर, बेस्ट रायफल फायरिंग सूरज थापा, बेस्ट एलएमजी फायरिंग राहुल तमांग, बेस्ट बीवाईटी फायरिंग में रोशन प्रधान, बेस्ट अकादमिक सुनील तमांग को बेस्ट एंडूरेंस सुमन राणा को सम्मानित किया गया।

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