ड्रोन सर्वे से खुलेंगी टैक्स चोरी की परतें
अगस्त से बढ़े हुए प्रॉपर्टी टैक्स बिल जारी होने की तैयारी, अवैध निर्माण और गलत पैमाइश पर भी होगी कार्रवाई
स्टाफ रिपोर्टर-शिमला
राजधानी में इस वर्ष प्रॉपर्टी टैक्स व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। नगर निगम प्रशासन ने शहर के सभी भवनों की फिजिकल पैमाइश और ड्रोन सर्वे के आधार पर रिकॉर्ड सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसका सीधा असर अगस्त माह में जारी होने वाले प्रॉपर्टी टैक्स बिलों पर पड़ेगा। निगम प्रशासन इस बार निर्धारित 10 प्रतिशत वार्षिक बढ़ोतरी के साथ ड्रोन सर्वे में सामने आए वास्तविक क्षेत्रफल को भी टैक्स निर्धारण में शामिल करने जा रहा है। ऐसे में हजारों भवन मालिकों को पहले की तुलना में अधिक टैक्स चुकाना पड़ सकता है। नगर निगम शिमला के दायरे में 35 हजार से अधिक भवन मालिक प्रतिवर्ष प्रॉपर्टी टैक्स जमा करते हैं। वर्ष 2014 में यूनिट एरिया मेथड लागू होने के दौरान लोगों ने स्वयं अपने भवनों और मंजिलों की पैमाइश का विवरण निगम को उपलब्ध करवाया था। अब आधुनिक तकनीक के माध्यम से किए गए ड्रोन सर्वे में भवनों का वास्तविक क्षेत्रफल और वर्तमान स्थिति सामने आई है। इस डिजिटल रिकॉर्ड को केंद्रीय सॉफ्टवेयर प्रणाली से जोड़ा जा रहा है, जिससे प्रत्येक भवन का सटीक विवरण निगम के पास उपलब्ध होगा। निगम अधिकारियों के अनुसार जिन भवन मालिकों ने वास्तविक क्षेत्रफल से कम जानकारी देकर टैक्स जमा किया है, उनके रिकॉर्ड संशोधित किए जाएंगे। ऐसे मामलों में अतिरिक्त टैक्स के साथ बकाया राशि और नियमानुसार पेनल्टी भी वसूली जाएगी।
जुर्माने के साथ सख्त कार्रवाई भी की जाएगी
जिन भवनों में स्वीकृत नक्शे से अधिक निर्माण पाया जाएगा या जिन्होंने कंप्लीशन रिपोर्ट लिए बिना भवन का दायरा बढ़ाया है, उन्हें टैक्स चोरी की श्रेणी में माना जाएगा। ऐसे मामलों में जुर्माने के साथ सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। वर्तमान में नगर निगम को प्रॉपर्टी टैक्स से प्रतिवर्ष लगभग 22 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। निगम को उम्मीद है कि ड्रोन सर्वे और डिजिटल सत्यापन के बाद राजस्व में चार से पांच करोड़ रुपये तक की अतिरिक्त बढ़ोतरी हो सकती है। निगम का कहना है कि नई व्यवस्था से टैक्स निर्धारण अधिक पारदर्शी होगा और सभी भवन मालिकों से समान रूप से कर वसूली सुनिश्चित की जा सकेगी। हालांकि दूसरी ओर शहर के लोगों में बढ़े हुए बिलों को लेकर चिंता भी बढ़ रही है। बिजली, पानी और अन्य घरेलू खर्चों में लगातार वृद्धि के बीच प्रॉपर्टी टैक्स का अतिरिक्त बोझ लोगों की जेब पर असर डाल सकता है। ऐसे में अगस्त में जारी होने वाले नए बिलों पर पूरे शहर की नजरें टिकी हुई हैं।
सर्वे से बढ़ सकता है निगम का राजस्व
नगर निगम जल्द ही शहर के सभी भवनों का जमीनी स्तर पर विस्तृत सर्वे करेगा। निगम का मानना है कि इससे अवैध निर्माणों की पहचान होगी, टैक्स चोरी के मामलों पर अंकुश लगेगा और संपत्तियों का सटीक रिकॉर्ड तैयार होगा। अधिकारियों के अनुसार सर्वे पूरा होने के बाद निगम के प्रॉपर्टी टैक्स राजस्व में उल्लेखनीय बढ़ोतरी संभव है। भविष्य की नगर नियोजन योजनाओं के लिए भी यह डेटा उपयोगी साबित होगा।
Keep watching our YouTube Channel ‘Divya Himachal TV’. Also, Download our Android App or iOS App
