क्या टूट गई अमरीका से डील, ईरान ने फिर बंद किया स्ट्रेट ऑफ होर्मुज; जानिए क्या रहा कारण
लेबनान पर इजरायली हमलों के चलते फैसला; अमरीका बोला, 55 जहाज सुरक्षित गुजरे
कहा; यह तो सिर्फ पहला कदम है, हरकत जारी रही तो अंजाम और भी बुरा होगा
अमरीका ने शांति समझौते की पहली शर्त नहीं मानी
एजेंसियां — यरुशलम
ईरान ने एक बार फिर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद कर दिया है। इजरायल की संयुक्त सैन्य कमान ने इसकी जानकारी दी। यह कदम इजरायल द्वारा लेबनान में हमलों के चलते उठाया गया है। इसके साथ ही ईरान ने यह भी चेतावनी दी है कि यह तो सिर्फ पहला कदम है। अगर इजरायल के हमले इसी तरह से जारी रहे तो अंजाम और भी बुरा हो सकता है। बयान में यह भी कहा गया है कि अमरीका और इजरायल लगातार सीजफायर की शर्तों का उल्लंघन कर रहे हैं। वहीं अमरीकी सेना की सेंट्रल कमान ने ईरान के दावे को चुनौती देते हुए कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही जारी है और समुद्री मार्ग सुरक्षित बना हुआ है। सेंट्रल कमान के मुताबिक, 20 जून को होर्मुज से 55 कॉमर्शियल जहाज गुजरे। इन जहाजों के जरिए बड़ी मात्रा में सामान और 1.7 करोड़ से ज्यादा बैरल तेल वैश्विक बाजारों तक पहुंचाया गया। सेंट्रल कमान ने यह भी कहा कि अमरीकी सेना इलाके में मौजूद है और सतर्क है ताकि ईरान के साथ हुए समझौते के सभी पहलुओं का पूरी तरह से पालन हो। ईरान दोटूक कहा कि अमरीका ने शांति समझौते की पहली शर्त को लागू नहीं किया है। इजराइल लगातार दक्षिणी लेबनान में सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है। बता दें कि अमरीका और ईरान के बीच 17 जून की रात शांति समझौते पर दस्तखत हुए थे।
इसमें होर्मुज को खोलने और लेबनान में हमले बंद करने की शर्तें थीं। पीस डील पर साइन के बाद भी इजरायल ने लेबनान में हमले जारी रखे थे। इसके बाद अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहल पर 19 जून की रात इजरायल और लेबनान के बीच सीजफायर का ऐलान हुआ था। हालांकि सीजफायर के ऐलान के आठ घंटे बाद ही इजरायल और लेबनान के बीच संघर्ष शुरू हो गया। इजरायली सेना ने ड्रोन और तोपों से नबाहितए इलाके में हमला किया जिसमें कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई। इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि इजरायल अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि इजरायल गाजा और लेबनान में अपने सैन्य अभियान जारी रखेगा।
पाक में प्रेस फ्रीडम की कमी से अटका समझौते का एमओयू
अमरीका और ईरान के बीच मध्यस्थता कराने वाले पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय मंच पर लगातार किरकिरी हो रही है। अमरीकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि ईरान के साथ हुए इस समझौते के विवरण को जारी करने में हुई देरी के पीछे एक वजह पाकिस्तान में प्रेस की आजादी का स्तर भी था। जेडी वेंस ने कहा कि हम इसे जल्द बाहर लाना चाहते थे। उन्होंने बताया कि इसकी वजह से भी अमरीका और ईरान के बीच शांति समझौते का एमओयू जारी होने में देरी हुई। वहीं, रविवार को होने वाली अमरीका-ईरान वार्ता को लेकर जेडी वेंस ने उम्मीद जताई कि वार्ता बेहतर होगी। उन्होंने कहा कि हम ईरान को बातचीत करने का मौका दे रहे हैं।
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