कम मानसून से 38 फुट खाली रह गया भाखड़ा डैम, पेयजल-सिंचाई योजनाओं पर संकट के आसार

By: Sep 24th, 2026 12:08 am

1680 फुट क्षमता के मुकाबले 1642 फुट लेवल, पेयजल-सिंचाई योजनाओं पर संकट के आसार

कार्यालय संवाददाता-बिलासपुर

उत्तर भारत के कई राज्यों को रोशन करने वाला भाखड़ा डैम इस वर्ष अपेक्षित स्तर तक नहीं भर पाया है। डैम का जलस्तर अपनी निर्धारित अधिकतम क्षमता 1680 फुट के मुकाबले करीब 38 फुट कम रह गया है। वर्तमान में भाखड़ा डैम का जलस्तर 1642 फुट दर्ज किया गया है, जिससे बिजली उत्पादन, पेयजल व सिंचाई योजनाएं तथा जल परिवहन सेवाओं पर प्रभाव पडऩे की आशंका बढ़ गई है। भाखड़ा डैम में 1325 मेगावाट बिजली का उत्पादन होता है। पंजाब हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली व चंडीगढ़ के लिए भाखड़ा डैम से बिजली आपूर्ति की जाती है। यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो आगामी महीनों में विद्युत उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है।

वर्ष 2022 में भाखड़ा डैम के जलस्तर की बात करें तो करीब 1668 फुट रहा। इसके अलावा वर्ष 2023 में मानसून सीजन में भारी बारिश के कारण जलस्तर लगभग 1675.54 फुट तक रहा। वहीं, वर्ष 2024 में अधिकतम जलस्तर करीब 1653.52 फीट दर्ज किया गया। गत वर्ष 2025 में मानसून और भारी बारिश के कारण सितंबर की शुरुआत में ही जलस्तर रिकॉर्ड 1678.97 फुट पहुंच गया था, लेकिन इस साल अभी तक भाखड़ा डैम का जलस्तर 38 फुट तक कम रहा है।

इस बार नहीं डूबे मंदिर

गोबिंदसागर झील में स्थित मंदिरों पर भी कम पानी का असर दिखाई दे रहा है। इस समय तक ये मंदिर पूरी तरह जलमग्न हो जाते थे, लेकिन इस वर्ष कई मंदिरों के हिस्से अब भी पानी से ऊपर दिखाई दे रहे हैं, जो झील में कम जलभराव की स्थिति को दर्शाता है। भाखड़ा डैम के पानी को नियंत्रित करने के लिए नंगल डैम और नंगल हाइडल चैनल बनाया गया है। यहां पर भाखड़ा मुख्य नहर यह इस परियोजना की सबसे बड़ी सिंचाई नहर है। यह पंजाब, हरियाणा और राजस्थान को सिंचाई सुविधा मुहैया करवाती है।

दिल्ली-चंडीगढ़-पंजाब-हरियाणा तक असर

डैम के जलस्तर कम होने के चलते जल परिवहन सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। झील के विभिन्न क्षेत्रों में मोटरबोट संचालकों और यात्रियों को अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है। वहीं वाटर स्पोट्र्स गतिविधियों पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है। यही नहीं भाखड़ा डैम पर दिल्ली, चंडीगढ़ और पंजाब व हरियाणा की पेयजल और सिंचाई योजनाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।

बोट तक पहुंचने को लंबा सफर

गोबिंदसागर झील के किनारे रहने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जलस्तर घटने के कारण कई स्थानों पर मोटरबोट तक पहुंचने के लिए लंबा पैदल सफर तय करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार झील का जलस्तर काफी कम है, जिससे आवागमन भी प्रभावित हुआ है।


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