अनुराग ठाकुर : राष्ट्र स्तर पर प्रदेश की आवाज

By: Oct 24th, 2026 12:05 am

सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा योजना उनकी कई योजनाओं में सबसे खास पहल है जो प्रदेश के 6 जिलों में अब तक 12 लाख लोगों को निशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं दे चुकी है…

राजनीति में अनुराग सिंह ठाकुर की पहचान अब केवल पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के पुत्र के रूप में सीमित नहीं है, बल्कि वह अब हिमाचल के युवा चेहरे के साथ राष्ट्रीय फलक पर प्रदेश की आवाज और दुनिया भर में भारतवर्ष की पहचान बन चुके हैं। 2011 में सर्वश्रेष्ठ सांसद, 2014 में यंग ग्लोबल लीडर, 2019 में चैंपियंस ऑफ चेंज अवार्ड, कोयला, खान और इस्पात संबंधी संसदीय स्थायी समिति के नेतृत्व को दो बार संसद रत्न अवार्ड, भारतीय प्रादेशिक सेना में कैप्टन, भारत यूरोपीय संघ संसदीय मैत्री समूह का अध्यक्ष और लगातार पांचवीं बार का सांसद बनना अनुराग सिंह ठाकुर की पहचान और मेहनत को साफ दिखाता है। वर्ष 2008 में हमीरपुर लोकसभा सीट के उपचुनाव से शुरू हुआ उनका संसदीय सफर 2024 तक लगातार पांच जीत दर्ज कर लोकसभा में हिमाचल प्रदेश की आवाज बुलंद किए हुए है। भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष, भारतीय ओलंपिक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष और केंद्र सरकार में सूचना एवं प्रसारण तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री जैसी जिम्मेदारियां उनके सार्वजनिक जीवन के अलग-अलग पड़ाव रहे हैं। इन भूमिकाओं ने उन्हें प्रदेश की राजनीति से आगे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है, लेकिन किसी नेता की राजनीतिक यात्रा का वास्तविक आकलन केवल पदों और चुनावी जीत से नहीं, बल्कि उसके काम, जनसंपर्क, संगठनात्मक स्वीकार्यता और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की कसौटी पर होता है।

ऐसे में अनुराग ठाकुर का सफर हिमाचल में राजनीतिक विरासत, व्यक्तिगत पहचान और भविष्य में संभावित नेतृत्व की भूमिका को समझने का एक महत्वपूर्ण संदर्भ प्रस्तुत करता है। 24 अक्टूबर 1974 को हमीरपुर में जन्मे अनुराग ठाकुर पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल और शीला धूमल के पुत्र हैं। उन्होंने दोआबा कॉलेज, जालंधर से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की। राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले परिवार में जन्म लेने के बावजूद उनका शुरुआती रुझान क्रिकेट की ओर रहा। हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने राज्य में क्रिकेट के बुनियादी ढांचे के विकास पर काम किया। धर्मशाला का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम हिमाचल की खेल पहचान का प्रमुख प्रतीक बनकर उभरा। आगे चलकर वह भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सचिव और अध्यक्ष भी बने। 2016 में बीसीसीआई अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालना उनके सार्वजनिक जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव था। इस तरह राजनीति में पूरी तरह सक्रिय होने से पहले ही उन्होंने खेल प्रशासन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। अनुराग ठाकुर की संसदीय राजनीति का औपचारिक आरंभ वर्ष 2008 में हुआ। उस समय प्रेम कुमार धूमल के मुख्यमंत्री बनने के बाद हमीरपुर लोकसभा सीट खाली हुई और भाजपा ने उपचुनाव में अनुराग ठाकुर को उम्मीदवार बनाया। उन्होंने चुनाव जीतकर 14वीं लोकसभा में प्रवेश किया। इसके बाद 2009, 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में भी उन्होंने जीत दर्ज की। लगातार पांच बार एक ही संसदीय क्षेत्र से निर्वाचित होना उनके राजनीतिक सफर का महत्वपूर्ण तथ्य है। वर्ष 2024 के चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के सतपाल रायजादा को 1,82,357 मतों के अंतर से हराया।

यह परिणाम हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में उनके चुनावी जनाधार को दर्शाता है। वर्ष 2010 में वह भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने और लगातार तीन कार्यकाल तक इस जिम्मेदारी पर रहे। उनके कार्यकाल में राष्ट्रीय एकता यात्रा, शहीदों को श्रद्धांजलि देने से जुड़े अभियान और डिजिटल साक्षरता जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए। भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व के अलग-अलग दौर में युवा मोर्चा का नेतृत्व करने से उन्हें राष्ट्रीय संगठन में काम करने का अनुभव मिला। संसदीय कार्यकाल के दौरान अनुराग ठाकुर को कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलीं। 16वीं लोकसभा में वह भाजपा के मुख्य सचेतक बने और सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसदीय स्थायी समिति की अध्यक्षता की। वर्ष 2019 में उन्हें संसद रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, 29 जुलाई 2016 को उन्हें प्रादेशिक सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन मिला। वर्ष 2021 में उन्हें कैप्टन के पद पर पदोन्नति मिली। इस तरह उनका सार्वजनिक जीवन राजनीति और संगठन के साथ खेल प्रशासन तथा प्रादेशिक सेना से जुड़े अनुभवों तक फैला हुआ है। केंद्र सरकार में अनुराग ठाकुर की भूमिका वर्ष 2019 में और व्यापक हुई, जब उन्हें वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों का राज्य मंत्री बनाया गया। जुलाई 2021 में मंत्रिमंडल फेरबदल के दौरान उन्हें सूचना एवं प्रसारण तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालयों की जिम्मेदारी सौंपी गई। खेल मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल में खेलो इंडिया, खिलाडिय़ों के प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारियों जैसे विषय प्रमुख रहे। सूचना एवं प्रसारण मंत्री के रूप में उन्होंने डिजिटल मीडिया, प्रसारण और सरकार की संचार नीतियों से जुड़े विषयों पर काम किया। हिमाचल प्रदेश के संदर्भ में अनुराग ठाकुर की राजनीतिक भूमिका का सबसे प्रत्यक्ष आधार हमीरपुर संसदीय क्षेत्र है। इस क्षेत्र में स्वास्थ्य संस्थानों, खेल सुविधाओं, सडक़ संपर्क, रेल परियोजनाओं और हवाई सेवाओं जैसे मुद्दे लंबे समय से सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा रहे हैं।

धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम का विकास हिमाचल को अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर पहचान दिलाने वाला उदाहरण है। सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा योजना उनकी कई योजनाओं में सबसे खास पहल है जो प्रदेश के 6 जिलों में अब तक 12 लाख लोगों को निशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं दे चुकी है। इसी तरह युवाओं के बीच सबसे अधिक चर्चित और प्रिय नेता के रूप में स्थापित अनुराग सिंह ठाकुर का युवा चेंजमेकर्स अभियान युवा शक्ति को राजनीति में आगे लाने की सोच का ही संदेश है। अनुराग सिंह ठाकुर को भविष्य में हिमाचल की राजनीति में किसी व्यापक भूमिका के संभावित चेहरे के रूप में देखने की चर्चा उनके राष्ट्रीय अनुभव और राजनीतिक पृष्ठभूमि के कारण होती है। अनुराग सिंह ठाकुर राजनीति में एक ऐसा चेहरा हैं, जिनके प्रशंसक न सिर्फ युवा पीढ़ी में, बल्कि समाज के हर वर्ग और देश के हर हिस्से में मिलेंगे। उनका योगदान अमूल्य है। बहरहाल, उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएंं।

महेश सपहिया

मंडी, हि. प्र.


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