जनता को समाधान चाहिए

पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार हम यह भूल जाते हैं कि हमारी भैंस तो दरअसल हमारे जीवन से जुड़े रोजमर्रा के सवाल हैं। यानी, अर्थव्यवस्था, शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य , महिला सुरक्षा, परिवहन व्यवस्था, कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार, पीने योग्य…

बढ़ती जनसंख्या का सुनहरा अवसर 

भरत झुनझुनवाला आर्थिक विश्लेषक स्वतंत्रता के बाद मेडिकल साइंस में सुधार हुआ। अपने देश में बाल मृत्यु दर में भारी गिरावट आई। मलेरिया जैसी बीमारियों पर हमने नियंत्रण पाया। इस कारण बच्चों की संख्या तेजी से बढ़ी। उस समय परिवार में चार या छह…

कब खत्म होंगे रूढि़वादी अंधविश्वास

कंचन शर्मा लेखिका, शिमला से हैं हिमाचल के मंडी जिला के सरकाघाट क्षेत्र में देव आस्था व अंधविश्वास के नाम पर जो शर्मनाक व दिल दहला देने वाली घटना घटित हुई है वह यकीनन हमारी देव परंपराओं, आस्था व विश्वास को सोशल मीडिया में वायरल हो रहे…

हिमाचल में ग्लोबल इन्वेस्टर मीट

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री वरिष्ठ स्तंभकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में इस बात का संकेत भी दिया कि निवेशकर्ता, प्रदेश सरकार द्वारा दिए गए किसी पैकेज को देख कर या उसके लालच में आकर निवेश नहीं करता बल्कि वह देखता है कि…

प्रदूषण से बचने के उपाय

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार आज दिल्ली से एयरलाइंस की 32 उड़ानों को डायवर्ट किया गया क्योंकि खराब दृश्यता के कारण ये उतर नहीं सकी। मैंने याद किया कि जब मैंने चार साल पहले दो विश्वविद्यालयों के निमंत्रण पर चीन का दौरा…

खेलों को खेल की भावना से खेलो

भूपिंदर सिंह राष्ट्रीय एथलेटिक प्रशिक्षक खेल चाहे वह क्रिकेट का हो, फुटबाल का हो या फिर एथलेटिक्स का, सभी जगह पैसा ही सब कुछ बनता जा रहा है। इसी व्यवस्था की दौड़ में खेलों में रिश्वत, सट्टे और डोपिंग की नई शब्दावली विकसित हुई है। यह…

समता, ममता और महिलाएं

पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार ‘राष्ट्रीय एकल नारी अधिकार मंच’ नामक इस संगठन की सदस्या महिलाओं में विधवाएं, परित्यक्ताएं, तलाकशुदा महिलाएं व ऐसी अविवाहित महिलाएं शामिल हैं जो अपने परिवार और समाज से उपेक्षापूर्ण व्यवहार का दंश झेल रही…

भारत में जनमत संग्रह हो 

भरत झुनझुनवाला आर्थिक विश्लेषक इंग्लैंड में तीन वर्ष पहले सवाल उठा था कि इंग्लैंड को यूरोपियन यूनियन का हिस्सा बना रहना चाहिए या उससे बाहर आ जाना चाहिए। उस समय सत्तारूढ़ कंजरवेटिव पार्टी ने इस विवाद को समाप्त करने की दृष्टि से जनमत…

जम्मू-कश्मीर की नई सुबह

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री वरिष्ठ स्तंभकार जिस प्रकार नशे के आदी हो चुके नशेड़ी, यह नहीं समझ पाते कि नशा उनके जीवन के लिए खतरा है, उसी प्रकार अनुच्छेद 370 के ड्रग एडिक्ट हो चुके बहुत से कश्मीरी भी इसके नुकसान को समझ नहीं पा रहे थे। नशे…

विधानसभा चुनावों के सबक

प्रो. एनके सिंह अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन सलाहकार इसमें कोई शक नहीं कि वीरभद्र सिंह के अलावा पार्टी में कोई ऐसा नेता नहीं है जो भविष्य की संभावनाओं को बनाते हुए मुख्यमंत्री पद के लिए तैयार किया जा सके। कांग्रेस कौल सिंह और विप्लव ठाकुर को…

वरिष्ठ स्कूल एथलेटिक्स-2019

भूपिंदर सिंह राष्ट्रीय एथलेटिक प्रशिक्षक जब किशोर अवस्था से युवा अवस्था की ओर आप अग्रसर हो रहे होते हैं तो इस समय हमारी शारीरिक क्षमता में काफी अंतर होता है। यह अंतर अगर छह महीने से लेकर एक वर्ष तक का हो तो भी यह खेल प्रदर्शन को काफी हद…

कैसे पाएं मनचाही सफलता

पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार सफलता की कामना सब करते हैं पर ज्यादातर लोग कामना तक ही सीमित रहते हैं, वे सफल होना चाहते हैं पर सफलता के लिए कुछ करने को तैयार नहीं हैं। वे चाहते हैं कि सफलता किसी लॉटरी की तरह खुद ही उनकी झोली में आ…

नदी संरक्षण के अधूरे कदम 

भरत झुनझुनवाला आर्थिक विश्लेषक उद्योगों और नगरपालिकाओं से गंदा पानी गंगा में अभी भी छोड़ा ही जा रहा है। यद्यपि मात्रा में कुछ कमी आई हो सकती है। देश की नदियों को स्थायी रूप से साफ करने के लिए हमें दूसरी रणनीति अपनानी पड़ेगी। पर्यावरण…

बैंक घोटालों से लुटता जनतंत्र

अनुज कुमार आचार्य लेखक, बैजनाथ से हैं भारत में फुलप्रूफ बैंकिंग तंत्र के न होने के चलते बैंक घोटालों का पुराना इतिहास रहा है। भारतवर्ष में पिछले कुछ वर्षों से लगातार पकड़ में आ रहे बैंक घोटालों की वजह से आम नागरिकों का बैंकिंग सेक्टर के…

हरियाणा से कश्मीर तक चर्चा

डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री वरिष्ठ स्तंभकार हरियाणा में यदि भाजपा के चार-पांच मंत्री जीत जाते तो शायद चैनलों पर बहस करने वालों को घंटों निरर्थक मीमांसाएं करने का अवसर न मिलता, लेकिन महाराष्ट्र और हरियाणा के इन चुनावों की गहमा-गहमी में…