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इस समय गैस उत्सर्जन में चीन पहले, अमेरिका दूसरे तथा भारत तीसरे स्थान पर बना हुआ है। इन पर ही इस त्रासदी से निपटने के प्रयासों की सफलता निर्भर है… वैश्विक स्तर पर जलवायु परिवर्तन से पैदा हुए खतरों से दुनिया परिचित हो चुकी है। आज यह कोई वैज्ञानिक भविष्यवाणी मात्र न रह कर एक

बात 1944 की है, जब नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने सिंगापुर में एक रेडियो संदेश प्रसारित करते हुए महात्मा गांधी को पहली बार राष्ट्रपिता कहकर संबोधित किया था। आज़ाद हिंद रेडियो पर अपने भाषण के माध्यम से महात्मा गांधी जी को संबोधित करते हुए नेता जी ने जापान से सहायता लेने का अपना कारण और

इसलिए केवल समर्थन की हवाई बातों को करने के स्थान पर हमें समझना होगा कि छोटे उद्योगों को यदि जीवित रखना है तो उन्हें वित्तीय सहायता देनी ही पड़ेगी। हमें यह स्वीकार करना होगा कि छोटे उद्योगों द्वारा बनाए गए माल की लागत अधिक होगी। जैसे बड़े उद्योग में बनाई गई टीशर्ट 200 रुपए में

भारत में नियामक भार कम करने की प्रक्रिया अभी प्रारंभिक चरणों में है, परंतु संतोष की बात यह है कि आखिरकार प्रक्रिया शुरू तो हुई। हिमाचल में इस विषय को सरकार द्वारा गंभीरता से लिया जा रहा है। लगभग 44 विभाग इस कार्य में लगे हैं। शीर्ष स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक

हम उम्मीद करें कि एक ऐसे समय जब भारत का विदेशी मुद्रा भंडार ऐतिहासिक स्तर पर है, तब सरकार के द्वारा वर्ष 2022 में विदेशी मुद्रा भंडार के रणनीतिक उपयोग की उपयुक्त रणनीति बनाई जाएगी। इस परिप्रेक्ष्य में सरकार के द्वारा बुनियादी ढांचा और चिकित्सा ढांचे को मजबूत करने तथा चीन व पाकिस्तान से मिल

हमारे देश की राजनीति पहले से ही इस जहर का शिकार हो गई है। यह पूरा मामला इसलिए हमारी चिंताओं में इजाफा करता है कि अब तक गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी 25 साल से कम आयु के नौजवान हैं और उच्च तकनीकी पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत हैं। यह घटना बताती है कि हमारे नौजवान किस

अतीत से गौरवशाली सैन्य पृष्ठभूमि का गढ़ रहा राज्य दशकों से अपने पराक्रमी योद्धाओं के उत्तम रण कौशल की लंबी फेहरिस्त सहेज कर ‘हिमाचल रेजिमेंट’ की उम्मीद में बैठा है। लिहाजा केंद्र सरकार को राष्ट्र के प्रति समर्पण के जज्बात रखने वाले राज्य को एक अदद रेजिमेंट से विभूषित करना चाहिए… 15 जनवरी 2022 को

पंथ का मोटे तौर पर अभिप्राय उन लोगों से है जो दशगुरु परंपरा के गुरुओं में विश्वास करते हैं और उनके दिखाए हुए रास्ते पर चलने का प्रयास करते हैं। इसलिए पंथ में विश्वास करना और अकाली दल का सदस्य होना दोनों अलग-अलग बातें हैं। यदि दोनों को एक ही मान लिया जाए, फिर तो

लड़कियों की युवावस्था 17-18 वर्ष की आयु में शुरू हो जाती है। लड़कों में यह एक-दो वर्ष बाद आती है। इस अवस्था तक फिटनेस कार्यक्रम हर विद्यार्थी को जरूरी है… पिछले दो वर्षो से पूरा विश्व कोरोना महामारी के कारण अस्त-व्यस्त चल रहा है और अब इस वर्ष भी कोरोना से राहत मिलती नजर नहीं