हिमाचल में फुटबाल का सफर 

भूपिंदर सिंह राष्ट्रीय एथलेटिक प्रशिक्षक फुटबाल संघ का इतिहास 1974 से हिमाचल में शुरू होता है जब सुकेत के राजा ललित सेन को अध्यक्ष तथा चेतराम वर्मा को महासचिव बनाया गया था। इसी वर्ष एएन तिवारी की कप्तानी में हिमाचल प्रदेश की टीम ने रोजर…

हिमाचल के नौनिहालों का मार्गदशर्क क्यों नहीं? 

भूपिंदर सिंह राष्ट्रीय एथलेटिक प्रशिक्षक केंद्रीय विभाग व अन्य राज्यों में खेल आरक्षण से नौकरी लगे खिलाडि़यों को कम से कम नौकरी प्राप्त करने के बाद अगले पांच वर्षों तक अपने विभाग व देश के लिए खेलना अनिवार्य होता है। मगर हिमाचल में ऐसा…

हिमाचल खेल प्राधिकरण कब बनेगा?

भूपिंदर सिंह राष्ट्रीय एथलेटिक प्रशिक्षक राज्य खेल परिषद की तरह हिमाचल प्रदेश युवा बोर्ड का भी गठन होता है। हिमाचल प्रदेश में पिछले दो दशकों से खेल प्राधिकरण गठन की घोषणा तो जरूर की थी, मगर सत्ता में आने के बाद फिर खेल प्राधिकरण पर…

बू्रस ली बनाने का गोरख धंधा

भूपिंदर सिंह राष्ट्रीय एथलेटिक प्रशिक्षक राष्ट्रीय स्तर की इन प्रतियोगिताओं में एक ही मोहल्ले के खिलाड़ी किसी राज्य की टीम हो जाते हैं। इस गोरख धंधे का अध्ययन जब किया गया तो पता चलता है कि देश के विभिन्न राज्यों के शहरों व गांवों में…

अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में हिमाचल

भूपिंदर सिंह राष्ट्रीय एथलेटिक प्रशिक्षक सितंबर में होने वाली विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में हिमाचल का यह गबरू भारत का प्रतिनिधित्व करता नजर आएगा। सेना की तरफ से खेलते हुए चंबा के बकलोह निवासी वीएस थापा ने ओलंपिक तक मुक्केबाजी…

शारीरिक शिक्षकों के पर्याप्त पद हों

भूपिंदर सिंह राष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रशिक्षक शारीरिक शिक्षा के प्राध्यापकों का कार्य तीन कक्षाओं में शारीरिक शिक्षा पढ़ाना, अंतर महाविद्यालय खेलों के लिए टीमों का प्रबंधन करने के साथ-साथ स्टोर कीपर व लिपिका कार्य भी स्वयं ही करना होता है।…

हिमाचल में भी हों हरियाणा जैसे स्कूल

भूपिंदर सिंह राष्ट्रीय एथलेटिक प्रशिक्षक हरियाणा के सोनीपत जिला के खरखौदा में प्रताप सिंह स्मारक वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के पास जहां सभी इंडोर खेलों के लिए आधारभूत ढांचा है, वहीं पर इस स्कूल के पास विभिन्न खेलों के पचास प्रशिक्षक भी…

हिमाचल में हाकीः तब और अब

भूपिंदर सिंह राष्ट्रीय एथलेटिक प्रशिक्षक जब प्रदेश की संतानें सीता व दीपक होकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा कर भारतीय टीम का मुख्य अंग बन सकती हैं, तो फिर हिमाचल के प्रशिक्षकों को चाहिए कि वे राज्य में ऐसा प्रशिक्षण…

प्रशिक्षक मोहताज, फिर कैसे होगा खेल

भूपिंदर सिंह राष्ट्रीय एथलेटिक प्रशिक्षक अब हिमाचल का युवा सेवाएं एवं खेल विभाग उसे प्रशिक्षक बना रहा है, जो जिला स्तर तक खेला है और 42 दिनों की ट्रेनिंग किए हुए है, मगर वह राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी जो एक वर्ष की ट्रेनिंग किए…

अंतरराष्ट्रीय खेल ढांचे को यूं बर्बाद मत करो

भूपिंदर सिंह राष्ट्रीय एथलेटिक प्रशिक्षक आज प्रदेश के विभिन्न जिलों में कई खेलों के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करने वाली प्ले फील्ड बनकर तैयार हैं, मगर प्रदेश में खेल वातावरण के अभाव में खेल का यह स्तरीय ढांचा आज लावारिस बन गया…

कालेज स्तर पर खिलाडि़यों को सहयोग

भूपिंदर सिंह राष्ट्रीय एथलेटिक प्रशिक्षक प्रदेश में इस समय काफी निजी कालेज हैं, उन्हें भी हिमाचल के विद्यार्थी खिलाडि़यों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाना चाहिए। प्रदेश के सरकारी कालेजों के प्राचार्यों व शारीरिक…

धर्मशाला में खेलो इंडिया अकादमी

भूपिंदर सिंह राष्ट्रीय एथलेटिक प्रशिक्षक हिमाचल प्रदेश में कई खेलों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधा कई जिलों में बनी हुई है। हमीरपुर तथा बिलासपुर में दो एथलेटिक्स के लिए सिंथेटिक ट्रैक है। ऊना में हाकी के लिए…

सेमेस्टर में फिटनेस को जगह नहीं

भूपिंदर सिंह राष्ट्रीय एथलेटिक प्रशिक्षक हम चाहे कितने भी किताबी कीड़े बनकर अच्छे कालेजों से चिकित्सक, अभियंता, प्रबंधक, प्रशासनिक अधिकारी व कर्मचारी क्यों न बन जाएं, अगर हम शारीरिक रूप से फिट नहीं होंगे, तो हम ईमानदारी से देश व…

एथलेटिक्सः मंडी से नालागढ़ तक

भूपिंदर सिंह राष्ट्रीय एथलेटिक प्रशिक्षक मंडी से नालागढ़ तक के इस सफर के 45 वर्षों में काफी कुछ सुधरा है। हिमाचल में अंतरराष्ट्रीय स्तर के एक नहीं तीन सिंथैटिक टै्रक हैं। कई धावक-धाविकाएं राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता…

निचले स्तर तक पहुंचे प्रतिभा खोज

भूपिंदर सिंह राष्ट्रीय एथलेटिक प्रशिक्षक स्कूल स्तर पर अच्छे खिलाडि़यों के लिए प्रशिक्षण सुविधा का भी प्रबंध अनिवार्य रूप से होना चाहिए। सरकार को चाहिए कि शिक्षा विभाग के स्कूलों में हर बच्चे का बैटरी टेस्ट कम से कम…