पोलिथीन चादरों से ढककर रखें प्याज की क्यारियां

अमित विक्रम प्याज एक महत्त्वपूर्ण सब्जी एवं मसाला फसल है। इसमें प्रोटीन एवं कुछ विटामिन भी अल्प मात्रा में रहते हैं। प्याज में बहुत से औषधीय गुण पाए जाते हैं। प्याज का सूप, अचार एवं सलाद के रूप में उपयोग किया जाता है। भारत के प्याज उत्पादक राज्यों में महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश,  ओडिशा…
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पोलिथीन चादरों से ढककर रखें प्याज की क्यारियां

अमित विक्रम प्याज एक महत्त्वपूर्ण सब्जी एवं मसाला फसल है। इसमें प्रोटीन एवं कुछ विटामिन भी अल्प मात्रा में रहते हैं। प्याज में बहुत से औषधीय गुण पाए जाते हैं। प्याज का सूप, अचार एवं सलाद के रूप में उपयोग किया जाता है। भारत के प्याज उत्पादक राज्यों में महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश,  ओडिशा…
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पोलिथीन चादरों से ढककर रखें प्याज की क्यारियां

प्याज एक महत्त्वपूर्ण सब्जी एवं मसाला फसल है। इसमें प्रोटीन एवं कुछ विटामिन भी अल्प मात्रा में रहते हैं। प्याज में बहुत से औषधीय गुण पाए जाते हैं। प्याज का सूप, अचार एवं सलाद के रूप में उपयोग किया जाता है। भारत के प्याज उत्पादक राज्यों में महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश,  ओडिशा कर्नाटक, तमिलनाडु,…
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पोलिथीन चादरों से ढककर रखें प्याज की क्यारियां

प्याज एक महत्त्वपूर्ण सब्जी एवं मसाला फसल है। इसमें प्रोटीन एवं कुछ विटामिन भी अल्प मात्रा में रहते हैं। प्याज में बहुत से औषधीय गुण पाए जाते हैं। प्याज का सूप, अचार एवं सलाद के रूप में उपयोग किया जाता है। भारत के प्याज उत्पादक राज्यों में महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश,  ओडिशा कर्नाटक, तमिलनाडु,…
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आम के पेड़ों को ‘शाखा गांठ’ से बचाने को स्प्रे जरूरी

हिमाचल प्रदेश के निचले क्षेत्रों में आम एक महत्त्वपूर्ण फसल है तथा बागबानों की आय का मुख्य स्रोत है। विभिन्न प्रकार के नाशी कीट समय-समय पर आम के बागीचों में आक्रमण कर क्षति पहुंचाते हैं। जब तक फल वृक्षों पर लगे होते हैं, हमारे बागबान भाई एवं बहनों का ध्यान बागीचे पर होता है, किंतु फल तोड़ने के…
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अच्छी आय के लिए करें अखरोट की खेती

भारतवर्ष में उगाए जाने वाले गिरीयुक्त फलों में अखरोट (जुग्लैंस रिजिया) का सामाजिक एवं आर्थिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण स्थान है। प्रायः अखरोट का प्रत्येक भाग किसी न किसी रूप में प्रयोग में लाया जाता है। वैज्ञानिक विश्लेषणों के अनुसार अखरोट में ओमेगा-3 व ओमेगा-6 वसा उक्त होने की वजह से बेहतर एंटी…
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मानसून के बाद ‘वूली एफिड’ से रहें सचेत

अब थोड़े दिनों बाद मानसून के समाप्त होने का समय आ गया है। बागबान भाई एवं बहनें सेब तोड़ कर शीघ्र ही फारिग होने वाले हैं। इस व्यस्तता के बाद बागबानों का सेब के बागीचों की तरफ ध्यान थोड़ा कम हो जाता है, लेकिन यह समय ‘वूली एफिड ’ (रुएंदार तेला) के आक्रमण के लिए उपयुक्त है। इसकी बागीचों में पहचान…
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कृषि हेल्पलाइन

सेब के रोग को समझने में न करें गलती हिमाचल प्रदेश की आर्थिकी में सेब की खेती का महत्त्वपूर्ण योगदान है। सेब की खेती हिमाचल प्रदेश में लगभग एक लाख हेक्टेयर भूमि पर की जाती है, जिससे लगभग सात लाख मीट्रिक टन सेब का उत्पादन होता है। जहां सेब की खेती एक बहुत ही लाभदायक व्यवसाय है, वहीं सेब उत्पादन में…
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थीरम या ऑरियोफंजिन से दूर भागेगा सेब रोग

पहले आपने सेब में होने वाली बीमारियों के बारे में पढ़ा अब पढि़ए सेब की रोगथाम के बारे में... मृदा जनित बीमारियों का प्रबंधन मृदाजनित बीमारियों के प्रबंधन का मुख्य बिंदु इसी बात पर निर्भर करता है कि बीमारी के कारकों को कैसे एक्टिव स्टेट से दूर रखा जाए या कम से कम किया जाए। मृदा जनित बीमारियों के…
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रंग बदलते ही तोड़ लें टमाटर

फल मक्खी टमाटर एवं कद्दू वर्गीय सब्जियों की एक प्रमुख समस्या है। ये मक्खियां सीधा फलों पर आक्रमण करती हैं और एक अनुमान के अनुसार लगभग 40-50 प्रतिशत तक फलों को हानि पहुंचाती हैं। आजकल इनका आक्रमण काफी बढ़ जाता है। इन मक्खियों की पहचान बहुत जरूरी है, ताकि हमारे किसान भाई एवं बहनें जब इसे अपने खेत में…
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सेब बागीचों में ‘माइट’ प्रबंधन जरूरी

सेब ठंडे क्षेत्रों में रहने वाले बागबानों की आय का मुख्य स्रोत है। आजकल सेब मंडियों में पहुंचने लगा है। ऊपरी क्षेत्रों में अभी सेब के तुड़ान के लिए कुछ समय बाकी है। सेब के बागीचों में आजकल माइट का प्रकोप हो जाता है तथा बागबान यदि समय पर प्रबंधन के उपाय न अपनाएं, तो काफी क्षति हो जाती है। इस वर्ष…
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पूरी तरह खिलने के बाद ही तोड़ें फूल

इससे पहले आपने गुलदाउदी की खेती और  प्राकृतिक मौसम, किस्में और लगाने के तरीके के बारे में पढ़ा, अब आगे पढं़े पौधे के फूलों की तुड़ाई.. पौधे को सहारा देनाः गुलदाउदी के पौधें को तेज हवा से बचाने के लिए इन्हें सहारे की आवश्यकता होती है। आवश्यकता उस समय और भी बढ़ जाती है जब बड़े पुष्पों से उनके सिर…
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आजकल भी लगाई जा सकती है गुलदाउदी

सीता राम धीमान इससे पहले आपने गुलदाउदी की खेती और  प्राकृतिक मौसम, और किस्मों के बारे में पढ़ा अब आगे पढं़े पौधे लगाने का समय और इसकी सिंचाई गुलदाउदी लगाने से पहले मिट्टी को जीवाणु-रहित कर लिया जाए। मिट्टी को जीवाणु रहित करने के लिए सौर ऊर्जा विधि का प्रयोग किया जा सकता है।  इस विधि में भूमि को…
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गुलदाउदी के लिए समूचा हिमाचल उपयुक्त

सीता राम धीमान गुलदाउदी एक महत्त्वपूर्ण पुष्पीय फसल है तथा इसके पुष्पों को विभिन्न प्रकार से कटे फूल के रूप में, गमलों व स्थल सौंदर्य तथा मालाएं इत्यादि अलंकार बनाने के लिए  इस्तेमाल किया जाता है। संसार भर के कटे फूल के रूप में प्रयुक्त होने वाले पुष्पों में इसका गुलाब के बाद प्रमुख स्थान है। गमलों…
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नींबू प्रजाति फलों को ऐसे बचाएं रोगों से

गगनदीप सिंह नींबू प्रजातीय फल जैसे संतरा, किन्नु, माल्टा, मौसमी तथा नींबू हिमाचल प्रदेश के निचले इलाकों में किसानों की आय का प्रमुख स्रोत है। इन फल वृक्षों पर विभिन्न अवस्थाओं में लगने वाले हानिकारक कीट काफी क्षति पहुंचाते हैं, जिनका समय रहते प्रबंधन करना अति आवश्यक है। यदि बागबानों को इनके बारे…
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