किशन बुशैहरी

पंचायत प्रतिनिधियों का पंचायत में जातिगत एवं वर्गगत संख्या के आधार पर चयनित होना प्रदेश की पंचायतों के संतुलित व समग्र विकास की दिशा में सबसे प्रमुख अवरोध है। वर्तमान घटनाक्रमों से यह तथ्य प्रकट होता है कि मतदाता अपने क्षेत्र में स्वस्थ एवं सुदृढ़ लोकतांत्रिक व्यवस्था को स्थापित करने के प्रति उदासीन हैं… नववर्ष

किशन बुशैहरी लेखक नेरचौक से हैं कांगड़ा जिला के आलमपुर में एक शिक्षित विवाहित युवती की पारिवारिक सदस्यों द्वारा जघन्य हत्या तथा शिमला जिला के चर्चित गुडि़या बलात्कार एवं हत्याकांड में लगभग चार वर्ष के उपरांत भी प्रदेश पुलिस प्रशासन व केंद्रीय जांच ब्यूरो जैसी देश की प्रतिष्ठित जांच एजेंसी का किसी भी सार्थक परिणाम