
इस बार सियासत का केंद्र बिंदु रहा अर्की विधानसभा क्षेत्र खस्ताहाल सड़कों और बढ़ती बरोजगारी से तंग आ चुका है। कहने को तो यहां दो-दो सीमेंट काखाने हैं, पर नौजवान हाथों में काम नहीं। जनता चाहती है कि यहां पर्यावरण मित्र उद्योग लगा युवा पीढ़ी की तकदीर बदली जाए। हिचकोले खाती सड़कों को चकाचक किया
सुंदरनगर — 12-32-16 खाद के नाम बढ़ रही लूटपाट पर अंकुश लगाने के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों ने कमर कस ली है। प्रारंभिक दृष्टि में बल्ह घाटी में कृषि विभाग के एसएमएस डा. नेत्र सिंह ने सभी लाईसेंसधारक खाद विके्रताओं को लिखित में निर्देश जारी कर दिए हैं कि वे अपनी अपनी दुकानों के
Himachal This Week, Dharamshala India’s leading cement manufacturer company, Ambuja Cements Limited has launched an innovative green building offering for individual home builders – Ambuja Plus Cool Walls. The revolutionary product with ‘Heat Barrier Technology’ maintains a 5° C temperature difference indoors – no matter how hot or cold the external temperature is – thus
विश्व मधुमेह दिवस पर लगे शिविरों के दौरान सामने आए मामले मंडी — जिला में मंडी में शुगर के नए 595 मरीज हो सकते हैं। विश्व मधुमेह दिवस पर जिला भर के अस्पतालों में मुफ्त में किए गए शुगर टेस्ट के बाद यह आंकड़ा सामने आया है। इसके अलावा टेस्ट में 996 मामले ऐसे आए
हमीरपुर —सस्ते राशन की दुकानों से चीनी व सरसों तेल गायब हो गया है। राशनकार्ड धारकों को बाजार से महंगे दामों पर सामान खरीदना होगा। आधा-अधूरा राशन मिलने से राशनकार्ड खासे परेशान हैं। उन्हें महंगाई के दौर में रसोई खर्च निकालना मुश्किल हो रहा है। जिला के एपीएल, बीपीएल, अंतोदय व पीएच राशनकार्ड धारकों को
चैलचौक, थुनाग – बालीचौकी तहसील के डाहर गांव में अग्निकांड प्रभावितों को विधिक सेवा प्राधिकरण कमेटी उपमंडल गोहर की ओर से निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। कमेटी गांव के प्रभावितों को उनके राख हो चुके दस्तावेजों को बनाने में भी हरसंभव मदद करेगी। यह जानकारी पैनल लॉयर अधिवक्ता हेम सिंह ठाकुर ने डाहर गांव
दरगेला, ठंबा, बरबाला, रेहलू, भटेच्छ, टूडुं-ठारू के उपभोक्ता सिग्नल न होने से हो रहे परेशान धर्मशाला – जिला कांगड़ा के शाहपुर के आधा दर्जन गांवों में मोबाइल में बस हैलो-हैलो तक ही बात हो पा रही है। शाहपुर के दरगेला, ठंबा, बरबाला, रेहलू, भटेच्छ, टूडुं और ठारू सहित अन्य गांवों में सभी मोबाइल टेलीकॉम कंपनियों
सीपीआई शहरी कमेटी ने लगाया आरोप, सैहब सोसायटी पर भी मंडरा रहे संकट के बादल शिमला – शिमला में सफाई व्यवस्था पटरी से उतर गई है। सैहब कर्मचारियों द्वारा नौकरी छोड़ने से शहर में डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन योजना भी फेल हो रही है। जो आए दिन जनता के लिए परेशानी का सबब बन रही है।