
जो बिजनेस सही वैल्यू देते हैं, उन्हें ऐसे सिस्टम से डरने की कोई जरूरत नहीं है जो यह पक्का करता है कि बार-बार पेमेंट लेने से पहले ग्राहक पूरी तरह से जानकारी रखें...
कई यूरोपीय देशों ने युद्ध के खिलाफ खुलकर आवाज उठाई। हालांकि, कई अन्य देशों की सरकारें ईरान के खिलाफ अमरीका की आक्रमकता के बारे में बोलने से खुद को रोक रही थीं, लेकिन भारत सहित कई देशों के लोगों और मीडिया ने इस ‘अन्यायपूर्ण’ युद्ध के खिलाफ भरपूर आवाज उठाई। कई खाड़ी देश, जिन्हें इस युद्ध के कारण नुकसान उठाना पड़ रहा था, सबसे ज्यादा चिंतित थे...
स्वच्छ ईंधन की बात करें तो, जहां 2014 में केवल 13 करोड़ एलपीजी कनेक्शन थे, वहीं अब यह संख्या 34 करोड़ से ज्यादा हो गई है। खास बात यह है कि इनमें से 10 करोड़ नए कनेक्शन उज्ज्वला योजना के तहत दिए गए...
सरकार बदलने के बाद आज परिस्थिति बदली है और आशा की जा सकती है कि भाजपा की स्थायी सरकार बनने के बाद निवेशक पश्चिम बंगाल की तरफ आकर्षित होंगे। 1991 के बाद अनुकूल वातावरण के कारण अन्य राज्यों को विदेशी और घरेलू निवेश प्राप्त हुआ...
घुसपैठ वाले इलाकों में सार्वजनिक सेवाओं पर दबाव बनता जा रहा है। इन घुसपैठियों ने अवैध रूप से आधार कार्ड और राशन कार्ड तक बना लिए हैं। इससे ज्यादा प्रवासी आबादी वाले इलाकों में स्वास्थ्य, शिक्षा, साफ-सफाई और रियायती भोजन व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है...
आज जो भी सोने में निवेश करना चाहे, वो ईटीएफ में पैसा लगा सकता है, और सोने में मूल्य वृद्धि का लाभ ले सकता है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने 4 मई 2026 को एक नए ट्रेडिंग सेगमेंट के तौर पर इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रसीद (ईजीआर) की शुरुआत की है...
पिछले लगभग 3 माह से चल रहे युद्ध के चलते देश के समक्ष एक बड़ी समस्या आ खड़ी हुई है, जो कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, बाधित आपूर्ति आदि के कारण देश में महंगाई बढऩे लगी है। इसलिए दीर्घकाल के लिए जो प्रयास हो रहे हैं, वे अल्पकाल के लिए शायद काफी नहीं हैं। देश में आने वाले कुछ समय तक पेट्रोलियम पदार्थों की कमी को भी दूर करना जरूरी है...
अगर हम भारत द्वारा आयात किए जाने वाले मुख्य सामानों पर नजर डालें, तो उनमें पेट्रोलियम उत्पाद, सोना, खाने का तेल, रासायनिक उर्वरक आदि शामिल हैं। विदेशी मुद्रा के बाहर जाने का एक और मुख्य कारण भारतीयों द्वारा की जाने वाली विदेश यात्राओं पर किए जाने वाला खर्च है। हम आयात कम करके विदेशी मुद्रा बचा सकते हैं, और रुपए को मजबूत भी कर सकते हैं....
कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि दुनिया में एक ओर जहां डॉलर का प्रभुत्व कम हो रहा है, वहीं दुनिया एकधु्रवीय प्रणाली से बदलकर बहुध्रुवीय होती जा रही है। डॉलर के महत्व की कमी अचानक नहीं हुई, बल्कि यह एक लंबी प्रक्रिया के कारण हो रहा है। लेकिन इसके साथ ही अमरीका आज एकमात्र बड़ी महाशक्ति नहीं, बल्कि दुनिया की बड़ी शक्तियों में से एक है...
कांग्रेस का यह तर्क कि सरकार महिलाओं के लिए आरक्षण को परिसीमन को आगे बढ़ाने के लिए एक बहाने के तौर पर इस्तेमाल कर रही है, जिससे कुछ खास इलाकों को फायदा हो सकता है, सही नहीं ठहरता...