डा. अश्विनी महाजन, कालेज एसोशिएट प्रोफेसर

प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (पीएमईएसी) द्वारा हाल ही में जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार 1950 से लेकर 2015 तक कुल जनसंख्या में बहुसंख्यक हिंदू आबादी की हिस्सेदारी में 7.82 प्रतिशत की कमी आई है, जबकि मुस्लिम आबादी की हिस्सेदारी में 43.15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि कई अन्य देशों में भी, जहां बहुसंख्यक आबादी

देखा गया है कि जीएसटी की प्राप्तियों में आयात पर लगाए गए कर और उपकर (सेस) भी शामिल हैं। उस दृष्टि से उपकर मिलाकर अप्रैल 2024 में आयात से कुल जीएसटी प्राप्तियां 38834 करोड़ रुपए की हैं। यदि यह कहा जाता है कि जीएसटी में होने वाली वृद्धि का एक कारण बढ़ते हुए आयात भी हैं, तो यह बात आंकड़ों से सिद्ध नहीं होती। गौरतलब है कि जहां अप्रैल 2024 को आयातों पर कर से जीएसटी प्राप्ति 38834 करोड़ रुपए रही है, तो पूरे वर्ष 2023-24 में आयातों से औसत जीएसटी (उपकर समेत) 41327 करोड़ रुपए मासिक रहा था। इससे पहले वर्ष 2022-23 में आयातों से जीएसटी (उपकर स

गौरतलब है कि गहनों के रूप में सोने की मांग पहले के मुकाबले में लगातार घटती जा रही है, जबकि निवेश के रूप में सोने की मांग लगातार बढ़ रही है। इस बीच पिछले सालों में केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की खरीद में अभूतपूर्व वृद्धि ने दुनिया में सोने की मांग बढ़ा दी है। यदि सोने के भाव की बात करें तो पिछले दो-तीन वर्षों में सोने की कीमत में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है...

हैदराबाद में एक रैली में, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने संकेत दिया कि अगर कांग्रेस सत्ता में आती है तो पार्टी जाति सर्वेक्षण के वादे के बाद देश की संपत्ति, नौकरियों और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का आर्थिक रूप से पुनर्निर्धारण करेगी। उन्होंने कथित तौर पर कहा, ‘हम एक जाति जनगणना करेंगे ताकि पिछड़े, एससी, एसटी, सामान्य जाति के गरीबों और अल्पसंख्यकों को पता चले कि देश में उ

भारत सरकार को सजग रहते हुए एपीआई के क्षेत्र में चीन द्वारा की जा रही डंपिंग को रोकने के लिए हरसंभव प्रयास करने होंगे। अन्य रसायनों के क्षेत्र में भी यह बात लागू होती है...

इन सब प्रयासों के मद्देनजर सरकार द्वारा प्रोत्साहित सभी क्षेत्रों में निवेश में अभूतपूर्व वृद्धि देखने को मिल रही है। इससे आयातों पर अंकुश लगेगा व निर्यातों को भी प्रोत्साहन मिलेगा...

अन्य राज्यों में भी शराब पर उच्च उत्पाद शुल्क लगाया जाता है और इसका उद्देश्य कभी भी बड़ा राजस्व कमाना नहीं होता। बहरहाल यह ठीक नहीं कि केजरीवाल राजनीतिक प्रतिशोध के शिकार हैं...

केंद्रीय राजस्व में हिस्सेदारी के अलावा, इन राज्यों को महत्वपूर्ण राजस्व घाटा अनुदान भी दिया गया। राष्ट्रीय एकता और क्षेत्रीय सद्भाव के मुद्दों पर हमें अलगाववादी बयानों से बचना चाहिए...

अपनी ऋण जाल कूटनीति के माध्यम से चीन बीआरआई में भाग लेने वाले देशों से प्रमुख रणनीतिक संपत्ति और स्थान छीनने में सक्षम हो गया है। इसलिए इसे रोकने की जरूरत थी...

इस प्रावधान पर सर्वोच्च न्यायालय ने आपत्ति जताई है और कहा है कि चुनावी चंदे के लेन-देन में समुचित पारदर्शिता होनी चाहिए। अभी इस ताजा फैसले में अदालत ने इलेक्टोरल बॉन्ड की व्यवस्था को रोक दिया है और कहा है कि भारतीय स्टेट बैंक इलेक्टोरल बॉन्ड जारी करना बंद कर दे। सर्वोच्च न्यायालय की प्रमुख आपत्ति पारदर्शिता को लेकर ही है। जो व्यवस्था इलेक्टोरल बॉन्ड के आने से पहले से थी और जिस प्रकार राज