अपनी माटी

मंडी जिला के पंजयाणु गांव की महिलाएं बनी मिसाल खेती को दिया बढ़ावा स्टाफ रिपोर्टर—शिमला हिमाचल प्रदेशके पहाड़ों की ओट में बिखरे पड़े खेत-खलिहानों में प्राकृतिक तौर पर उपजाई जा रही फसलें आज हर किसी को आकर्षित कर रही हैं। बिना किसी रसायन उर्वरक के उपयोग अथवा कीटनाशक के छिडक़ाव के बजाय पूरी तरह प्राकृतिक

तरगाड़ी गांव की महिला किसान अनिता नेगी ने पेश की मिसाइल, राज्यपाल ने भी की तारीफ मोहर सिंह पुजारी-कुल्लू प्राकृतिक खेती के लिए पहले परिवार से खूब डांट मिलती रही। छह महीने काम छोड़ दिया, फिर प्राकृतिक खेती की उम्मीद जागी। जब प्रोडेक्ट तैयार कर दिया तो आज महिला किसान मास्टर ट्रेनर बन गई। हम

गोभी में तेले-सुंडियों की रोकथाम के लिए मैलाथियान 50 ईसी का करें छिड़काव कार्यालय संवाददाता — पालमपुर भूरी सरसों व राया की फसल में इन दिनों तेले का अत्याधिक प्रकोप होता है। तेले की रोकथाम के लिए फसल पर साइपरमैथरिन-10 ईसी या मिथाइल डेमिटान 25 ईसी या 60 मिली डाइमिथोएट 30 ईसी ( 1.0 मिली

टमाटर, बैंगन, मिर्च और शिमला मिर्च की पनीरी की बिजाई के लिए समय उचित कार्यालय संवाददाता — पालमपुर प्रदेश के निचले पर्वतीय क्षेत्रों में भिंडी की पालम कोमल, पी-8, अर्का अनामिका, वर्षा उपहार, यूएस 6125 (संकर), पंचाली (संकर), उमंग (संकर) , इंद्रनील (संकर), पूर्वी (संकर), कान्ति (संकर) इत्यादि तथा फ्रांसबीन की कंटेडर, प्रीमीयर, पालम मृदुला,

स्टाफ रिपोर्टर — शिमला खेतों में फसलों को नाइट्रोजन उपलब्ध करवाने के लिए अब बोरियों में यूरिया खाद खरीदने की जरूरत नहीं है। इफ्को कंपनी ने अब नेनो यूरिया लांच किया है। खाद की 45 किलों की एक बोरी का काम सिर्फ 500 एमएल की एक बोतल से हो जाएगा। कंपनी के राज्य विपणन प्रबंधन

दिव्य हिमाचल ब्यूरो-मनाली एशिया की सबसे बड़ी लाहुल पोटेटो सोसायटी के दिन फिर बहुरने लगे हैं। घाटे में चल रही इस संस्था के प्रति किसानों का रुझान बढ़ऩे लगा है। लाहुल घाटी के किसान अपने बीज आलू को एलपीएस के माध्यम से बेच रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों से गिरे आलू बीज की आमद का

औद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय का ट्रायल हुआ सफल चार वर्ष पहले लगाए गए पौधे में अब फल लगना हुए शुरू स्टाफ रिपोर्टर-हमीरपुर हिमाचल में अब औषधीय गुणों से भरपूर एवोकाडो फल की अपनी पैदावार होगी। इससे जहां बागबानों की आर्थिकी सुदृढ़ होगी, वहीं प्रदेश में भी एवोकाडो का फल उपलब्ध हो जाएगा। एवोकाडो के पौधों

नौहराधार। सिरमौर जिला के ऊपरी क्षेत्र नौहराधार, हरिपुरधार में मटर की फसल शुरू हो चुकी है, मगर इस वर्ष इन क्षेत्रों में 20 फीसदी फसल भी नहीं है। अत्यधिक बारिश ने इस क्षेत्र में मटर की फसल को 80 फीसदी तबाह कर दिया है। इस समय सब्जी मंडियों में मात्र नोहराधार से एक या दो पिकअप भी...

सीएसआईआर-आईएचबीटी ने प्रदेश में सिनामोमम वेरम की खेती का किया आगाज कार्यालय संवाददाता — पालमपुर प्रदेश में दालचीनी की खेती की शुरुआत हो गई है। सीएसआईआर- आईएचबीटी ने जिला ऊना के गांव खोलीं से इसका आगाज कर दिया है। हिमालय जैवसंपदा प्रौद्योगिकी संस्थान प्रदेश में सिनामोमम वेरम यानि दालचीनी की खेती की शुरुआत आईसीएआर-भारतीय मसाला