सम्मान के इंतजार में हिमाचली पदकधारी

भूपिंदर सिंह (लेखक, पेनल्टी कार्नर पत्रिका के संपादक हैं ) ओलंपिक, एशियाई व राष्ट्रमंडल खेलों में हिमाचली पदक विजेता खिलाड़ी आज भी सम्मानजनक नौकरी का इंतजार कर रहे हैं । पूजा ठाकुर ही इस समय हिमाचल में नौकरी कर रही हैं। शेष सभी हिमाचल…

प्रशिक्षकों की राह ताकती प्रतिभाएं

भूपिंदर सिंह ( लेखक, पेनल्टी कार्नर पत्रिका के संपादक हैं) हिमाचल में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, पर प्रशिक्षकों की जरूर कमी है। बाकी सहूलियतें भी खिलाडि़यों को पूरी नहीं मिल पाती हैं। इससे खिलाडि़यों का मनोबल गिरता है। खेल विभाग को इस…

साहसिक खेलों का आश्रय बने हिमाचल

भूपिंदर सिंह लेखक, पेनल्टी कार्नर पत्रिका के संपादक हैं इस समय हिमाचल में बिलिंग अंतरराष्ट्रीय पैराग्लाइडरों का स्वर्ग है। हिमाचल प्रदेश में सतलुज, ब्यास, रावी तथा चिनाब सहित कई सहायक नदियां बहती हैं। उनमें रिवर राफ्टिंग जैसे साहसिक खेल…

हर स्तर पर मिले शारीरिक शिक्षा को अधिमान

भूपिंदर सिंह लेखक ( पेनल्टी कार्नर पत्रिका के संपादक हैं ) विकसित देशों में किशोर व युवा अवस्था में सामान्य फिटनेस का जिम्मा शिक्षा संस्थानों के ऊपर होता है। वहां हर शिक्षा संस्थान के पास भरपूर स्टाफ के साथ शारीरिक शिक्षा व स्वास्थ्य…

नशे की लत से बचाएगी खेल की धुन

भूपिंदर सिंह लेखक (  पेनल्टी कार्नर पत्रिका के संपादक हैं ) स्कूली स्तर पर पढ़ाई के साथ-साथ खेलों के लिए उपयुक्त वातावरण जरूरी हो जाता है। आज जब चारों तरफ नशे के सौदागर घूम रहे हैं। ऐसे में अभिभावकों को अपने विद्यार्थी बच्चों की चिंता सता…

खेल पर भारी सरकारी नौकरी की चाह

भूपिंदर सिंह (लेखक, पेनलटी कार्नर पत्रिका के संपादक हैं) हिमाचल के युवक रोज सुबह-शाम सड़कों पर दौड़ते देखे जा सकते हैं, मगर अधिकतर सेना तथा सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए ही अभ्यास करते हैं। अच्छी धाविकाएं भी राज्य पुलिस तथा वन विभाग में…

लावारिस बन गया है प्रदेश का खेल ढांचा

भूपिंदर सिंह लेखक ( पेनलटी कार्नर पत्रिका के संपादक हैं ) दुख होता है देखकर कि करोड़ों रुपए से बनी ये अंतरराष्ट्रीय प्ले फील्ड बदहाली में लावारिस पड़ी आंसू बहा रही हैं। प्रदेश में प्रशिक्षण कार्यक्रम लगभग बंद पड़ा है, एक दो…

इस खेल कैलेंडर को सुविधाएं भी चाहिए

भूपिंदर सिंह लेखक ( पेनलटी कार्नर पत्रिका के संपादक हैं ) वाटर स्पोर्ट्स जैसा कठिन व खतरनाक खेल लगातार तथा उचित प्रशिक्षकों को देखरेख में ही संभव है। इसलिए इसे जनप्रिय बनाने के लिए जहां इसके खेल प्रशिक्षकों व उपकरणों की सख्त जरूरत है,…

नियमितता दिलाएगी ओलंपिक का टिकट

भूपिंदर सिंह लेखक, पेनलटी कार्नर पत्रिका के संपादक हैं हिमाचल के धावकों व धाविकाओं को दृढ़ निश्चय से लंबे समय तक अपना प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी रखें। फिर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पदक तालिका में लाते हुए ओलंपिक तक का सफर पूरा करें। इसके…

सुधार के ट्रैक पर साई धर्मशाला

( भूपिंदर सिंह लेखक, पेनलटी कार्नर पत्रिका के संपादक हैं ) धर्मशाला खेल छात्रावास से कबड्डी में अंतरराष्ट्रीय स्तर तक महिला खिलाडि़यों का प्रदर्शन काफी ऊंचा रहा है। एथलेटिक्स में भी इस समय हरमिलन ने तीन से पांच जून को वियतनाम के शहर होची…

जीवंत बनें ऊना-बिलासपुर के खेल छात्रावास

(भूपिंदर सिंह लेखक, पेनलटी कार्नर पत्रिका के संपादक हैं) किसी भी खेल में  बेहतर परिणाम लाने के लिए खिलाड़ी को खेल सुविधाएं तो देनी ही चाहिए, पर इन सबके बावजूद प्रशिक्षक का होना भी उतना ही जरूरी है। कहा भी गया है कि बिन गुरु ज्ञान नहीं…

भूपिंद्र सिंह

भूपिंद्र सिंह राष्ट्रीय स्तर के एथलेटिक कोच हैं। वर्तमान में वह ओलंपियन ओपी सिंह के साथ कार्य कर रहे हैं। वह हिमाचल प्रदेश एथलेटिक एसोसिएशन के मुख्य कोच और राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर में एथलेटिक कोच रह चुके हैं। वह पेनल्टी कार्नर पत्रिका के…