
पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार आंवले के पेड़ के नीचे बैठकर खाना खाने की प्रथा की वजह से ही हम आंवले जैसे गुणकारी और पौष्टिक फल देने वाले पेड़ को सुरक्षित रख सकेंगे। उनकी इस व्याख्या ने मुझे मेरी गलती का भान कराया। आज हम सूर्य को जल देने अथवा चुटिया रखने जैसी प्रथाओं का सम्मान
पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार विद्वान व्यक्ति गेंद की तरह होता है और मूर्ख मिट्टी के ढेले की तरह। नीचे गिरने पर गेंद तो फिर ऊपर आ जाएगा, पर मिट्टी का ढेला नीचे ही रह जाएगा। यानी कठिन समय आने पर या सब कुछ छिन जाने पर भी विद्वान व्यक्ति उन्नति के रास्ते दोबारा निकाल लेगा,
पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार कांग्रेस न तो चुनाव के लिए तैयार थी और न ही कांग्रेस हाइकमान में दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए कोई जोश था। एक ओर जहां कांग्रेस को अपनी चुप्पी का खामियाजा भुगतना पड़ा कि उसके 67 उम्मीदवारों की जमानतें तक जब्त हो गईं, वहीं भाजपा ने अत्यधिक शोर मचाने, और वह
पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार विधानसभा के चुनाव और देश व दिल्ली की भावी राजनीति इतनी बड़ी खबरें हैं कि लगता है देश भर की सारी समस्याएं खत्म हो गई हैं, सारे मुद्दे अप्रासंगिक हो गए हैं। राजनीतिज्ञों को तो जनता को अंट-शंट बातों से मुद्दे भुलाकर फुसलाने की आदत थी ही, अब मीडिया भी इस
पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार नायडू ने बाकायदा एक पूरा विभाग खड़ा किया था जिसका काम जनता की शिकायतें नोट करना और उन्हें दूर करना था, लेकिन हर विभाग की तरह यह विभाग भी असल में कागजी कार्रवाई में लिप्त रहा और मुख्यमंत्री को झूठी रिपोर्ट देकर खुश करता रहा। चंद्रबाबू नायडू ने अगर एक सबक
पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार एक तरफ महंगाई का तांडव है, दूसरी तरफ मांगों का सिलसिला। लोग तनाव में जी रहे हैं और इसका दुष्प्रभाव जीवन के हर क्षेत्र में देखा जा सकता है। तनावग्रस्त व्यक्ति खुद पर काबू नहीं रख पाता और किसी ऐसी जगह या ऐसे समय अपना गुस्सा उगल देता है कि जीवन
पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार सत्या नडेला भारतीय मूल के हैं। वे अमरीका में रह रहे हैं और उन्हें माइक्रोसॉफ्ट जैसी वैश्विक बहुराष्ट्रीय कंपनी का सीईओ बनने का अवसर मिला। वह यह कहना चाह रहे हैं कि अन्य देशों के लोग यदि भारत में आएं तो उन्हें यहां की कंपनियों का सीईओ बनने का अवसर उपलब्ध
पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार मोदी की कल्पनाशीलता और वाक्पटुता का आलम यह है कि विपक्षी दलों को कुछ भी सूझता ही नहीं और मोदी विकेट पर विकेट लिए जा रहे हैं या रन पर रन बनाए जा रहे हैं। विपक्षी दलों के विकेट गिर रहे हैं और मोदी रन लेते चल रहे हैं। नोटबंदी एक
पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार आज हमारे सामने कई चुनौतियां दरपेश हैं। समाज में विषमता बढ़ती जा रही है और अब यह केवल एक स्थान पर आर्थिक विषमता तक सीमित नहीं रह गई है बल्कि भौगोलिक रूप से भी यह एक नई समस्या के रूप में उभर रही है जिस पर शायद किसी का ध्यान नहीं